काबुल के बाहर पहुंचा तालिबान, डरे अमेरिका ने दूतावास से संवेदनशील सामान तत्काल नष्ट करने को कहा

रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी काबुल में अमेरिकी दूतावास अपने गोपनीय और संवेदनशील दस्तावेजों को नष्ट करने और अमेरिकी नागरिकों को निकालने के लिए हाथ-पांव मार रहा है।

काबुल, अगस्त 14: तालिबान अफगानिस्तान की राजधानी काबुल की ओर बढ़ रहा है। देश का दो-तिहाई हिस्सा पहले से ही सुन्नी पश्तून लड़ाकों ने कब्जा कर लिया है और अब स्थिति ये है कि अमेरिका खुद तालिबान से सामान समेटने के लिए कुछ वक्त की मोहलत मांग रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी काबुल के दरवाजे तक आ धमके तालिबान को देख अमेरिका ने काबुल स्थिति अपने अधिकारियों को कहा है कि वो फौरन तमाम संवेदनशील कागजात को नष्ट कर दे।

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    संवेदनशील सामान नष्ट करता अमेरिका

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    रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी काबुल में अमेरिकी दूतावास अपने गोपनीय और संवेदनशील दस्तावेजों को नष्ट करने और अमेरिकी नागरिकों को निकालने के लिए हाथ-पांव मार रहा है। एक आंतरिक रिपोर्ट के आधार पर अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन ने दावा किया है कि अफगानिस्तान स्थिति अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों से अमेरिकी ध्वज समेत उन तमाम गोपनीय दस्तावेजों का निपटारा करने के लिए कहा है, जो तालिबान के हाथ लगने पर खतरनाक हो सकते हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की इस आंतरिक रिपोर्ट का नाम ''इमरजेंसी डिस्ट्रक्शन सर्विस'' है, जिसके मुताबिक उन सभी दस्तावेजों को जला देने के लिए कहा गया है, जो संवेदनशील हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान में ज्यादातर इलाकों पर तालिबान का कब्जा हो गया है, लिहाजा ऐसे संवेदनशील कागजात और सामान तालिबान के हाथ नहीं लगने पाएं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन रिपोर्ट्स को जलाने या सुरक्षित हाथों तक पहुंचा देने के निर्देश दिए गये हैं।

    अमेरिका में आपातकालीन कार्रवाई शुरू

    अमेरिका में आपातकालीन कार्रवाई शुरू

    वहीं, वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग ने काबुल स्थिति अमेरिकी दूतावास को आपातकालीन स्थिति में तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों की सुरक्षा के लिए करीब 3 हजार सुरक्षा बलों को भेजा गया है। अफगानिस्तान की वर्तमान स्थिति को देखते हुए और सुरक्षा के मुद्दे पर काम करने वाले विदेश विभाग के एक अधिकारी ने वॉशिंगटन पोस्ट से कहा कि ''पूरी चीज खराब होने वाली है''। वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने शनिवार को उत्तरी शहर मजार-ए-शरीफ पर कब्जा करने के लिए एक नया हमला शुरू किया, जो अफगानिस्तान में चौथा सबसे बड़ा शहर है। यह बल्ख प्रांत की राजधानी है और शक्तिशाली पूर्व सरदारों द्वारा इसका बचाव किया जाता है।

    तालिबान का रूकना अब नामुमकिन?

    तालिबान का रूकना अब नामुमकिन?

    अफगानिस्तान से आ रही अलग अलग मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि तालिबान ने हाल के हफ्तों में ज्यादातर उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणी अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है, जिसके बाद अमेरिका समर्थित अफगान सरकार का नियंत्रण देश के ज्यादातर हिस्सों से हट गया है। वहीं, ज्यादातर देशों ने अपने अपने दूतावासों के अधिकारियों को आपातकालीन स्थिति में बाहर निकालना शुरू कर दिया है। वहीं, सीएनएन-न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार ने भी अफगानिस्तान की खबार होती स्थिति को देखते हुए अपने अधिकारियों को अफगानिस्तान से बाहर निकालने का फैसला किया है। अफगानिस्तान में तेजी से बिगड़ती स्थिति के बीच काबुल में भारतीय दूतावास के कर्मचारियों को निकाला जाएगा, इसकी पुष्टि सीएनएन-न्यूज-18 ने एक सरकारी सूत्र के आधार पर किया है।

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