पाक विरोधी नए अमेरिकी एनएसए फ्लिन की डोवाल से मुलाकात
नए अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन अक्सर करते हैं पाकिस्तान को मिल रही मदद को बंद करने की वकालत। एनएसए के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली पंसद सेना से रिटायर फ्लिन।
वाशिंगटन। नए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले माह नवंबर में अमेरिकी सेना से रिटायर थ्री स्टार जनरल माइकल फ्लिन को देश का अगला राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) बनाने का ऐलान किया था। ट्रंप के इस ऐलान को उनकी पाकिस्तान पर कड़ी नीति के तहत देखा गया। अब भारत के एनएसए अजित डोवाल ने अमेरिका में फ्लिन से मुलाकात की है।

भारत के मुरीद हुए फ्लिन
डोवाल और फ्लिन के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई और दोनों ने अमेरिका-भारत के भावी संबंधों के बारे में भी बात की।
बताया जा रहा है डोवाल से मुलाकात के दौरान फ्लिन ने भारत की आधुनिक दौर के साथ तरक्की की तारीफ की और देश के नेतृत्व को भी सराहा। अमेरिका में भारतीय दूतावास से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
एक घंटे तक चली दोनों की मीटिंग
डोवाल सोमवार को अमेरिका पहुंचे हैं। फ्लिन ने कुछ दिनों पहले डोवाल से फोन पर बात की थी और इस दौरान ही उन्होंने डोवाल को अमेरिका आकर मीटिंग का इनवाइट दिया था।
फ्लिन और डोवाल की मुलाकात करीब एक घंटे तक चली। माना जा रहा है यह मुलाकात में न सिर्फ दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई बल्कि इस दौरान दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
ट्रंप और मोदी की मुलाकात पर नजरें
फ्लिन ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच आगे बातचीत होती रहेगी। साथ ही दोनों देशों के संबंधों में रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को समय-समय पर नए सिरे से संवारा जाएगा।
वहीं कुछ लोग इस मुलाकात के साथ ही यह मानने लगे हैं कि हो सकता है नए राष्ट्रपति ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच भी मुलाकात जल्द हो सकती है।
कौन हैं फ्लिन
फ्लिन हमेशा पाकिस्तान को मिल रही मदद को खत्म करने की वकालत करते आए हैं। 56 वर्षीय फ्लिन अमेरिका के उन टॉप मिलिट्री लीडर्स में से हैं जिनके पास इंटेलीजेंस की बहुत ज्यादा जानकारी है।
फ्लिन के ऐलान को ट्रंप की उस सोच का हिस्सा माना गया जिसके तहत उन्होंने हमेशा पाकिस्तान पर सख्त रुख अख्तियार करने की बात कही।
पाक पर सख्त फ्लिन
इस वर्ष अगस्त में फ्लिन की एक किताब 'हाऊ वी कैन विन द ग्लोबल वॉर अगेंस्ट रेडिकल इस्लाम' रिलीज हुई थी।
इस किताब में फ्लिन ने लिखा था कि अगर पाकिस्तान आतंकियों को मदद जारी रखता है तो फिर इसे मिल रही मदद बंद कर देनी चाहिए।
फ्लिन ने किताब में एक जगह लिखा है, 'पाकिस्तान जैसे देशों को यह बताना होगा कि अमेरिका आतंकी कैंपों की मौजूदगी को बर्दाश्त नहीं करेगा।'
उन्होंने इसमें लिखा, 'अमेरिका यह बर्दाश्त नहीं करेगा कि पाक तालिबान, हक्कानी और अल-कायदा जैसे आतंकी नेटवर्क के लिए सुरक्षित पनाहगार बना रहे।'












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