असम NRC पर बांग्लादेश ने पल्ला झाड़ा, भारत का आंतरिक मामला, ये हमारे नागरिक नहीं
असम NRC पर बांग्लादेश ने पल्ला झाड़ा, भारत का आंतरिक मामला, ये हमारे नागरिक नहीं शॉर्ट हेडलाइन असम NRC पर बांग्लादेश- ये हमारे नागरिक नहीं
नई दिल्ली। असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (NRC) पर भारत में मच रहे जोरदार हंगामे के बीच बांग्लादेश से बड़ी अहम प्रतिक्रिया आई है। असम में रह रहे जिन 40 लोगों के नाम NRC से हटाए गए हैं, उन्हें भारत उन्हें अपना नागरिक नहीं मानता। वे अवैध तरीके से भारत में घुसे बांग्लादेशी हैं। उधर इस मुद्दे पहली प्रतिक्रिया देते हुए बांग्लादेश सरकार के एक मंत्री ने कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है। न्यूज 18 बात करते हुए सूचना मंत्री हसन उल हक ने कहा, 'यह भारत और असम का आंतरिक मामला है, बांग्लादेश का इस मामले से कुछ लेना-देना नहीं है और न ही ये लोग (40 लाख) हमारे हैं। हो सकता है कि वे असम के पड़ोसी राज्यों के हों। इस मामले में बांग्लादेश की भागीदारी का कोई मामला नहीं उठता।

बांग्लादेश तो आधिकारिक बयान देने तक को तैयार नहीं
बांग्लादेश के सूचना मंत्री हसन उल हक ने तो यहां तक कह दिया कि भारत सरकार ने बांग्लादेश को आधिकारिक तौर पर सूचना नहीं दी है, इसलिए उनकी सरकार को आधिकारिक बयान देने की भी कोई जरूरत नहीं है। बांग्लादेशी मंत्री ने कहा कि आजादी की लड़ाई के वक्त सहमति समझौते के तहत बांग्लादेश के लोगों ने भारत में शरण ली थी, लेकिन बाद में उन्हें वापस भेज दिया गया, जहां उनका पुनर्वास कर दिया गया। इसके बाद भारत में किसी भी बांग्लादेशी शरणार्थी के होने की रिपोर्ट उनकी सरकार के पास नहीं है।

तेजी से बढ़ रही बांग्लादेश की व्यवस्था, हमारे नागरिक को बाहर जाने की जरूरत नहीं
बांग्लादेश के सूचना मंत्री ने तो यह कहकर तंज भी कस दिया कि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था अच्छी खासी बढ़ रही है, ऐसे में किसी बांग्लादेशी को भारत जाने की जरूरत ही नहीं है। बांग्लादेश के मंत्री हसन उल हक ने आगे कहा कि अगर वे लोग बांग्लादेशी हैं तो भारत सरकार को आधिकारिक तौर पर बात करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में बांग्लादेश असम सरकार से किसी प्रकार का संवाद नहीं करेगा।

संसद में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने की रोहिंग्याओं को वापस भेजने की बात
असम में NRC से 40 लाख लोगों के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर संसद में भी जोरदार हंगामा हुआ। तृणमूल कांग्रेस की अगुआई में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और वाम दलों ने पहले संसद परिसर और फिर सदन में सरकार पर हमला बोला। NRC पर चर्चा के बीच संसद में रोहिंग्या शरणार्थियों का मुद्दा भी उठा। इस पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सदन को बताया कि भारत सरकार की इस विषय पर म्यांमार से बातचीत चल रही है। उन्होंने फरवरी 2018 में जारी एडवाइजरी का जिक्र कर राज्य सरकारों से रोहिंग्याओं पर नजर रखने की अपील की। राजनाथ सिंह ने राज्य सरकारों से आग्रह किया है कि वे राज्य में रोहिंग्याओं की संख्या के बारे में गृह मंत्रालय को सूचना दें। इसी के आधार पर जानकारी विदेश मंत्रालय को दी जाएगी और विदेश मंत्रालय म्यांमार के साथ इनको डिपोर्ट करने पर बातचीत करेगा।

अवैध बांग्लादेशियों का क्या होगा इस पर कुछ नहीं बोले राजनाथ सिंह
संसद में राजनाथ रोहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने की तो बात की, लेकिन NRC से हटाए गए अवैध बांग्लादेशियों का क्या होगा, इस पर कुछ नहीं कहा। उन्होंने इतना जरूर कहा कि NRC का अभी ड्राफ्ट आया है। फाइनल सूची नहीं आई है। फाइनल सूची आने के बाद भी लोगों को अपील करने का अधिकार मिलेगा, इसलिए वे घबराएं नहीं।












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