Balen Shah Nepal PM: बालेन शाह बनेंगे नेपाल के प्रधानमंत्री! चुनाव से पहले रबी लामिछाने की पार्टी का बड़ा ऐलान
Nepal Elections 2026: नेपाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी मोड़ देखने को मिल रहा है। मार्च में होने वाले संसदीय चुनावों से पहले, देश के दो सबसे लोकप्रिय युवा नेताओं काठमांडू के मेयर बालेन शाह और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी(Rastriya Swatantra Party) के प्रमुख रबी लामिछाने ने हाथ मिला लिया है।
इस गठबंधन की सबसे बड़ी घोषणा यह है कि यदि राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी सत्ता में आती है, तो 35 वर्षीय बालेन शाह नेपाल के अगले प्रधानमंत्री होंगे। पुराने राजनीतिक घरानों और दशकों से काबिज पारंपरिक दलों के लिए इसे एक सीधी और बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

Balen Shah: मेयर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार तक
रैपर से राजनेता बने बालेन शाह काठमांडू के मेयर (Kathmandu Mayor Balen Shah) के रूप में अपनी कार्यशैली के कारण युवाओं के चहेते रहे हैं। अब रबी लामिछाने की पार्टी के साथ उनके समझौते ने चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। समझौते के तहत, बालेन शाह प्रधानमंत्री का चेहरा होंगे, जबकि लामिछाने संगठन और पार्टी की कमान संभालेंगे। यह गठबंधन विशेष रूप से उन युवाओं को आकर्षित कर रहा है जो भ्रष्टाचार और पुरानी राजनीतिक व्यवस्था से पूरी तरह ऊब चुके हैं।
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युवा आंदोलन और सत्ता परिवर्तन की आहट
नेपाल में सितंबर के दौरान हुए Gen-Z आंदोलन ने देश की राजनीतिक बुनियाद हिला दी थी। इस उग्र प्रदर्शन के कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा था। बालेन शाह इस आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया और धरातल पर युवाओं की आवाज बनकर उभरे। अब यह गठबंधन उसी जन-आक्रोश को वोट में बदलने की कोशिश कर रहा है। नए मतदाता सूची में जुड़े 10 लाख युवा वोटर इस चुनाव में 'किंगमेकर' की भूमिका निभा सकते हैं।
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Rabi Lamichhane Nepal: रबी लामिछाने और भ्रष्टाचार विरोधी नैरेटिव
पूर्व टीवी होस्ट रबी लामिछाने ने अपनी छवि एक भ्रष्टाचार विरोधी योद्धा के रूप में बनाई है। हालांकि, वह वर्तमान में सहकारी फंड के दुरुपयोग के आरोपों का सामना कर रहे हैं और जमानत पर हैं, लेकिन उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है। लामिछाने का मीडिया अनुभव और बालेन शाह का प्रशासनिक रसूख मिलकर नेपाली कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी (CPN-UML) जैसे पारंपरिक दिग्गजों के सामने एक मजबूत और वैकल्पिक विजन पेश कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर सुशासन की बात करता है।
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पुराने दलों की बढ़ी टेंशन
नेपाल की राजनीति पर पिछले तीन दशकों से नेपाली कांग्रेस और कम्युनिस्ट दलों का कब्जा रहा है। इन दलों के नेता इस नए गठबंधन को 'विवादास्पद' बताकर खारिज कर रहे हैं, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार स्थिति अलग है। कुल 1.90 करोड़ मतदाताओं में से एक बड़ा हिस्सा बदलाव चाहता है। यदि बालेन और रबी की जोड़ी युवाओं को एकजुट रखने में सफल रहती है, तो 5 मार्च का चुनाव नेपाल में सदियों पुरानी राजनीतिक परंपरा को हमेशा के लिए बदल सकता है।












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