अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट हुई जारी, अमेरिका ने भारत के हालात पर जताई चिंता
नई दिल्ली: कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिका ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट 2019 जारी की। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो की ओर से जारी इस रिपोर्ट को भारत पहले ही खारिज कर चुका है। रिपोर्ट आने के बाद अमेरिका ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता पर चिंता जताई है। साथ ही अल्पसंख्यकों को कोरोना वायरस फैलाने के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराने की सलाह दी है।
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अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट में दुनियाभर के देशों की धार्मिक स्वतंत्रता का जिक्र किया जाता है। इस पर इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम के एंबेस्डर सैमुअल ब्राउनबैक ने कहा कि भारत में प्रमुख रूप से चार धर्मों के लोग रहते हैं। अमेरिका हाल ही में भारत में हुई घटनाओं को लेकर चिंतित है। भारत का अपना एक गौरवशाली इतिहास रहा है, लेकिन अब वो यहां पर कई परेशानियां देख रहे हैं। उन्होंने भारत को इस मुद्दे पर काम करने की सलाह दी। ब्राउनबैक के मुताबिक भारत में अंतरधार्मिक संबंधों को लेकर बातचीत की जरूरत है। उन्होंने तबलीगी जमात का भी अपने बयान में जिक्र किया। उनके मुताबिक कोरोना फैलाने के लिए एक समुदाय को दोषी ठहराना उचित नहीं है। इसके बजाए उन्हें जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए।
रिपोर्ट को खारिज कर चुका है भारत
आपको बता दें कि भारत ने पहले ही इस रिपोर्ट का खारिज कर दिया था। भारत सरकार ने उस वक्त अमेरिका को जवाब देते हुए कहा था कि सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के साथ ही भारत धर्म निरपेक्ष देश है, जिस पर सभी को गर्व है। भारत ने उस दौरान धार्मिक स्वतंत्रता के बारे में पड़ताल के तरीकों पर भी सवाल उठाए थे। साथ ही कहा था कि भारत का संविधान लोगों को धार्मिक स्वतंत्रता की इजाजत देता है।












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