America Vs India: दोस्त बताकर गलां रेतने की दोबारा कोशिश! भारत को इस रास्ते से डैमेज देने की फिराक में ट्रंप
America Vs India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी कुछ दिन पहले ही एक बार फिर भारत से रिश्ते सुधारने जैसी बातें कही थीं। लग रहा था सब कुछ वापस पटरी पर आ जाएगा लेकिन अब लग रहा है कि ये सिर्फ ट्रंप की धोखेबाजी का नया चैप्टर था। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट और व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने एक बार फिर रूस से तेल खरीदने के भारत की व्यापारिक डील पर फिर से निशाना साधा।
उन्होंने जी7 वित्त मंत्रियों के साथ हुई बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रूस के तेल से होने वाले राजस्व को रोकने के लिए एकजुट होकर कदम उठाना जरूरी है, तभी यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए पर्याप्त आर्थिक दबाव बनाया जा सकेगा।

कनाडा बन रहा नया चौधरी
इस बैठक की अध्यक्षता कनाडा के वित्त मंत्री फ्रांकोइस-फिलिप शैम्पेन ने की। बैठक में नए प्रतिबंधों, व्यापार से जुड़े कदमों और यूक्रेन की सुरक्षा में मदद के लिए रूस की फ्रीज की गई संपत्तियों के इस्तेमाल पर चर्चा की गई। जी7 की अध्यक्षता कर रहे कनाडा ने कहा कि सभी सदस्य देश मॉस्को पर दबाव बढ़ाने और यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए एकजुट हैं।
भारत कड़ा और चीन पर हल्का
अमेरिका का यह आह्वान ऐसे समय में आया है जब ट्रेजरी विभाग के एक प्रवक्ता ने सार्वजनिक रूप से चीनी और भारतीय उत्पादों पर "सार्थक टैरिफ" लगाने की मांग की। प्रवक्ता का कहना है कि भारत और चीन द्वारा रियायती दामों पर रूसी तेल की लगातार खरीद से युद्ध लंबा खिंच रहा है और रूस की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही युद्ध समाप्त होगा, ये टैरिफ हटा लिए जाएंगे।
भारत पर 50% टैरिफ का दबाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले ही भारत से आने वाले आयात पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाकर कुल दंडात्मक टैरिफ 50% कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य भारत को रूस से तेल खरीदने से हतोत्साहित करना है। हालांकि, इस फैसले से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव पैदा हो गया है और कई वार्ताएं कठिन हो गई हैं।
चीन पर ट्रंप का दोहरापन
ट्रम्प प्रशासन ने फिलहाल चीन पर नए टैरिफ लगाने से परहेज किया है। ट्रम्प ने कहा कि चीन के साथ नाजुक व्यापार युद्धविराम बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने स्वीकार किया कि भारत पर टैरिफ बढ़ाना आसान नहीं था लेकिन रूस की कमाई कम करने के लिए यह आवश्यक था।
ट्रम्प का बयान - "कठिन लेकिन जरूरी फैसला"
ट्रम्प ने कहा, "भारत उनका सबसे बड़ा ग्राहक था। मैंने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया क्योंकि वे रूस से तेल खरीद रहे हैं। यह करना आसान नहीं है और इससे भारत के साथ दरार पैदा होती है।"
रूस पर और सख्त कार्रवाई के संकेत
ट्रम्प ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा युद्ध समाप्त करने से इनकार पर नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि अमेरिका को अब "बहुत सख्त कदम" उठाने होंगे। उन्होंने संकेत दिया कि रूसी बैंकों और तेल निर्यात पर और व्यापक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए यूरोपीय सहयोग जरूरी होगा।
चीन से व्यापार और सुरक्षा वार्ता
इस बीच, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट चीन के उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग से मैड्रिड में मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में व्यापार मुद्दों, टिकटॉक के अमेरिकी इन्वेस्टमेंट की वाशिंगटन की मांग और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के सहयोग पर चर्चा की जाएगी।
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