Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों के खिलाफ फिर एकजुट हुए बलूचिस्तानी, संयुक्त राष्ट्र से की ये मांग

लंदन, 19 मईः बलूच नेशनल मूवमेंट ने लंदन मे ब्रिटिश प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। इसका उद्देश्य पाकिस्तान सेना द्वारा होशाब में नूरजन बलूच की अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था। पाकिस्तानी सेना ने नूरजन को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया था और कई फर्जी और आधारहीन प्राथमिकी जैसे कि बलूच छात्रों के गायब होने सहित पंजाब के विभिन्न विश्वविद्यालयों में उनपर नस्लीय टिप्पणी का आरोप लगाया गया।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा

बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा

लंदन में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बलूच नेशनल मूवमेंट के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने बलूचिस्तान में चल रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन के बारे में तख्तियां प्रदर्शित कीं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को बलूच नेशनल मूवमेंट के सेंट्रल जूनियर जॉइंट सेक्रेटरी हसन दोस्त बलूच, केंद्रीय समिति के सदस्य नियाज बलूच, मेहनाज बलूच और मास्टर बलूच ने संबोधित किया।

महिलाओं को गायब कर रहा पाकिस्तान

महिलाओं को गायब कर रहा पाकिस्तान

नूरजन बलोच की गैर-न्यायायिक गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए बलूच नेशनल मूवमेंट के वक्ताओं ने कहा कि पाकिस्तान राज्य बलूचिस्तान में युद्ध के सभी कानूनों का उल्लंघन कर रहा है। यह मानवता का अपमान है और बुनियादी मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लंबे वक्त से बलूचिस्तान में महिलाओं को गिरफ्तार और गायब कर रहा है। पाकिस्तानी यातना कक्षों में पुरूषों के सात महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र से कार्रवाई करने की मांग

संयुक्त राष्ट्र से कार्रवाई करने की मांग


एक अन्य वक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार बनुक शरई बलूच की कार्रवाइयों के बाद जवाबी कार्रवाई के रूप में बलूच महिलाओं को अपमानित कर रही है। जरीना मैरी से लेकर सैकड़ों बलूच महिलाओं का अपहरण किया जा चुका है, उन्हें जबरन गायब कर दिया गया। यह बलूच जनता को आतंकित करने की नीति है। वक्ताओं ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तानी अत्याचारों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और बलूचिस्तान में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

बलपूर्वक कब्जा करने का आरोप

बलपूर्वक कब्जा करने का आरोप

प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर लेकिन बेहद गरीब प्रांत बलूचिस्तान में बीजिंग और इस्लामाबाद द्वारा संयुक्त रूप से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा शुरू करने के बाद बलूच राष्ट्रवाद ने जोर पकड़ा है। 2015 में सीपीईसी समझौते के समय बलूच राष्ट्रवादियों ने इस्लामाबाद पर चीनी निवेश के पक्ष में उनके हितों को दरकिनार करने और बलूचिस्तान की अपार प्राकृतिक संपदा को बिना उनकी सलाह के बेचने का आरोप लगाया था। बलूच राष्ट्रवादियों का आरोप है कि बलूच लोगों की इच्छा के विरूद्ध मार्च 1948 में पाकिस्तान ने बलूचिस्तान पर बलपूर्वक कब्जा कर लिया।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+