एशिया में परमाणु हथियारों के प्रयोग को लेकर अमेरिका ने चीन के चेताया
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई परमाणु नीति से एक बार फिर वॉशिंगटन ने मास्को और बीजिंग को चेतावनी दी है। अमेरिका ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए कहा है कि वे ओबामा की न्यूक्लियर पॉलिसी को जारी रखेंगे, लेकिन रूस के खिलाफ के सख्ती से निपटेंगे। अमेरिका ने कहा कि रूस को पता होना चाहिए कि अगर वे यूरोप पर भी न्यूक्लियर अटैक का खतरा दिखाता है, तो यह बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा और इसका गंभीर खामियाजा भुगतना होगा। साथ ही अमेरिका ने चीन को भी चेतावनी देते हुए कहा है कि वो अपने परमाणु हथियारों को सीमित रखेंगे तो ही स्वीकार किया जाएगा।

अमेरिका ने चीन को दी चेतावनी
पेंटागन में 2018 न्यूक्लियर पोश्चर रिव्यू (एनपीआर) रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका बीजिंग के परमाणु हथियारों को गलत इस्तेमाल करने को रोकने में सक्षम है। अमेरिका ने कहा कि चीन एशिया में अपने परमाणु हथियारों का उपयोग कर फायदा उठाने की कोशिश कर सकता है, हालांकि वे सीमित में रहेंगे तो ही यह स्वीकार्य होगा।

नॉर्थ कोरिया को भी दी धमकी
रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि नॉर्थ कोरिया लगातार अमेरिका और उसके समर्थित देशों के लिए खतरा पैदा कर रहा है। पेंटागन ने कहा कि अगर नॉर्थ कोरिया ने अमेरिका या किसी भी अमेरिकी सहयोगी देश पर न्यूक्लियर अटैक किया तो हम उनका पूरा अस्तित्व ही खत्म करे देंगे। पिछले एक साल में नॉर्थ कोरिया और अमेरिका के बीच जबरदस्त तनाव देखने को मिला है।

आतंकी समर्थित देशों को चेताया
वहीं, दूसरी और अमेरिका ने अपने न्यूक्लियर पोश्चर रिव्यू में टेरर ग्रुप्स समर्थित देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर आतंकियों के हाथ न्यूक्लियर वेपन्स लगते हैं, तो वे ही इसके लिए जिम्मेदार होंगे। राजनीतिक मामलों के उपमंत्री टॉन शेनॉन ने पेंटागन में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'अमेरिका परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश कर रहे आतंकवादियों का समर्थन करने वाले किसी भी गैर राजनीतिक या आतंकवादी संगठन की जवाबदेही तय करेगा।' शेनॉन ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आतंकियों के हाथ परमाणु लगना 21वीं सदी में यह सबसे बड़ा खतरा होगा।












Click it and Unblock the Notifications