वह एंटीबॉडी मिल गई, जो ओमिक्रॉन समेत कोरोना के सभी प्रमुख वेरिएंट को रोक सकती है?
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने कोविड की एक ऐसी एंटीबॉडी खोजी है, जिसमें इस वायरस के खिलाफ तमाम गुण हैं। यह प्रभावी वैक्सीन में भी काम आ सकती है और बीमारी के इलाज में भी कारगर हो सकती है।

वैज्ञानिकों ने ऐसी एंटीबॉडी खोजी है, जो न सिर्फ कोरोना के खिलाफ ज्यादा प्रभावी वैक्सीन बनाने के काम आ सकती है, बल्कि कोरोना बीमारी के इलाज में भी बहुत काम की साबित हो सकती है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह एंटीबॉडी कोरोना के 'वुहान' वाले वेरिएंट के खिलाफ भी कारगर है तो बहूरूपिया ओमिक्रॉन के तमाम वेरिएंट्स पर भी असरदार दिख रही है। यह खोज ऐसे समय में हुआ है, जब भारत समेत कई देश एकबार फिर से कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी का सामना कर रहे हैं।

कोविड को रोकने वाली एंटीबॉडी मिली-शोध
टीओआई ने एक एजेंसी के हवाले से रिपोर्ट दी है कि अमेरिका में वैज्ञानिकों ने उस एंटीबॉडी की पहचान कर ली है, जिसको लेकर लगता है कि वह ओमिक्रॉन समेत कोरोना के सभी प्रमुख वेरिएंट पर ब्रेक लगा सकती है। शोध में हुए इस खोज के बाद ज्यादा प्रभावी वैक्सीन और इसके एंटबॉडी आधारित नए इलाज का रास्ता खुलने की संभावना बढ़ गई है।

एक एंटीबॉडी कई वेरिएंट के खिलाफ हथियार-रिपोर्ट
जर्नल ऑफ क्लिनिकल इंवेस्टिगेशन में छपे इस शोध के मुताबिक मरीजों के खून के सैंपल से ली गई एंटीबॉडीज को महामारी के दौरान आए अलग-अलग वेरिएंट के खिलाफ परीक्षण किया गया है। इसमें S728-1157 नाम का प्रोटीन मिला है, जो सिर्फ कोविड-19 के पुराने वेरिएंट को ही नहीं, बल्कि ओमिक्रॉन के सात अलग-अलग वेरिएंट के खिलाफ भी बहुत ज्यादा प्रभावी है।

'लंबे समय तक करना पड़ेगा वायरस का सामना'
इस शोध के सीनियर ऑथर डॉक्टर पैट्रिक विल्सन का कहना है, 'महामारी खत्म हो रही है, लेकिन वायरस लंबे समय तक आसपास ही रहने वाला है।' उन्होंने आशंका जताई है कि 'अगर ठीक से नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह वार्षिक महामारी की स्थिति पैदा कर सकता है।'

Recommended Video
सालाना महामारी से बचाव में कारगर-शोधकर्ता
यह एंटीबॉडी और इसको लेकर जो जानकारी उपलब्ध है, उसके हिसाब से यह हमें कोविड-19 के सालाना उछाल से बचने में मदद कर सकती है; या यदि कोई नई कोरोना वायरस महामारी ही आती है...'। शोध में शामिल डॉक्टर सिरिरुक चांग्रोब ने एंटीबॉडी का परीक्षण किया है,जिसमें पाया है कि यह कोविड-19 के 12 वेरिएंट के खिलाफ कारगर है, जिसमें वायरस का मूल वेरिएंट (वुहान वाला)भी शामिल है।

एंटीबॉडी आधारित उपचार का बेहतर विकल्प-शोध
शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि यह पारंपरिक एंटीबॉडी आधारित उपचार का भी बहुत बेहतर विकल्प बन सकता है। गौरतलब है कि भारत समेत दुनिया के कई देशों में एकबार फिर से कोविड संक्रमण बढ़ने लगा है। केंद्रीय स्वास्थ्य और कल्याण मंत्रालय के मुताबिक रविवार सुबह तक देश में इसके 32,184 ऐक्टिव मामले हैं। जबसे यह महामारी शुरू हुई है, तब से इसकी चपेट में आकर 5,30,965 लोगों की मौत हो चुकी है।

भारत में टेस्टिंग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं एक्सपर्ट
वैसे एक डेटा बताता है कि भारत में कोविड के मामलों में जो बढ़ोतरी हो रही है, वह न्यूजीलैंड, फ्रांस या दक्षिण कोरिया जैसे देशों की तुलना में न के बराबर हैं। 6 अप्रैल के आंकड़ों के मुताबिक भारत में प्रति 10 लाख की आबादी पर दो मामले हैं। लेकिन, न्यूजीलैंड में 293, फ्रांस में 126 और दक्षिण कोरिया में 163 है। अमेरिका में भी यह 75 और ब्रिटेन में 46 है। लेकिन, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन आंकड़ों से खुश होने की आवश्यकता नहीं है और हो सकता है कि इसका कारण पर्याप्त जांच का अभाव हो।













Click it and Unblock the Notifications