• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

तो क्या अपनी मर्जी से मरेगा इंसान? जेफ बेजोस ने अमरत्व पर काम कर रही कंपनी में किया निवेश

|
Google Oneindia News

वॉशिंगटन, सितंबर 11: क्या वैज्ञानिक ऐसे फॉर्मूले पर काम कर रहे हैं, जिससे इंसान अमरत्व को प्राप्त कर लेगा? क्या वैज्ञानिकों उस फॉर्मूले पर काम करना शुरू कर चुके हैं, जिससे इंसानी जिंदगी मृत्यु पर विजय प्राप्त कर लेगी? ये सवाल इसलिए उठे हैं, क्योंकि अमेजन के कंपनी के मालिक जेफ बेजोस को लेकर बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पता चला है कि जेफ बेजोस ने एक ऐसे प्रोजेक्ट में अपना पैसा लगाने वाले हैं, जिसका मकसद इंसानों को अमर बनाना है।

'मौत पर विजय' का प्रोजेक्ट

'मौत पर विजय' का प्रोजेक्ट

अमेजन कंपनी के सीईओ पद से इस्तीफा देने के बाद जेफ बेजोस एक ऐसी कंपनी में पैसा लगाने वाले हैं, जो इंसानों को मौत से बचाने के लिए काम कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस एक एंटी-एजिंग रिसर्च कंपनी में निवेश करना चाह रहे हैं, जो मानव कोशिकाओं को फिर से तैयार करने पर काम कर रही है। यानि, इंसानों को बूढ़ा बनाने के लिए शरीर की जो कोशिकाएं जिम्मेदार होती हैं, उन कोशिकाओं को फिर से तैयार करने के लिए कंपनी काम कर रही है और माना जा रहा है कि जेफ बेजोस उस प्रोजेक्ट में पैसा लगाने की सोच रहे हैं।

    Jeff Bezos ने अमृत्व बनाने वाली कंपनी में किया निवेश, जानिए क्या है वजह? | वनइंडिया हिंदी
    अल्टोस लैब ने किया दावा

    अल्टोस लैब ने किया दावा

    एमआईटी टेक रिव्यू के मुताबिक, 2021 की पहली छमाही में स्थापित अनुसंधान-आधारित कंपनी Altos Labs ने दावा किया है कि उसकी कंपनी में जिन लोगों ने इन्वेस्टमेंट किया है, या करने वाले हैं, उनमें से एक नाम जेफ बेजोस भी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को उलटने का तरीका जानने के लिए काम कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक इस कंपनी ने अपने प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए जिन वैज्ञानिकों को रखा है, उन्हें एक साल में 10 मिलियन डॉलर सिर्फ सैलरी दी जाएगी।

    जेफ बेजोस प्रोजेक्ट में शामिल

    जेफ बेजोस प्रोजेक्ट में शामिल

    रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने अपने प्रोजेक्ट के बारे में कुछ लोगों को ब्रीफिंग दी है, जिसमें कंपनी की तरफ से कहा गया है कि उसके निवेशकों में दुनिया के सबसे अमीर शख्स जेफ बेजोस भी शामिल हैं, जिन्होंने जुलाई महीने में अमेजन कंपनी के सीईओ के तौर पर इस्तीफा दे दिया था। कंपनी के सीईओ पद से इस्तीफा देने के बाद जेफ बेजोस ने अंतरिक्ष की भी यात्रा की थी और जान जोखिम में डालकर अंतरिक्ष टूरिज्म की शुरूआत की थी।

    बढ़ते उम्र को कैसे रोकेगी कंपनी?

    बढ़ते उम्र को कैसे रोकेगी कंपनी?

    अल्टोस लैब्स का नाम रूसी निवेशक और तकनीकी मुगल यूरी मिलनर के पालो ऑल्टो हवेली से लिया गया है। जहां दो दिवसीय सम्मेलन में कंपनी को लेकर पहली बार कंसेप्ट को फाइनल किया गया था। अल्टोस लैब्स यह समझने पर काम कर रही है, कि कैसे बायोटेक्नोलॉजी का इस्तेमाल वृद्ध लोगों को फिर से युवा बनाने के लिए किया जा सकता है। कोशिकाओं की उम्र और उस प्रक्रिया को कैसे उलटना है, इस पर शोध करने के लिए विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के एक बड़े कैडर की भर्ती की जाएगी।

    क्या सच हो पाएगा अमरत्व का सपना?

    क्या सच हो पाएगा अमरत्व का सपना?

