पाकिस्तान में 100 जवानों की हत्या, बलूच लिबरेशन आर्मी क्या है, जिसने बलूचिस्तान में किया आर-पार की जंग का ऐलान

Baloch Liberation Army: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में चल रही आजादी की जंग अब काफी खतरनाक हो चुकी है और ऐसा लग रहा है, कि बलूचों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है।

फ्रीडम फाइटर समूह बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पाकिस्तान में कई घातक हमले किए हैं। इन हमलों में कई लोगों की मौतें हुई है और पुलिस स्टेशनों, रेलवे लाइनों, राजमार्गों पर वाहनों और एक महत्वपूर्ण अर्धसैनिक अड्डे को निशाना बनाया गया है। बीएलए ने जिम्मेदारी लेते हुए कहा है, कि उसने अपने चल रहे अभियान के दौरान 100 से ज्यादा सैनिकों को मार डाला है।

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चीन के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) की वजह से पाकिस्तान के लिए बलूचिस्तान रणनीतिक रूप से काफी ज्यादा महत्वपूर्ण बन गया है, जो चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड पहल का हिस्सा है। बीएलए ने पहले भी बलूचिस्तान में चीनी हितों और नागरिकों पर हमला किया है।

बीएलए का नेतृत्व वर्तमान में बशीर जेब के पास है, जिसके अनुमानित 6,000 सदस्य बलूचिस्तान और अफगानिस्तान में फैले हुए हैं। बीएलए ने ऐलान किया हुआ है, कि जब तक बलूचिस्तान को पाकिस्तान से आजादी नहीं मिलती है, तब तक उसका जंग जारी रहेगा। खासकर बीएलए CPEC प्रोजेक्ट को जड़ से उखाड़ फेंकने का ऐलान कर चुका है।

बीएलए का इतिहास और मकसद

साल 2000 में बनाए गये BLA का लक्ष्य ग्रेटर बलूचिस्तान राज्य की स्थापना करना है। कई पश्चिमी देशों ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया है। इस समूह ने पाकिस्तान में कई हमले किए हैं, जिनमें सरकारी कार्यालयों, सैन्य ठिकानों और होटलों पर हमले शामिल हैं।

हिंसा में हाल ही में हुई वृद्धि बलूच लोगों की शिकायतों को दूर करने और क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में पाकिस्तान के सामने लगातार आ रही चुनौतियों को उजागर करती है। संसाधन संपन्न बलूचिस्तान में दशकों से चल रहा जातीय विद्रोह पाकिस्तान से अलग होने की मांग कर रहा है।

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बीएलए को कौन देता है समर्थन

बीएलए कथित तौर पर बलूच लिबरेशन फ्रंट (BLF) के साथ मिलकर काम करता है। पाकिस्तान ने ईरान के अंदर दोनों समूहों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है। ये कार्रवाइयां आतंकवादी समूहों और राज्य बलों के बीच मुश्किल हालातों और पाकिस्तानी सेना के बलूचों पर अत्याचार को उजागर करती हैं।

बलूचिस्तान में चल रहा संघर्ष पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौतियां पेश करता रहता है। इस क्षेत्र में स्थायी शांति प्राप्त करने के लिए उग्रवाद को बढ़ावा देने वाले मुद्दों का समाधान करना महत्वपूर्ण है। लेकिन, दिक्कत ये है, कि जिस पाकिस्तान ने जिहाद के नाम पर सालों से अपनी समाज की नशों में जहर घोला है, वो जहर अब पाकिस्तान के विनाश का कारण बन रहा है। जिहाद के नाम पर पाकिस्तान ने कश्मीर और अफगानिस्तान में आतंकवाद फैलाया, और अब उसी विचारधारा को आधार बनाकर हजारों लोग ऐसे संगठनों में शामिल हो रहे हैं और पाकिस्तान को ही लहूलुहान कर रहे हैं।

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बीएलए ने हालिया समय में जिस तरह से खतरनाक हमलों को अंजाम देना शुरू किया है, उसने बलूचिस्तान को पूरी तरह से अस्थिर कर दिया है। जब तक इनकी शिकायतों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक इस तरह की उग्रवादी गतिविधियाँ जारी रहने की संभावना है, जिससे क्षेत्र में स्थिरता लाने के प्रयास जटिल हो जाएंगे।

यह उग्रवादी समूह बलूच स्वतंत्रता आंदोलन का सबसे पुराना समूह है।

इसकी उत्पत्ति सशस्त्र उग्रवादियों की परंपरा से हुई है जिन्हें मर्री, बुगती, मेंगल और अन्य कुलों या सरदारों का समर्थन प्राप्त था।

सोवियत संघ और इसकी कट्टरपंथी मार्क्सवादी विचारधारा का बीएलए पर बहुत प्रभाव था और उनके कुछ नेताओं को मास्को से प्रशिक्षण भी मिला था।

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बलूचिस्तान में शुरू हुआ ऑपरेशन 'हेरोफ'

इकोनॉमिक टाइम्स ने इसके प्रवक्ता जीयंद बलूच के हवाले से कहा है, कि "बलूच लिबरेशन आर्मी के फिदायीन ऑपरेशन 'हेरोफ' के तहत, बीएलए की मजीद ब्रिगेड की फिदायीन इकाई ने कब्जे वाली सेना के बेला शिविर पर हमला किया, जिसमें अब तक 40 से ज्यादा सैन्यकर्मी मारे गए हैं, और पिछले छह घंटों से शिविर के एक महत्वपूर्ण हिस्से पर उनका नियंत्रण है।"

बयान में कहा गया, "सभी फिदायीन अभी भी सुरक्षित हैं और हमारे संपर्क में हैं।"

दक्षिण-पश्चिमी प्रांत से अलग होने की मांग को लेकर उग्रवादियों ने दशकों से जातीय विद्रोह का मुकाबला किया है। इस प्रांत में करीब 1.5 करोड़ लोग रहते हैं। यह इलाका ज्यादातर शुष्क रेगिस्तान और पहाड़ी इलाकों से बना है, जिसमें खनिज संपदा का दोहन नहीं हुआ है। पाकिस्तान सरकार खनिजों का दोहन करना चाहती है, लेकिन बलूच इसके खिलाफ अड़ गये हैं।

बीएलए ने ऑपरेशन 'हेरोफ' को लेकर वीडियो भी जारी किए हैं और दावा किया है, उसने 100 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को मार डाला है और उसने अपने मिशन को कामयाब बताते हुए और भी हमले करने की बात कही है।

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