तुर्की की गुफा में बीमार पड़ा रिसर्चर, अब तक का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चला, 3400 फीट गहराई से बचाया गया
तुर्की में 3400 फीट गहरी गुफा में फंसे एक अमेरिकी खोजकर्ता को एक अभूतपूर्व ऑपरेशन में बचा लिया गया है। वह गुफा में 9 दिनों से फंसा हुआ था और बेहद बीमार पड़ गया था।
40 वर्षीय मार्क डिकी को 2 सितंबर को पेट की गंभीर समस्या हो गई, थी जब वे 1,040 मीटर (3,400 फीट) गहरी गुफा में थे। वह मोर्का गुफा की खोज कर रहे थे, जो दक्षिणी तुर्की के टॉरस पहाड़ों में संकीर्ण सुरंगों का एक हिस्सा है।

पेट में इंफेक्शन की वजह से वे गुफा में ही फंस गए। इसके बाद मार्क डिकी को सतह पर लाने के लिए शनिवार को ऑपरेशन शुरू हुआ। वह सोमवार रात 9 बजे बाहर आ सके। इसके बाद उन्हें एक हेलिकॉप्टर से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यह एक खतरनाक ऑपरेशन था क्योंकि बचाव दल ने 4-6 डिग्री के ठंडे तापमान के बीच सुरंग में अपना रास्ता बनाया। फ़ुटेज में दिखाया गया है कि डिक्की को बचाव स्ट्रेचर से कसकर बाँधकर सतह पर लाया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि इस काम में दो से तीन हफ्तों का वक्त लग सकता है।
रेस्क्यू के बाद मार्क डिकी ने अपनी जान बचाने के लिए तुर्की सरकार के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय रेस्क्यू टीम को धन्यवाद दिया। मार्क ने कहा कि उन्हें वापस जमीन पर आने के बाद अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगने लगा था कि वे गुफा में ही मारे जाएंगे।
द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक मोर्का गुफा, जहां वे फंसे हुए थे वह तुर्की की तीसरी सबसे गहरी गुफा है। इसका सबसे निचला बिंदु जमीन से लगभग 0.8 मील (1.3 किमी) नीचे है। डिकी और अभियान पर कई अन्य लोग रिसर्च के लिए गुफा का मानचित्रण कर रहे थे।
रेस्क्यू कर रही टीम के मुताबिक यह अब तक के सबसे बड़े और सबसे जटिल भूमिगत बचाव अभियानों में से एक था। मार्क डिकी का इलाज सबसे पहले गुफा के अंदर एक हंगरी के डॉक्टर ने किया था जो 3 सितंबर को गुफा के नीचे गया था। इसके बाद डॉक्टरों और बचावकर्मियों ने बारी-बारी से उसकी देखभाल की। डिकी की बीमारी का कारण स्पष्ट नहीं है।
बचावकर्मियों ने कहा कि गहरे गुफा से बाहर निकालना सबसे बड़ी चुनौती थी। पानी और कीचड़ की वजह से रेस्क्यू ऑपरेश काफी मुश्किल था। बचाव दल के लोग जैसे-जैसे नीचे उतर रहे थे अंधेरा बढ़ता जा रहा था वहीं, तापामान भी तेजी से घटता जा रहा था। इससे उन्हें आगे बढ़ने में परेशानी हो रही थी।
इस रेस्क्यू अभियान में बुल्गारिया, क्रोएशिया, हंगरी, इटली, पोलैंड और तुर्की के लगभग 190 विशेषज्ञ शामिल थे। इसमें डॉक्टर, पैरामेडिक्स और अनुभवी कैवर्स शामिल थे। एक डॉक्टर और तीन से चार अन्य बचावकर्मियों की टीमें बारी-बारी से हर समय उसके पास रहीं।
गुफा बेहद संकरी थी जिसमें स्ट्रेचर लेकर नहीं जाया जा सकता था। बचाव शनिवार को तब शुरू हुआ जब आईवी तरल पदार्थ और रक्त देने वाले डॉक्टरों ने निर्धारित किया कि डिकी कठिन चढ़ाई कर सकता है। निकासी शुरू होने से पहले, बचावकर्मियों को गुफा के कुछ संकीर्ण मार्गों को चौड़ा करना पड़ा, उसे स्ट्रेचर पर ऊपर तक खींचने के लिए रस्सियाँ लगानी पड़ीं। इस दौरान रास्ते में अस्थायी शिविर भी लगाने पड़े।
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