बांग्लादेश ने ममता बनर्जी की मोदी सरकार से की शिकायत, कहा- संबंध अच्छे हैं, लेकिन ये बातें बर्दाश्त नहीं
Bangladesh on Mamata Banerjee: बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार को एक कूटनीतिक नोट भेजा है, जिसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक बयान को लेकर गहरी आपत्ति जताई गई है।
बांग्लादेश ने भारत सरकार को जो डिप्लोमेटिक नोट भेजा है, उसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान का विरोध किया गया है, जिसमें उन्होंने बांग्लादेशी शरणार्थियों को आश्रय देने की बात कही थी।

बांग्लादेश में इस वक्त सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के खिलाफ छात्रों ने आंदोलन कर रखा है और ये आंदोलन लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसको लेकर आशंका जताई गई है, कि इस आंदोलन के अंत में देश में शरणार्थी संकट शुरू हो सकता है। अभी तक इस विरोध प्रदर्शन में 160 से ज्यादा लोग मारे गये हैं और हिंसा की आग लगातार फैलती ही जा रही है।
ममता बनर्जी के बयान का बांग्लादेश ने किया विरोध
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश के विदेश मंत्री हसन महमूद ने कहा है, कि ममता बनर्जी की टिप्पणी लोगों में भ्रम पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा, "(पश्चिम बंगाल की) मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति पूरे सम्मान के साथ मैं कहना चाहूंगा, कि हमारे उनके साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। हमारे बीच गहरे संबंध हैं। लेकिन उनकी टिप्पणियों ने कुछ हद तक भ्रम पैदा किया है और गुमराह होने की गुंजाइश है।"
हसन ने कहा, कि विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे के बारे में एक राजनयिक नोट के माध्यम से भारत सरकार को सूचित किया है। यह बयान पश्चिम बंगाल की सीएम की तरफ से बांग्लादेश में हिंसा से प्रभावित लोगों को आश्रय देने की पेशकश के बाद आया है।
ममता बनर्जी ने क्या कहा था?
कोलकाता में टीएमसी की 'शहीद दिवस' रैली में आश्रय की पेशकश करते हुए ममता बनर्जी ने कहा था, कि बंगाल पड़ोसी देश से संकट में फंसे लोगों के लिए अपने राज्य के दरवाजे खुले रखेगा। उन्होंने शरणार्थियों पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का हवाला देते हुए बांग्लादेश में संभावित मानवीय संकट पर अपने रुख को सही ठहराया, जो पिछले कुछ दिनों से हिंसा का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा, कि "मुझे बांग्लादेश के मामलों पर नहीं बोलना चाहिए, क्योंकि वह एक संप्रभु राष्ट्र है और इस मुद्दे पर जो कुछ भी कहने की जरूरत है, वह केंद्र का विषय है। लेकिन मैं आपको यह बता सकती हूं, कि अगर असहाय लोग बंगाल के दरवाजे खटखटाते हैं, तो हम निश्चित रूप से उन्हें आश्रय देंगे।"
इसके अलावा, ममता बनर्जी ने उन बांग्लादेशी नागरिकों को भी सहायता देने की बात कही है, जो बंगाल आए थे, लेकिन घर लौटने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की 21 जुलाई की टिप्पणी बांग्लादेश की राजधानी ढाका और अन्य जगहों पर सरकारी नौकरियों के लिए कोटा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के कारण बढ़ती हिंसा के मद्देनजर आई थी। प्रदर्शनकारी उस कोटा प्रणाली को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं, जिसके तहत 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम में लड़ने वाले दिग्गजों के रिश्तेदारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत तक आरक्षण दिया जाता है।

बांग्लादेश में क्या हो रहा है?
बांग्लादेश सरकार ने मंगलवार को कहा है, कि वह सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले पर ध्यान देगी, जिसमें कहा गया है कि राज्य की 93 प्रतिशत नौकरियों में प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, जो देश में वर्षों में हुए सबसे घातक विरोध प्रदर्शनों के एक सप्ताह बाद छात्रों की एक प्रमुख मांग को पूरा करता है। हालांकि, छात्रों ने कर्फ्यू हटाने, इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने और यूनिवर्सिटी को फिर से खोलने सहित नई मांगें उठाई हैं।
शेख हसीना की सरकार ने अशांति को रोकने में मदद करने के लिए लगाए गए कर्फ्यू में ढील देने की घोषणा की हैं और बुधवार से इसे सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच हटा दिया गया, ताकि लोग आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी कर सकें, साथ ही कार्यालय सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच फिर से खुलेंगे। 17 करोड़ की आबादी वाले इस दक्षिण एशियाई देश में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों के बाद बांग्लादेशी अधिकारियों ने मोबाइल इंटरनेट भी बंद कर दिया और सेना को तैनात कर दिया है।
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार ने 2018 में कोटा खत्म कर दिया था, जिसके तहत विभिन्न श्रेणियों के लोगों के लिए राज्य की 56 प्रतिशत नौकरियां आरक्षित थीं, जिसमें देश के 1971 के स्वतंत्रता संग्राम में लड़ने वालों के परिवारों के लिए 30 प्रतिशत शामिल थे। लेकिन, पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने कोटा को फिर से लागू करने का आदेश दे दिया, जिसके बाद छात्रों का प्रदर्शन शुरू हो गया।












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