VIDEO: इस वजह से अपने ही युद्धपोत के पास अमेरिका ने किया भयानक विस्फोट, समुद्र में आया भूकंप
वाशिंगटन, 21 जून: चीन के साथ अमेरिका के रिश्तों में पिछले काफी वक्त से तल्खी देखी गई है। इसके अलावा ईरान के साथ भी उसका विवाद लंबे वक्त से चल रहा है। ऐसे में कब युद्ध जैसे हालात बन जाएं किसी को नहीं पता। जिस वजह से अमेरिकी नौसेना खुद को लगातार मजबूत कर रही है। हाल ही में उसने अपने नए एयरक्रॉफ्ट कैरियर की टेस्टिंग के लिए एक विस्फोट किया, जिसका वीडियो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। (वीडियो-नीचे)
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40 हजार पाउंड का था बम
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक नौसेना नए एयरक्रॉफ्ट करियर की टेस्टिंग कर रही है। युद्ध के हालात में कई बार बड़े बम पोत के आसपास गिरते हैं। ऐसे में उसकी क्षमता का आंकलन करने के लिए अमेरिका ने खुद अपने नए एयरक्रॉफ्ट कैरियर के पास 40,000 पाउंड (18,144 किलोग्राम) का विस्फोट किया। जिस वजह से समुद्र का बड़ा हिस्सा धर्रा उठा और पानी हवा में काफी ऊपर तक उछला। इस पूरे घटना की एक दूसरे जहाज से रिकॉर्डिंग की गई।

3.9 तीव्रता का भूकंप
विस्फोट इतना जबरदस्त था कि 3.9 तीव्रता का भूकंप रिकॉर्ड किया गया। मामले में अमेरिकी नौसेना ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि बड़े विस्फोट का उपयोग कर उनके नए जहाजों के डिजाइन का शॉक परीक्षण किया जाता है, ताकी इस बात को सुनिश्चित किया जा सके कि अमेरिकी जहाज युद्ध जैसे मुश्किल हालात में कठोर परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं या नहीं। अगर टेस्टिंग के दौरान कोई खामी पाई जाती है, तो उसे सही कर दिया जाता है। इसका फायदा युद्ध के दौरान जवानों को मिलता है।

फाइनल रिपोर्ट का इंतजार
परीक्षण काफी हद तक सफल बताया जा रहा है, लेकिन अभी तक इसकी फाइनल रिपोर्ट नहीं आई है। इस वजह से युद्धपोत को रखरखाव और मरम्मत के लिए भेज दिया गया। वहीं कुछ लोगों ने समुद्र में इस तरह के विस्फोट और जीवों पर उसके असर पर चिंता जताई थी। जिस पर अमेरिका ने कहा कि पर्यावरण को देखते हुए ये नियंत्रित विस्फोट किए जाते हैं। वो समुद्री जीवों के प्रवासन पैटर्न का सम्मान करते हैं, ऐसे में सब पहलुओं को देखने के बाद सुरक्षित तरीके से ये विस्फोट करवाया गया।
चीन के साथ जुबानी जंग जारी
आपको बता दें कि जब कोरोना महामारी फैली तो अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे साफ तौर पर चीनी वायरस कह दिया। इसके बाद सत्ता परिवर्तन हुआ और जो बाइडेन नए राष्ट्रपति बने। उन्होंने भी चीन के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। जिस वजह से कई मुद्दों पर दोनों देशों में जुबानी जंग जारी है।












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