क्रैश नहीं हुआ था PAK सेना का हेलीकॉप्टर, बलूचों ने किया था हमला, सेनानियों का दावा, झूठ बोल रही आर्मी
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है, कि एक अगस्त को बलूचिस्तान में लापता हुए पाकिस्तानी सेना हादसे का शिकार हो गई है, जिसमें पाकिस्तानी कोर कमांडर-12 के 6 जवान सवार थे।
इस्लामाबाद, अगस्त 03: पाकिस्तानी सशस्त्र बल की मीडिया विंग ने एक दिन पहले दावा किया था, कि एक अगस्त को लापता हुआ पाकिस्तानी सेना का विमान 'दुर्घटनाग्रस्त' हो गया है, जिसमें पाकिस्तानी सेना के 6 जवान मारे गये हैं। लेकिन, अब बलूच विद्रोहियों ने दावा किया है, कि पाकिस्तानी सेना का विमान हादसे का शिकार नहीं हुआ था, बल्कि पाकिस्तानी सेना झूठ बो रही है और बलूच सशस्त्र विद्रोही समूहों के एक छत्र संगठन बलूच राजी आजोई संगर (बीआरएएस) ने हेलीकॉप्टर को मार गिराने की जिम्मेदारी ली है। बुधवार को बलूच विद्रोही समूह ने बलूचिस्तान के विंडार और नूरानी के पहाड़ी इलाकों में कम-उड़ान वाले पाकिस्तानी सैन्य हेलीकॉप्टर को निशाना बनाने और गिराने की जिम्मेदारी ली है।

पाकिस्तानी सेना पर झूठ बोलने का आरोप
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है, कि एक अगस्त को बलूचिस्तान में लापता हुए पाकिस्तानी सेना हादसे का शिकार हो गई है, जिसमें पाकिस्तानी कोर कमांडर-12 के 6 जवान सवार थे। वहीं, लापता होने के एक दिन बाद पाकिस्तानी सेना ने बकायदा बयान जारी करते हुए कहा कि, हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसके मलवे मिले हैं, जिसमें 6 जवान मारे गये हैं। मंगलवार को पाकिस्तानी सेना के महानिदेशक (डीजी) आईएसपीआर ने ट्वीट करते हुए कहा कि, शुरुआती जांच में पता चला है कि दुर्घटना खराब मौसम के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि, "पाकिस्तानी सेना का एक हेलीकॉप्टर, जो विंडार के मूसा गोथ में बाढ़ राहत सेवा कार्य पर था, वो खराब मौसम की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हो गयास जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल सरफराज अली सहित सभी 6 अधिकारियों और सैनिकों ने शहादत को गले लगाया। ... प्रारंभिक जांच के अनुसार खराब मौसम के कारण दुर्घटना हुई।"
बलूच विद्रोहियों ने क्या दावा किया?
बलूच राजी आजोई संगर (बीआरएएस) के प्रवक्ता बलूच खान ने बुधवार को एक बयान में कहा कि, "बीआरएएस के स्वतंत्रता सेनानियों ने पाकिस्तानी सेना के कम उड़ान वाले हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया है। लक्ष्य बनाकर किए गये इस हमले के बाद हेलीकॉप्टर दारेजी में मूसा गोथ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया''। विद्रोही संगठन के प्रवक्ता ने आगे कहा कि, "ये हमला विमान भेदी तोप के साथ किया गया था, जिसमें हेलीकॉप्टर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था और बाद में वो जमीन पर गिर गया''। वहीं, पाकिस्तानी सेना ने अपने हेलीकॉप्टर को दुर्घटनाग्रस्त करार दिया, ताकि देश की जनता के बीच ये मैसेज ना जाए, कि बलूच विद्रोहियों के सामने पाकिस्तानी सेना नपुंसक साबित हो रही है। इससे पहले भी बलूच विद्रोहियों के अलग अलग गुट लगातार पाकिस्तानी सेना को निशाना बना रहे हैं और पाकिस्तानी सेना बेबस नजर आ रही है।

