Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

फ्रांस में खुदाई के दौरान जमीन से निकला मंगल का मंदिर, 17 एकड़ में की जाती थी 'युद्ध के देवता' की पूजा

जूलियस सीज़र ने ब्रिटनी शहर पर ईसा पूर्व 56 में जीत हासिल की थी, उस वक्त इस शहर को रोमन लोग "आर्मोरिका" कहा था। वहीं, पता चला है, कि पांचवीं शताब्दी तक इस क्षेत्र को इस्तेमाल में लाया गया।

Roman temple found in France

Roman temple found in France: फ्रांस के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थिति ब्रिटनी नाम के प्रांत में खुदाई के दौरान पुरातत्वविदों को मंगल का विशालकाय मंदिर मिला है, जिसे पुरातत्वविदों ने रोमन सैनिकों के लिए 'युद्ध का देवता' बताया है।

पुरातत्वविदों के मुताबिक, फ्रांस में मिला ये विशालकाय मंदिर, रोमन लोगों के समय का हो सकता है और ये मंदिर युद्ध के देवता मंगल का एक मंदिर हो सकता है। पुरातत्वविदों का मानना है, कि इस मंदिर का निर्माण ईसा पूर्व एक सदी का हो सकता है।

ये मंदिर, जो एक अभयारण्य का हिस्सा है, वो करीब 17 एकड़ में फैले एक विशालकाय रोमन परिसर का हिस्सा है, जिसे पिछले साल ला चैपले-डेस-फौगेरेट्ज, ब्रिटनी में खोजा गया था, और संभवतः इस क्षेत्र में तैनात रोमन सैनिकों द्वारा इस क्षेत्र को बनाया गया था।

माना जा रहा है, कि 17 एकड़ क्षेत्र में रोमन सैनिक युद्ध के देवता मंगल की पूजा करते होंगे और फिर युद्ध के लिए निकलते होंगे।

फ्रांस में जमीन के अंदर मिला मंगल का मंदिर

लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस "अभयारण्य का आकार इस बात की तरफ इशारा करता है, कि यह धर्म के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान रहा होगा।" रिपोर्ट में कहा गया है, कि खुदाई टीम के डायरेक्टर्स में से एक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिवेंटिव आर्कियोलॉजिकल रिसर्च (INRAP) के एक पुरातत्वविद् फ्रैंकोइस लैबौने-जीन ने लाइव साइंस को बताया, कि 'ये एक बेहद महत्वपूर्ण धार्मिक क्षेत्र रहा होगा।'

फ्रैंकोइस लैबौने-जीन ने बताया, कि इस क्षेत्र का नाम Lachapell-des-Fougeretz है, जिसे पहली बार 1970 के दशक में पुरातत्वविदों ने खोजा था और फिर इसे महत्वपूर्ण संपत्ति करार दिया गया था।

वहीं, 1990 के दशक में पहली बार इस क्षेत्र में खुदाई का काम शुरू किया गया था। वहीं, 1922 में आखिरी बार खुदाई शुरू की गई थी, जो अभी तक चल रही है।

लैबौने-जीन ने एक ईमेल में कहा, कि बहुत संभावना इस बात की है, कि इस क्षेत्र में धार्मिक समारोहों का आयोजन किया जाता रहा होगा और यहां पर भारी संख्या में लोग धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए जुटते रहे होंगे।

मंगल को माना जाता था युद्ध का देवता

पुरातत्वविदों ने पिछले साल यहां से मंगल देवता की एक प्रतिमा की खोज की थी, जिसका निर्माण कांसे से किया गया था। लिहाजा, पुरातत्वविदों का मानना है, कि ये पूरा क्षेत्र मंगल देवता को समर्पित था।

वहीं, इस क्षेत्र के चारों तरफ एक खाई को भी खोजा गया है, जिसमें लोहे के सैकड़ों अलग अलग तरह के हथियार भी मिले हैं। जिससे इस बात का पता चलता है, कि यहां सैनिकों का आना-जाना लगा रहता होगा।

इसके साथ ही, इस क्षेत्र में कई और ऐसे गड्ढे मिले हैं, जहां पर टेराकोटा में बनी शुक्र और कई अन्य देवियों की मूर्तियां भी पाई गईं हैं।

पुरातत्वविद लाबाउने-जीन ने कहा, "जैसा कि प्राचीन काल की धार्मिक इमारतों के साथ अक्सर होता है, यह जानना मुश्किल है, कि वे किस देवता को समर्पित हो सकते हैं।" उन्होंने कहा, कि "अभी तक इस साइट पर कोई शिलालेख नहीं मिले हैं, लिहाजा इनके बारे में सटीक जानकारी निकालने के लिए और रिसर्च की जरूरत है, लिहाजा जब और भी रिसर्च होगा, तो फिर इन देवताओं के बारे में काफी जानकारियां हासिल हो पाएंगी"।

Roman temple found in France

कैसा है मंगल के मंदिर का क्षेत्र?

पुरातत्वविदों ने बताया है, कि समय के साथ मंदिर परिसर का विस्तार हुआ और इसमें सार्वजनिक स्नानागार का हिस्सा जोड़ा गया। वहीं, बाद में यहां पर 40 कब्रों वाला एक कब्रिस्तान भी बनाया गया।

वहीं, कुछ मकबरों में चांदी से बनी वस्तुएं, जैसे कंगन, पिन और बेल्ट बकल, जबकि कई कब्रों में खंजर और घोड़ों के लिए बने एक हार्नेस के हिस्से पाए गये हैं। वहीं, इस क्षेत्र से फर्नीचर, मिट्टी के बर्तन, कांच और धातु के टुकड़ों सहित सैकड़ों रोजमर्रा की कलाकृतियों का भी पता लगाया गया है।

पुरातत्वविद लैबौने-जीन ने कहा, कि खुदाई के दौरान खोजी गई कलाकृतियों को जल्दी से संरक्षित और अध्ययन किया जाएगा, क्योंकि ये हवा या प्रकाश के संपर्क में आने पर जल्दी खराब हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि एक्स-रे और कम्प्यूटरीकृत 3डी इमेजिंग का भी खोजों को दस्तावेज करने के लिए उपयोग किया जा रहा है।

कितने देवताओं की होती थी पूजा?

डच पुरातत्व एजेंसी RAAP के एक पुरातत्वविद् एरिक नोर्डे के मुताबिक, फिलहाल नीदरलैंड्स के पास रोमन सैनिकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले एक अभयारण्य की खुदाई की जा रही है, जिससे भी कई जानकारियां मिलने की उम्मीद है।

Recommended Video

    Rahul Gandhi Disqualification: America के बाद Germany ने क्यों दिया ऐसा Reaction | वनइंडिया हिंदी

    ऐसा इसलिए, क्योंकि ज़ेवेनार अभयारण्य से पता चलता है, कि रोमन मंदिर अक्सर कई देवताओं से जुड़े होते थे। लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने बताया, कि "जब आप केवल मूर्तियों और हथियारों और सैन्य उपकरणों को देखते हैं, तो कोई निष्कर्ष निकालेगा कि केवल हरक्यूलिस की पूजा की जाती थी।"

    लेकिन सावधानीपूर्वक शोध से पता चलता है, कि इसके बजाय वहां कई अलग-अलग देवताओं की पूजा की जाती थी। उन्होंने कहा, कि "सिर्फ खोजों के आधार पर किसी देवता को किसी अभयारण्य में नियुक्त करना काफी ख़तरनाक है, लिहाजा इसके रिसर्च के लिए शिलालेखों और अन्य ग्रंथों का अध्ययन करना होगा।"

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+