Rohingya मुद्दे पर घिरी Aung San Suu Kyi पहुंची चीन की शरण में
जिनपिंग ने कहा कि विकास को सुनिश्चित करने के लिए चीन म्यांमार के साथ काम करने के लिए तैयार है, जिससे कि दोनों देशों के रिश्ते सही राश्ते पर बने रहे।

बीजिंग। रोहिंग्याओं संकट से घिरी म्यांमार स्टेट काउंसलर आंग सांग सू ची ने चीन पहुंचकर शुक्रवार को राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। म्यांमार से पलायन हो रहे रोहिंग्या मुसलमानों के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदायों से आलोचना झेल रही आंग सान सू ची के बीजिंग पहुंचते ही गर्मजोशी से स्वागत हुआ। रोहिंग्याओं को लेकर चीन अभी तक दक्षिणी एशियाई राष्ट्र म्यांमार पर प्रतिक्रिया देने से बचता रहा है।
बीजिंग में शी जिनपिंग और म्यांमार स्टेट काउंसलर से हुई मुलाकात में चीन ने म्यांमार के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्धता जताई। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आंग सान से मिलकर कहा कि चीन अपने मैत्रीपूर्ण संबंध म्यांमार के साथ बनाए रखेगा, जैसा कि कई सालों से चलता आ रहा है। जिनपिंग ने साथ में यह भी कहा कि चीन-म्यांमार संबंध व्यापक और रणनीतिक दृष्टि से देखे जाएंगे।
जिनपिंग ने कहा कि विकास को सुनिश्चित करने के लिए चीन म्यांमार के साथ काम करने के लिए तैयार है, जिससे कि दोनों देशों के रिश्ते सही राश्ते पर बने रहे। म्यांमार विदेश मंत्री आंग सान रविवार तक बीजिंग में रहेंगी, जहां वो चीन कम्यूनिस्ट पार्टी के नेताओं से मुलाकात करेंगी।
म्यांमार आर्मी द्वारा की गई कार्रवाई के बाद अब तक 6,20,000 से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमान समुद्री रास्तों से होकर बांग्लादेश में शरण ले चुके हैं। अगस्त में मची हिंसा के बाद से म्यांमार से लगातार रोहिंग्या समुदाय के लोगों को मजबूरन पलायन होना पड़ा है। म्यांमार में जारी हिंसा को लेकर नोबल पुरस्कार से सम्मानित आंग सान सू ची को दुनिया भर देशों से कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है।












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