पाक सेना ने किया है कत्लेआम
बीआरएएस के प्रवक्ता ने दावा किया कि हेलीकॉप्टर उसके लड़ाकों का लक्ष्य था और कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल सरफराज अली, जो सैन्य खुफिया महानिदेशक और बलूचिस्तान के फ्रंटियर कोर दक्षिण के महानिरीक्षक के रूप में तैनात थे, उन्हें भी जबरन गायब बताया गया था। बलूच संगठन ने कहा कि, सरफराज अली ने बलूचिस्तान में बलूचों का भारी नरसंहार किया था और इसीलिए उनसे बदला लिया गया है। बीआरएएस के बयान में कहा गया है, "बलूच राजी आजोई संगर (बीआरएएस) दुश्मन (पाकिस्तानी सेना) के खिलाफ तब तक घातक हमले करता रहेगा, जब तक कि दुश्मन सेना की पूरी वापसी और बलूच मातृभूमि की मुक्ति नहीं हो जाती।"

गायब हो गया था सेना का हेलीकॉप्टर
आपको बता दें कि, पाकिस्तान सेना ने आधिकारिक बयान में कहा था कि, हेलीकॉप्टर शाम 5:10 बजे उथल से रवाना हुआ। सोमवार को और शाम 6:05 बजे कराची पहुंचने वाला था। लेकिन हवाई यातायात नियंत्रक से संपर्क टूट गया। 1 अगस्त को महानिदेशक (डीजी) आईएसपीआर ने ट्वीट किया था, कि "पाकिस्तानी सेना का एक विमानन हेलीकॉप्टर जो लासबेला, बलूचिस्तान में बाढ़ राहत कार्यों पर था, उसका एटीसी से संपर्क टूट गया है। बलूचिस्तान में बाढ़ राहत कार्यों की निगरानी कर रहे कमांडर 12 कोर सहित 6 व्यक्ति सवार थे। तलाशी अभियान चल रहा है।" आपको बता दें कि, बलूचिस्तान अचानक आई बाढ़ और भारी बारिश से तबाह हो रहा है, जिसमें अब तक 147 लोगों की मौत हो चुकी है। पाकिस्तानी सेना और नागरिक अधिकारी बलूचिस्तान में राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं, लेकिन उनका अभियान काफी खराब है और लोगों को भारी नुकसान हो रहा है।

खतरनाक पहाड़ी इलाके में हुआ था हमला
रिपोर्ट के मुताबिक, बलूच विद्रोहियों ने बलूचिस्तान के खतरनाक पहाड़ी इलाके में पाक सेना के हेलीकॉप्टर पर हमला किया था, जिसके बाद दुर्गम पहाड़ी इलाके में पाकिस्तान सेना ने तलाशी अभियान चला था। लेकिन, बाढ़ और खराब मौसम की वजह से पहाड़ी इलाका और भी ज्यादा दुर्गम हो गया है। बाद में, पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ने एक बयान में कहा कि हेलीकॉप्टर का मलबा मिला और दावा किया कि, "दुर्घटना खराब मौसम के कारण हुई।" इससे पहले भी इस साल फरवरी महीने में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम प्रांत में दो पुलिस चौकियों पर हमला किया था, जिसमें 100 से अधिक पाकिस्तानी सैन्य कर्मी मारे गये थे। वहीं, बीएलए ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है, कि दोनों शिविरों के प्रमुख हिस्से अभी भी उनके नियंत्रण में हैं। तब भी पाकिस्तान सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने हमले को लेकर पहले इनकार कर दिया था और जब पाकिस्तानी मीडिया ने सबूत पेश किए थे, उसके बाद हमले की बात तो मानी थी, लेकिन मरने वालों का आंकड़ा छिपा लिया था।












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