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पृथ्वी पर एलियंस ने भेजा Mock Signal, UFO को लेकर पहली बैठक, क्या लगा NASA के हाथ?

एलियंस को लेकर रहस्य का पर्दाफाश करने के नासा के साइंटिस्ट्स का एक पैनल दुनिया के सभी क्षेत्रों में हुई घटनाओं का अध्ययन कर रही है। ये पैनल जल्द ही अहम रिपोर्ट जारी करने वाला है।

Aliens Mock Signal on Earth

Aliens Mock Signal on Earth: स्पेस में उड़ती दिखने अज्ञात वस्तुओं (Unidentified flying object) लंबे समये से रहस्य बनी हुई हैं। साइंटिस्ट्स ने यूएफओ और एलियंस से जुड़े रहस्यों को पर्दाफाश करने के लिए कई अध्ययन किए। इस हफ्ते पहला मौका जब स्पेस एजेंसी नासा ने यूएफओ (UFO) को लेकर सार्वजनिक रूप से चर्चा की। बैठक करीब चार घंटे तक चली। इस दौरान एक्सपर्ट्स ने एलियंस को लेकर कई खुलासे किए।

UAP पैनल ने की बड़ी रिसर्च
नासा ने यूएफओ पर अध्ययन के लिए एक अलग पैनल बनाया है, जिसमें अनुभवी साइंटिस शामिल हैं। पैनल को यूएपी (UAP) नाम दिया गया है। बैठक में साइंटिस्ट्स की टीम ने अब तक एलियंस और यूएफओ को लेकर अपनी रिसर्च में जो पाया उस पर सार्वजनिक रूप से चर्चा की। इस गर्मी के सीजन के अंत तक ये पैनल एलियंस को लेकर अपने शुरुआती रिसर्च में मिले अहम निष्कर्षों पर चर्चा की।

नासा को UFO के बारे में क्या मिला?
स्पेस एजेंसी के साइंटिस्ट्स ने यूएफओ को लेकर करीब 800 से अधिक रिपोर्ट्स का अध्ययन कर ये रिपोर्ट जारी करेगी। पैनल के सदस्यों ने यूएफओ से जुड़ी सभी घटनाओं का दस्तावेजीकरण किया। नासा के एक्सपर्ट्स व यूएपी टीम के अध्यक्ष डेविड स्पर्जेल ने कहा कि एक लाइन में अगर कहा जाए तो यूएफओ को लेकर हमें अभी भी हाई क्वालिटी के डेटा की आवश्यकता है, क्योंकि अब तक जो भी रिकॉर्ड हैं वो यूएफओ के पर्याप्त सबूत नहीं माने जा सकते।

'कुछ पता चलेगा तो बताएंगे'
एस्ट्रोबायोलॉजिस्ट डॉ डेविड ग्रिनस्पून ने कहा कि नासा की एलियंस को लेकर की गई रिसर्च पर कहा कि पृथ्वी से बाहर अगर ब्रह्मांड में जीवित प्राणी मिलेगा तो उसे नासा को गर्व होगा। डॉ. डेविड ने कहा कि अगर हमें कुछ पता चलता है तो जरूर प्रसारित किया जाएगा।

एलियंस का मॉक मैसेज
ईएसए अंतरिक्ष यान संभावित जैविक या भूवैज्ञानिक गतिविधि के साक्ष्य की तलाश में अक्टूबर 2016 से लाल ग्रह की परिक्रमा कर रहा है। ईएसए ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि संदेश सबसे पहले 10 मई को जर्मनी के डार्मस्टैड में अंतरिक्ष यान एजेंसी के मिशन कंट्रोल सेंटर को भेजा गया था। ESA ने मंगल ग्रह से 'मॉक' सिग्नल भेजने के लिए अपने एक्सोमार्स ट्रेस गैस ऑर्बिटर का इस्तेमाल किया। एन्कोडेड संदेश एजेंसी के 'ए साइन इन स्पेस' प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में 24 मई को रात 9 बजे आईएसटी पर फ्लैश किया गया था।

मैसेज डिकोड करने के प्रयास जारी
स्पेस एजेंसी के एक्सपर्ट डेनिएला डी पाउलिस ने कहा, " इतिहास में मानवता ने शक्तिशाली घटनाओं की खोज की। स्पेस से संदेश प्राप्त करना पूरी मानव जाति के लिए एक खास अनुभव होगा।" वहीं ईएसए ने आगे कहा कि इन सिग्नल्स का सभी देशों और संस्कृतियों के लोगों और विशेषज्ञों को संदेश को डिकोड और व्याख्या करने के लिए कहा जा रहा है"

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