युनेस्को से अलग होगा अमेरिका, ये रही वजह

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वाशिंगटन। अमेरिका ने यूनेस्को से अलग होने का ऐलान किया है। अमेरिका ने कहा कि यूनेस्को लंबे समय से इजरायल विरोधी रूख अपनाता रहा है जिसकी वजह से उसने इस संस्था से अलग होने का फैसला लिया है। बता दें कि अमेरिका और यूनेस्को के बीच 2001 से ही मतभेद आने शुरू हो गए थे जब इस संस्था ने फिलिस्तीन को सदस्य बनाया।

युनेस्को से अलग होगा अमेरिका, ये रही वजह

फिलिस्तीन के सदस्य बनने के बाद से ही अमेरिका ने यूनेस्को को दी जाने वाले फंडिग में कटौती कर दी। अब अमेरिका के इस फैसले से यूनेस्को को फंडिग की और ज्यादा कमी से जूझना पड़ेगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने फैसले के बारे में ऐलान करते हुए कहा कि यूनेस्को में मूलभूत बदलाव करने की जरुरत है।

अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नाउर्ट ने कहा कि यह फैसला कोई जल्दीबाजी में लिया गया फैसला नहीं है। यह फैसला यूनेस्को में इजरायल के खिलाफ लगातार बढ़ते पूर्वाग्रह और बकाया रकम की चिंता को देखते हुए लिया गया है। यूनेस्को में इस वक्त बड़े पैमाने पर बदलाव करने की जरूरत है।

बता दें कि यूनेस्को 1946 में बना एक वैश्विक संस्था है जो विश्व धरोहरों को चिह्नित करने और उन्हें संजोने के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यूनेस्को का मुख्यालय पेरिस में है। अमेरिका, युनेस्को को हर साल करीब आठ करोड़ डॉलर (करीब 520 करोड़ रुपये) की मदद देता था।

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English summary
america announced its withdrawing from Unesco, citing anti-Israel bias
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