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Pakistan: जहां सपने में भी कुरान का अपमान होते देख भीड़ कर देती है हत्या, ईशनिंदा के ये 9 मामले कर देंगे हैरान

पाकिस्तान में धर्म के नाम पर अल्पसंख्यकों संग अत्याचार की खबरें नई बात नहीं है। बहुसंख्यक मुसलमानों द्वारा हिंदू और सिख समुदाय पर अत्याचार के बाद अब ईसाई समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है।

पाकिस्तानी वेबसाइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को पंजाब प्रांत में कम से कम 20 चर्चों पर हमले किए गए। इस दौरान गुस्साई भीड़ ने चर्च में जमकर तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी। ये हमले ईशनिंदा के आरोप लगाकर किए जा रहे हैं।

pakistan churches vandalised

आपको बता दें कि बीते सप्ताह ही पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर पहली बार कुछ बहुसंख्यक और अल्पसंख्यकों ने माइनॉरिटी मार्च निकाला था। इसमें शामिल लोगों ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के साथ होने वाले अत्याचार और उत्पीड़न का मुद्दा उठाया था।

उनका आरोप था कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यों का धर्म परिवर्तन और ईशनिंदा के जरिए उनका उत्पीड़न करने और मिटाने की कोशिश हो रही है। आपको बता दें कि ईशनिंदा करने पर सजा-ए-मौत का प्रावधान है। कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं जब अल्पसंख्यक हिंदू और ईसाइयों को झूठे मामले में फंसाकर ईशनिंदा के तहत सजा दी गई है।

एक साल में ईशनिंदा के 35 मामले

हाल फिलहाल इसके मामले बढ़ते जा रहे हैं। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग की सालाना रिपोर्ट के अनुसार 2022 में पाकिस्तान में ईशनिंदा के 35 मामले सामने आए थे जिसमें कुल 171 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। इनमें से 65 फीसदी मामले सिर्फ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से जुड़े थे।

पाकिस्तान में कुरान या पैगम्बर का अपमान करने पर आजीवन कारावास से लेकर मौत की सजा तक हो सकती है। कई बार ऐसा होता है जब कुरान या पैगम्बर के अपमान करने की अफवाह मात्र से किसी भी जगह पर हजारों लोगों की भीड़ जुट जाती है और आरोपी पर हमला बोल देती है।

हाल के वर्षों में पाकिस्तान में ईशनिंदा के चर्चित मामले

मई 2023: खैबर पख्तूनख्वा में पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पीटीआई की एक रैली के दौरान ईशनिंदा के आरोप में एक व्यक्ति की हिंसक भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। समर्थक का गुनाह ये था कि पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान का समर्थक था, जिसने इमरान खान की तुलना पैगंबर से कर दी थी।

अप्रैल 2023: खैबर पख्तून इलाके में एक चीनी इंजीनियर को ईशनिंदा कानून के आरोप में हजारों लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उसकी जान बचाई और उसे गिरफ्तार कर लिया ताकि वो जिंदा बच पाए। बाद में इंजीनियर ने कहा कि वह मजदूरों से सख्ती से पेश आता था। इसलिए छुटकारा पाने के लिए उसे जानबूझकर फंसाया गया।

फरवरी 2022: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सैकड़ों लोगों की भीड़ ने मानसिक रूप से कमजोर शख्स को पुलिस की मौजूदगी में पीट-पीटकर मार डाला। उस पर कुरान का अपमान करने का आरोप लगा था।

फरवरी 2022: सिंध प्रांत की स्थानीय अदालत ने हिंदू शिक्षक नौटन लाल को ईशनिंदा के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शिक्षक पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर पैगम्बर का अपमान करने का आरोप था।

मार्च 2022: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में मदरसे के बाहर तीन महिलाओं ने एक शिक्षिका की गला काट कर हत्या कर दी। इन महिलाओं की एक और रिश्तेदार ने सपने में देखा था कि पीड़िता ने ईशनिंदा की है जिसकी वजह से उन्होंने शिक्षिका का कत्ल कर दिया।

जुलाई 2022: ईशनिंदा के आरोप में पाकिस्तान की एक कोर्ट ने एक ईसाई व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई। उस पर आरोप था कि उसने कहा कि पैगंबर नहीं बल्कि जीजस 'सुप्रीम' है।

दिसंबर 2021: पाकिस्तान के सियालकोट में ईशनिंदा के आरोप में श्रीलंकाई नागरिक प्रियांथा दियावदाना को भीड़ ने पीट-पीट कर मार दिया। रिपोर्ट में पता चला कि श्रीलंकाई नागरिक एक कंपनी में मैनेजर के पद पर था। उसके नियम और काम लेने की वजह से कुछ कर्मचारी फ़ैक्ट्री मैनेजर से नाख़ुश थे। जिसके बाद उसपर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया और भीड़ जुटाकर उसकी हत्या कर दी गई।

सितंबर 2021: लाहौर कोर्ट ने एक स्कूल की प्रिंसिपल सीमा तनवीर को ईशनिंदा के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई। सीमा तनवीर ने खुद के पैगम्बर होने का दावा किया था।

अगस्त 2021: पाकिस्तान में 8 साल के हिन्दू बच्चे ने एक मस्जिद में कालीन पर पेशाब कर दिया। उसके ऊपर ईशनिंदा के केस चल रहा है। कई कट्टरपंथी 8 साल के बच्चे को फांसी देने की मांग कर रहे हैं।

हिंदू-ईसाइयों को मिटा चुका है पाकिस्तान, 23 प्रतिशत से 4 प्रतिशत पर सिमटे.. मानवाधिकार के रखवाले कहां हैं...
ये सभी आंकड़े महज 2 सालों के हैं। इन चंद मामलों से आप समझ गए होंगे कि पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून का कितना बेजा इस्तेमाल हो रहा है। चर्चित मुफ्ती तारिक मसूद ने भी इसकी आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान में सबसे आसान काम ईशनिंदा का फतवा जारी करना हो गया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को पाकिस्तानियों से खतरा है और इस्लाम को मुसलमानों और मजहबी लोगों से खतरा है।

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