अमेरिका चाहता है भारत-पाक का मेल-मिलाप

अपना नाम न जाहिर करने के इच्छुक अधिकारी ने कहा, "लेकिन हमने इस पर निश्चत तौर पर चर्चा की है। मेरा मतलब है कि पिछले कुछ दिनों में हमने भारतीय और पाकिस्तानी पक्ष से बात की है। और हम मेल-मिलाप के प्रयासों के बहुत अधिक समर्थक हैं।"
विदेश विभाग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार केरी से मुलाकात के दौरान शरीफ ने यह स्वीकार किया कि सीमा पार आतंकवाद और आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाहें पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों के लिए खतरा हैं। शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों के लिए यह एक बहुत बड़ी चुनौती है। पाकिस्तान में कभी शांति नहीं हो सकती, यदि अफगानिस्तान में शांति नहीं है।
केरी की हाल की इस्लामाबाद यात्रा के दौरान भी अमेरिका-पाकिस्तान रणनीतिक वार्ता के दौरान सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठा था। बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों के लिए यह एक सामूहिक समस्या है। पड़ोस में होने के कारण सीमा खुली होने से भारत को भी आतंकवाद की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
शरीफ ने यह भी स्वीकार किया कि सीमा पार का आतंकवाद पाकिस्तान के लिए एक समस्या और उनकी सुरक्षा के लिए एक खतरा है। अधिकारी ने कहा कि वे पाकिस्तान में हमला करने वाले शीर्ष आतंकवादी संगठनों से वार्ता के लिए संपर्क में हैं। लेकिन इसके साथ ही अन्य विकल्पों जैसे व्यापक पुलिस और सैन्य कार्रवाइयों पर भी विचार कर रहे हैं। इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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