आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए पाकिस्तान के साथ नए सिरे से काम करेगा अमेरिका
वॉशिंगटन। आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ ट्रंप प्रशासन अपनी नई नीति बनाने की योजना बनाने जा रही है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि सामरिक धैर्य बनाए रखने और उसे प्रलोभन देने की बजाय अब इस्लामाबाद के साथ 'कुछ नया' करने का समय आ गया है, ताकि पाकिस्तान को आतंकवादियों के लिए ऐसा सुरक्षित पनाहगाह बनने से रोका जा सके, जहां से वे (आतंकवादी) अमेरिका और उसके सहयोगियों पर हमला कर सकते हैं।

अमेरिका ने इस बात को स्वीकार किया है कि 9/11 हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ यूएस प्रशासन की नीतियां नाकाम साबित हुई है। ट्रंप प्रशासन गानिॆके वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान को आतंकी पनाहगाह बनने से हमेशा रोकने की कोशिश की है, जहां से वे यूएस और अपने सहयोगी देशों से हमले कर सके।
ट्रंप प्रशासन ने कहा कि पिछले यूएस प्रशासन इस सामरिक धैर्य के साथ-साथ पाकिस्तान को मिलियन डॉलर दे दिए, लेकिन इसका परिणाम कुछ भी नहीं निकला। उन्होंने कहा कि आतंकवादी संगठन खुल्लेआम पाकिस्तान में अपनी गतिविधियों को चला रहे हैं और सरकारों व आतंकियों के बीच सांठ गांठ है।
उन्होंने आगे कहा, 'अब कुछ अलग करने का समय आ गया है। अगर हम अफगानिस्तान में हालातों को बदलने जा रहे हैं तो प्रतिबंधों को दरकिनार नहीं कर सकते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप अफगानिस्तान में स्थिरता के लिए स्पष्ट कर चुके हैं।' बता दें कि पिछले सप्ताह ट्रंप ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य सहायता पर रोक लगा दी थी।












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