ऑस्ट्रेलियाई संसद ने भारत के साथ ट्रेड डील को दी मंजूरी, जानिए भारतीय व्यापार को क्या फायदा होगा?

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर संसद में कानून पारित होने की घोषणा उस वक्त की है, जब वो अगले साल मार्च महीने में भारत के दौरे पर आने वाले हैं।

India-Australia Trade deal: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीस ने मंगलवार को घोषणा की है, कि भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को ऑस्ट्रेलिया संसद में पारित कर दिया गया है। यानि, अब ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच व्यापार को लेकर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होने का रास्ता साफ हो गया है, जिसका मतलब ये हुआ, कि भारत और ऑस्ट्रेलिया अब अहम व्यापारिक साझेदार बन गये हैं। ऑस्ट्रेलियाई संसद में कानून पास होने के बाद अब भारतीय व्यापार को ऑस्ट्रेलिया में जबरदस्त फायदा होने की संभावना बन गई है और ऑस्ट्रेलिया ने भारत के साथ किया गया अपना वादा पूरा कर लिया है।

भारत-ऑस्ट्रेलिया में ट्रेड एग्रीमेंट

भारत-ऑस्ट्रेलिया में ट्रेड एग्रीमेंट

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर संसद में कानून पारित होने की घोषणा उस वक्त की है, जब वो अगले साल मार्च महीने में भारत के दौरे पर आने वाले हैं। उन्होंने इंडोनेशिया के बाली में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी और भारत के साथ ट्रेड एग्रीमेंट के जल्द पारित होने की घोषणा की थी। ऑस्ट्रेलियन प्रधानमंत्री ने कहा कि, "मैंने भारत के प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात की, जहां हमने ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच घनिष्ठ आर्थिक सहयोग समझौते को अंतिम रूप देने पर चर्चा की थी, जिसे हम ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच आर्थिक संबंधों के विस्तार के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं। मैं मार्च में भारत का दौरा करूंगा।" उन्होंने कहा कि, "हम भारत में एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल लेकर जाएंगे। और यह एक महत्वपूर्ण यात्रा होगी और हमारे दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार होगा।"

ऑस्ट्रेलिया को क्या फायदा होगा?

ऑस्ट्रेलिया को क्या फायदा होगा?

पिछले हफ्ते ऑस्ट्रेलियाई व्यापार मंत्री डॉन फैरेल ने कहा था कि, भारत के साथ व्यापार समझौता ऑस्ट्रेलियाई सर्विस कंपनियों और ऑस्ट्रेलियाई प्रोफेशनल्स के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश करने का एक बड़ा अवसर बनाएगा। फैरेल ने कहा कि, "इस समझौते की गुणवत्ता, बाजार पहुंच और ऑस्ट्रेलियाई व्यवसायों के अवसर के संदर्भ में हमारी द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है।" उन्होंने कहा कि "भारत के साथ हुए इस समझौते से खाद्य और कृषि, टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी से लेकर हेल्थ और शिक्षा सेवाओं तक, कई क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलियाई व्यापार के लिए अद्वितीय विकास अवसर प्रस्तुत करता है।" आपको बता दें कि, ऑस्ट्रेलिया-भारत आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ईसीटीए) पर 2 अप्रैल को हस्ताक्षर किए गए थे। ऑस्ट्रेलियाई सरकार के मुताबिक, दोनों देशों के बीच हुए इस समझौते से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था भारत में ऑस्ट्रेलिया की पैठ को सुरक्षित करेगा और ऑस्ट्रेलियाई व्यवसायों को लगभग डेढ़ अरब उपभोक्ताओं के बाजार में अपने संचालन को अनलॉक या विस्तारित करने की क्षमता देगा।

FTA से भारत को क्या फायदा होगा?

FTA से भारत को क्या फायदा होगा?

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच किए गये व्यापारिक समझौते के तहत ऑस्ट्रेलिया भारत को कपड़ा, चमड़ा, आभूषण और खेल उत्पादों जैसे 95 प्रतिशत से अधिक भारतीय सामानों के लिए अपने बाजार में शुल्क मुक्त पहुंच प्रदान करेगा। अप्रैल महीने में भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और तत्कालीन ऑस्ट्रेलियाई व्यापार, पर्यटन और निवेश मंत्री डैन तेहान ने एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए थे। इस व्यापार समझौते को भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐतिहासिक क्षण बताया था। इस समझौते से अगले पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय व्यापार को 27 अरब डॉलर से बढ़ाकर 45-50 अरब डॉलर करने में मदद मिलेगी। ऑस्ट्रेलिया पहले दिन से लगभग 96.4 प्रतिशत निर्यात (मूल्य के आधार पर) के लिए भारत को जीरो ड्यूटी एक्सेस की पेशकश कर रहा है। इसमें कई उत्पाद शामिल हैं जिन पर वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में 4-5 प्रतिशत सीमा शुल्क लगता है। लेकिन, अब ये शुल्क माफ हो जाएगा, जिससे ऑस्ट्रेलियन बाजार में भारतीय सामान काफी सस्ते हो जाएंगे और प्रतिद्वंदियों से मुकाबले के काबिल हो जाएंगे।

भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार संबंध

भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार संबंध

आपको बता दें कि, ऑस्ट्रेलिया भारत का 17वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, जबकि नई दिल्ली कैनबरा का 9वां सबसे बड़ा भागीदार है। 2021 में माल और सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार 27.5 बिलियन अमरीकी डालर था। भारत की तरफ से जहां इस व्यापार समझौते को ऐतिहासिक करार दिया गया है, वहीं, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा था कि, भारत के साथ व्यापार समझौता "आज दुनिया में खुलने वाले सबसे बड़े आर्थिक दरवाजों में से एक" का प्रतिनिधित्व करता है।

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