US Inflation Data: अमेरिका में पिछले 12 महीनों में कम हुई मुद्रास्फीति, महंगाई के आंकड़ों में गिरावट
एक्सपर्ट बताते हैं कि, साल दर-साल के आधार पर इस साल जनवरी में इसमें मामूली सुधार देखे गए।
संयुक्त राज्य अमेरिका (America) में महंगाई के आंकड़ों में गिरावट दर्ज की गई है। इसका मतलब यह हुआ कि देश मुद्रास्फीति (Inflation) के दबाव से बाहर निकल रहा है। बिजनेस एक्सपर्ट बताते हैं कि, मुद्रास्फीति के दबाव के कारण विकास की रफ्तार धीमी हो गई थी। अमेरिकी श्रम विभाग ने बताया कि उपभोक्ता मुद्रास्फीति (Consumer Inflation) एक साल पहले की तुलना अक्टूबर में 7.7 प्रतिशत रही।

कम हुई उपभोक्ता मुद्रास्फीति
एक्सपर्ट बताते हैं कि, साल दर-साल के आधार पर इस साल जनवरी में इसमें मामूली सुधार देखे गए। अस्थिर खाद्य और ऊर्जा की कीमतों को छोड़ दे तो मूल मुद्रास्फीति पिछले 12 महीनों में 6.3 प्रतिशत और सितंबर महीने से 0.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

12 महीनों में कम होकर 7.7 फीसद हुई मुद्रास्फीति
बिजनेस एक्सपर्ट्स ने अनुमान लगाया था कि ये आंकड़े उससे भी कम हैं। पिछले महीने मुद्रास्फीति में हुए सुधार के बाद भी इस बात के संकेत मिल रहे थे कि फेडरल रिजर्व बेतहाशा बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए ब्याज दरें बढ़ाना जारी रखेगा। जानकारी के मुताबिक अब तक फेड अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को छह बार बड़े अनुपात में बढ़ा चुका है। इसी वजह से वाहनों की खरीद मॉरगेज व अन्य महंगे खर्चों के लिए लोन लेना जोखिम हो गया। यह भी एक कारण है जिसकी वजह से दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को मंदी को ले जा सकता है।

महंगाई चुनावी मुद्दा
बता दें कि मंगलवार को समाप्त हुए मिड टर्म पोल में कई मतदाताओं के दिमाग में महंगाई का मुद्दा सबसे ऊपर था। चुनावी पंडित बताते हैं कि, मतदाताओं के आर्थिक चिंताओं की वजह से ही प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स को सीटों का नुकसान हुआ है। हालांकि, ट्रंप समर्थित रिपब्लिकन को भी इस चुनाव में बड़ा फायदा नहीं मिला है। लोगों ने तो उम्मीद लगा रखी थी कि इस बार रिपब्लिकन पार्टी डेमोक्रेट्स को चुनावी पटखनी देने में कामयाब रहेगी।

श्रमिकों के वेतन और महंगाई
गुरुवार के आंकड़ों से पहले ही, कुछ उपायों से मुद्रास्फीति कम होने लगी थी और आने वाले महीनों में यह जारी रह सकती है। उदाहरण के तौर पर, कामगारों के वेतन से पता चलता है कि पिछले 18 महीनों में हुई भारी वेतन वृद्धि का स्तर कम हो गया है और यह गिरना शुरू हो गया है। हालांकि श्रमिकों के वेतन का बढ़ती कीमतों से कई वास्ता नहीं है। हालांकि, अगर कंपनियां अपने ग्राहकों से अधिक शुल्क लेकर अपनी उच्च श्रम लागत को पूरा करती है तो मुद्रास्फीति की दबाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

शिपिंग को लेकर परेशानी
वाहन निर्माताओं को छोड़कर, अन्य व्यवसाय अभी भी आपूर्ति श्रृंखला में हो रही परेशानियों की वजह से अपने जरूरत के कंप्यूटर चिप्स को हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह मामला अभी भी काफी हद तक अनसुलझा है। जानकार बताते हैं कि, शिपिंग की लागत वापस पूर्व-महामारी के स्तर पर आ गई है। वहीं, दूसरी तरफ लॉस एंजिल्स और लॉन्ग बीच के बंदरगाह से मालवाहक जहाजों के बैकअप को मंजूरी दे दी गई है।












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