    रिप्रोग्रामिंग में एक सेल में प्रोटीन जोड़ना शामिल किया जाएगा, जो अनिवार्य रूप से इसे स्टेम-सेल जैसी स्थिति में वापस जाने का निर्देश देता है। इस रिसर्च को चूहों पर सबसे पहले किया गया था और उसमें कामयाबी भी मिली थी और इस रिसर्च के लिए टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने के लिए 2012 में वैज्ञानिक शिन्या यामानाका को नोबेल पुरस्कार दिया गया था। यूएस और यूके में काम करने वाली ये कंपनी अपने रिसर्च का विस्तार करने के लिए बे एरिया, सैन डिएगो, कैम्ब्रिज, यूके और जापान में कई संस्थान स्थापित करने की योजना बना रही है।

    2018 में भी बेजोस ने किया था निवेश

    2018 में भी बेजोस ने किया था निवेश

    आपको बता दें कि जेफ बेजोस के लिए एंटी-एजिंग रिसर्च में उतरना कोई नई बात नहीं है। अमेजन कंपनी के फाउंडर ने 2018 में भी इसी तरह की कंपनी में निवेश किया था। पूर्व सीईओ को बायोटेक कंपनी यूनिटी टेक्नोलॉजीज द्वारा बोर्ड में लाया गया था जो एंटी-एजिंग थेरेपी बनाने पर काम कर रही है।

    हावर्ड के वैज्ञानिक का भी दावा

    हावर्ड के वैज्ञानिक का भी दावा

    आपको बता दें कि इसी साल हॉवर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक ने भी दावा किया था कि बहुत जल्द इंसान अमरत्व हासिल कर सकता है और हजारों साल जिंदा रह सकता है। हावर्ड के प्रोफेसर डेविड सिंसलैर ने इंसानों के लिए एक असंभव सा दावा किया था। असंभव इसलिए क्योंकि एक इंसान अगर सौ सालों की जिंदगी जी ले तो लोगों के बीच वो इंसान चर्चा का विषय बन जाता है। लेकिन, हावर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डेविड सिंसलैर ने कहा है कि महज दो सालों के बाद इंसान हजारों हजार साल तक जिंदा रहने का सपना सच कर सकते हैं। इसके लिए उन्होंने चूहों पर हुए एक एक्सपेरिमेंट का हवाला दिया है।

    चूहों पर हुआ एक्सपेरिमेंट

    चूहों पर हुआ एक्सपेरिमेंट

    प्रोफेसर डेविड सिंसलैर ने कहा था कि चूहों पर एक एक्सपेरिमेंट किया गया है और इस एक्सपेरिमेंट से ये साबित हो गया है कि इंसानी शरीर के भी कई अंगों में बुढ़ापे के असर को उल्टा किया जा सकता है। प्रोफेसर डेविड सिंसलैर ने एक पोडकास्ट के दौरान कहा कि 'रिसर्च के दौरान पता चला है कि एक ऐसा भ्रूण जीन्स होता है, जिसे अगर किसी वयस्क पशु के शरीर में डाल दिया जाए तो उसके उम्र से जुड़े टिश्यू को फिर से बनाया जा सकता है और इसे काम करने में तीन से चार हफ्ते का वक्त लगता है।' प्रोफेसर ने कहा कि 'आप एक अंधे चूहे को ले सकते हैं, जो उम्र के बढ़ते प्रभाव की वजह से नहीं देख पाता हो और उसके ब्रेक के साइड में जो न्यूरॉन रहता है, उसने काम करना बंद कर दिया हो और अगर उस न्यूरॉन्स को जीन्स की मदद से फिर से निर्माण कर दिया जाए तो वो चूहा फिर से देखने में सक्षम हो जाएगा।'

    100 साल जीने का लक्ष्य रखें बच्चे

    100 साल जीने का लक्ष्य रखें बच्चे

    52 साल के हावर्ड प्रोफेसर डेविड सिंसलैर ने कहा कि उनका रिसर्च पिछले साल दिसंबर में पब्लिश हुआ है। डिसमें उन्होंने साबित कर दिया है कि एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत कोशिकाओं को फिर से युवावस्था की तरफ लाया जा सकता है। वहीं, भ्रूण जीन्स के बारे में प्रोफेसर डेविड सिंसलैर ने कहा कि 'हमने इसका इस्तेमाल उन चूहों पर किया है जो काफी पहले वृद्धावस्था में पहुंच चुके हैं और वो अपनी क्षमता फिर से हासिल कर रहे हैं।'

    2 साल में इंसानों पर ट्रायल

    2 साल में इंसानों पर ट्रायल

    प्रोफेसर डेविड सिंसलैर ने कहा कि वो बहुत आशावादी इंसान हैं और अगले दो सालों के बाद वो इस रिसर्च का इस्तेमाल इंसानों पर करने जा रहे हैं। वहीं, आधुनिक दवाओं से इंसनों के जीवन को क्या बढ़ाया जा सकता है, इस सवाल के जवाब में प्रोफेसर ने कहा कि आज के समय में जन्म लेने वाले बच्चों को 100 साल जिंदा रहने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना चाहिए। प्रोफेसर डेविड सिंसलैर ने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया है कि इंसानों के जीवन की कोई अधिकतम सीमा नहीं हो सकती है और इंसान हजारों सालों तक जिंदा रह सकता है।

    दुर्लभ बीमारी के साथ पैदा हुआ मासूम बच्चा, कलयुगी बाप ने 'शैतान की औलाद' बताकर मां-बेटे को छोड़ादुर्लभ बीमारी के साथ पैदा हुआ मासूम बच्चा, कलयुगी बाप ने 'शैतान की औलाद' बताकर मां-बेटे को छोड़ा

    English summary
    Amazon company founder Jeff Bezos has invested in a company that is working to make people immortal.
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X