Bangladesh Crisis: राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने अंतरिम सरकार बनाने को दी मंजूरी, खालिदा जिया की रिहाई मुकर्रर!
Bangladesh Crisis: देश की सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना की सत्ता का सोमवार को पतन हो गया। उनके इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने देश चलाने के लिए एक अंतरिम सरकार बनाने का फैसला किया है। यह फैसला जुलाई के मध्य से शुरू हुई हालिया अशांति के बीच लिया गया है, जिसमें 400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
बंगभवन के सहायक प्रेस सचिव मुहम्मद शिप्लू ज़मान द्वारा हस्ताक्षरित एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह निर्णय सेना, नौसेना, वायु सेना के प्रमुखों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और नागरिक समाज के सदस्यों के साथ वर्तमान स्थिति पर चर्चा के बाद बंगभवन में एक बैठक के दौरान लिया गया।

खालिदा जिया की रिहाई का फरमान, गिरफ्तार सभी छात्र आजाद!
बैठक में बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को रिहा करने का भी निर्णय लिया गया, जो कई मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद घर में नजरबंद हैं। सेना को बर्बरता को रोकने और कानून प्रवर्तन सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है, जो सोमवार दोपहर शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद गंभीर रूप से बिगड़ गया। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने उन सभी छात्रों की रिहाई को भी मंजूरी दे दी, जिन्हें हाल ही में चल रहे आरक्षण सुधार आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
ढाका टेब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में एक शोक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें आरक्षण विरोधी आंदोलन के दौरान छात्रों और अन्य लोगों की मृत्यु पर गहरा आघात व्यक्त किया गया। बैठक में उपस्थित नेताओं ने सभी धर्मों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया, क्योंकि सोमवार दोपहर से देश भर में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक धर्मों के कई घरों और पूजा स्थलों को आग लगा दी गई है।
कौन-कौन बैठक में रहा मौजूद?
थल सेनाध्यक्ष जनरल वेकर-उज़-ज़मान, नौसेना स्टाफ के प्रमुख एडमिरल एम नजमुल हसन, एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान, बीएनपी नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और मिर्जा अब्बास, जातीय पार्टी के नेता जीएम क्वाडर, मुजीबुल हक चुन्नू और अनीसुल इस्लाम महमूद , नागोरिक ओइक्या नेता महमूदुर रहमान मन्ना, हिफ़ाज़त-ए-इस्लाम नेता मावलाना मामुनुल हक समेत कई अन्य मौजूद रहे।












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