Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

America: हैदराबाद में जन्मीं गजाला हाशमी बन पाएंगी वर्जीनिया की लेफ्टिनेंट गवर्नर? पाकिस्तानियों की बनीं पसंद!

America: हैदराबाद में जन्मीं और वर्तमान में वर्जीनिया की स्टेट सीनेटर और पूर्व कॉलेज प्रोफेसर गजाला हाशमी वर्जीनिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं। उनका अभियान शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और प्रवासी प्रतिनिधित्व पर केंद्रित है, जो दक्षिण एशियाई समुदायों में गूंज रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह इस दौड़ में अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जॉन रीड से आगे चल रही हैं।

वर्जीनिया स्टेट सीनेट की पहली मुस्लिम और दक्षिण एशियाई महिला

भारतीय मूल की वर्जीनिया स्टेट सीनेटर गजाला हाशमी स्टेट सीनेट में सेवा देने वाली पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी और पहली मुस्लिम हैं। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव में खड़े जोहरान ममदानी की तरह, गजाला हाशमी भी अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए गर्व का विषय बनी हैं।

America

भारत से अमेरिका तक की यात्रा

भारत के हैदराबाद में जन्मीं गजाला हाशमी चार साल की उम्र में अपनी मां और भाई के साथ अमेरिका चली गई थीं। आज वह वर्जीनिया की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं और वर्तमान में राज्य की एक प्रभावशाली डेमोक्रेटिक सीनेटर हैं।

7 प्वॉइंट्स से आगे चल रही हैं हाशमी

वाशिंगटन पोस्ट के नवीनतम सर्वेक्षण के अनुसार, गजाला हाशमी अपने प्रतिद्वंद्वी जॉन रीड से 7 प्वॉइंट्स से आगे हैं, जो पहले 4 प्वॉइंट्स की बढ़त थी। यह सर्वेक्षण 16 से 20 अक्टूबर के बीच टेलीफोन पर किया गया था।

प्रचार में शिक्षा और मजदूरों पर फोकस

उनके अभियान के 'Educator' नामक 30 सेकंड के विज्ञापन में बताया गया कि हाशमी ने तकनीकी प्रशिक्षण और अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा दिया है ताकि लोग कॉलेज जाए बिना भी अच्छी नौकरियां पा सकें। इस विज्ञापन में उनके तीन दशकों के शिक्षण अनुभव को प्रमुखता दी गई है।

पाकिस्तानियों का भी मिल रहा समर्थन

गजाला हाशमी को पाकिस्तानी-अमेरिकी मतदाताओं से भी समर्थन मिल रहा है। पाकिस्तानी मूल के फैज रहमान ने कहा,- "उनका भारतीय मूल हमारे लिए मायने नहीं रखता।" यह बयान दक्षिण एशियाई मतदाताओं में उनकी स्वीकार्यता को और बढ़ाता है। इसके पीछे एक वजह ये भी बताई जा रही है कि गजाला के पूर्वज कराची (अब पाकिस्तान) से 1947 के बंटवारे बाद भारत में आए थे।

ऐतिहासिक उपलब्धियां और डेमोक्रेटिक समर्थन

61 साल की हाशमी ने जून में डेमोक्रेटिक नामांकन जीता, जिसमें उन्होंने पांच अन्य उम्मीदवारों को हराया। 2019 में वह वर्जीनिया सीनेट में चुनी जाने वाली पहली मुस्लिम और दक्षिण एशियाई अमेरिकी महिला बनी थीं। अगर वे जीतती हैं तो यह वर्जीनिया के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण होगा। अपने पहले ही चुनाव में हाशमी ने रिपब्लिकन सीनेटर ग्लेन स्टर्तेवेंट को हराया था, जिसने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। अब वह एक बार फिर इतिहास रचने की तैयारी में हैं।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+