बड़ा खुलासाः फ्रांस में पकड़े गए विमान से पहले एक और डंकी फ्लाइट्स पहुंची थी अमेरिका, CID ने जोड़ीं सारी कड़िय

बीते दिनों 21 दिसंबर को दुबई से निकारागुआ जा रहे एयरबस A340 प्लेन को मानव तस्करी के शक में फ्रांस में रोका गया था। 4 दिनों तक जांच के बाद इस विमान को 26 दिसंबर को भारत भेज दिया गया था। इसमें 303 पैसेंजर्स थे, जिनमें से 260 भारतीय थे।

इस मामले की जांच गुजरात सीआईडी कर रही है। अब इस फ्लाइट की जांच में एक और नई जानकारी सामने आई है। जांच से पता चला है कि फ्रांस में पकड़े गए विमान से पहले 6 दिसंबर को एक अन्य विमान ने दुबई से निकारागुआ के लिए उड़ान भरी थी।

Probe reveals 3rd donkey flight

इस तरह अब तक तीन डंकी फ्लाइट के बारे में जानकारी मिली है। 21 दिसंबर को फ्रांस में पकड़े गए विमान से पहले भी एक डंकी फ्लाइट का पता चला है। जांच से पता चला है कि 19 दिसंबर को जर्मनी में एक चार्टर रुका था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 21 दिसंबर की फ्लाइट में लगभग 200 यात्री थे, जिनमें से 60 गुजरात के थे। ये फ्लाइट जर्मनी के एक हवाई अड्डे पर 10-12 घंटे के लिए तकनीकी कारणों से रुका हुआ था।

घटनाक्रम से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि इन अवैध अप्रवासियों में से कुछ अमेरिका में घुस गए होंगे, जबकि कुछ मैक्सिको में थे। उन्होंने कहा कि वैट्री एयरपोर्ट और जर्मनी के रास्ते चार्टर्ड विमानों की व्यवस्था करने वाले एजेंट सेम थे।

सीआईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने TOT से कहा, "फांस से आए विमान की जांच के दौरान, हमें 2 और ऐसी उड़ानों के बारे में पता चला है। हमने पुष्टि की है कि एक फ्लाइट ने 6 दिसंबर को दुबई से निकारागुआ के लिए उड़ान भरी थी। जिन एजेंटों से फ्रांस के रास्ते उड़ान को लेकर पूछताछ की जा रही है, वे 6 दिसंबर की यात्रा में शामिल थे।"

सीआईडी (अपराध) के एसपी संजय खरात ने कहा कि पुलिस ने वैट्री हवाई अड्डे पर बुक किए गए यात्रियों से पूछताछ की है, लेकिन उनके दस्तावेजों में किसी प्रकार को कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। खरात ने कहा कि उनके सारे दस्तावेज वैध थे, लेकिन उन्होंने अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने की योजना बनाई थी।

आपको बता दें कि फ्रांस से भारतीय पैसेंजर्स को लेकर लौटी डंकी फ्लाइट में सवार लोग अमेरिका में गैरकानूनी रूप से दाखिल होने के लिए 60 से 80 लाख रुपए देने वाले थे। यह दावा गुजरात सीआईडी ने किया है। पैसेंजर्स ने सीआईडी को बताया है कि लैटिन अमेरिकी देश निकारागुआ पहुंचने के बाद वे यह रकम इमिग्रेशन एजेंट्स को चुकाने वाले थे, ताकि उन्हें अमेरिका में अवैध तरीके से एंट्री मिल सके।

सीआईडी की तरफ से मंगलवार को जारी किए गए बयान में कहा गया कि इन पैसेंजर्स में से अधिकतर ने 8वीं से 12वीं क्लास तक पढ़ाई की है। सीआईडी ने अब तक 15 ऐसे एजेंट्स का नाम और कॉन्टैक्ट नंबर हासिल कर लिया है, जिन्होंने इन 55 लोगों को अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर के जरिए अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल करवाने का वादा किया था।

सीआईडी की तरफ से जारी किए गए बयान में ये भी कहा गया है कि विभाग ने सीबीआई को एक चिट्ठी लिखकर ये जानकारी हासिल करने में मदद मांगी है कि जिन लोगों ने इन 55 पैसेंजर्स के लिए दुबई का वीजा जुटाया, वे कौन थे। दुबई से फ्लाइट किसने बुक की और पैसेंजर्स के टिकट के लिए पैसा किसने दिया। टिकटों का पेमेंट करने वाले एजेंट्स की बैंक डिटेल निकालने में भी सीआईडी ने सीबीआई से मदद करने को कहा है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+