UFO क्रैश के बाद दो एलियंस के साथ हुई थी अमेरिकी अधिकारियों की बैठक, लीक हुए सीक्रेट दस्तावेजों से बड़ा खुलासा
Aliens News: संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार के लीक हुए दस्तावेज़ों में आखिरकार इस बात की पुष्टि हो गई है, कि धरती से यूएफओ टकराया था, जिसके बारे में कई तरह की अफवाहें समय समय पर तैरती रहती हैं।
डेली स्टार यूके की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 20 सालों के बाद इस बात की पुष्टि हो गई है, कि ना सिर्फ धरती से एलियंस के विमान की टक्कर हुई थी, बल्कि इस बात का भी पता चला है, कि एलियंस के साथ अमेरिका के अधिकारियों की बैठक भी हुई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, एलियंस और अमेरिकी अधिकारियों के बीच की ये बैठक उसी जगह पर हुई थी, जहां यूएफओ धरती से टकराया था। हालांकि, डेली स्टार ने बताया है, कि फिलहाल यह बिल्कुल स्पष्ट नहीं है, कि दस्तावेज़ कहां से आए हैं, लेकिन रेडिट पर उस धमाकेदार रिपोर्ट के कई पेज पोस्ट किए गए हैं, जिसमें दिखाया गया है कि रोसवेल में एलियंस और अमेरिकी अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी।
एलियंस और अमेरिकी अधिकारियों की बैठक
लीक हुए दस्तावेज के पहले पन्ने पर इसे प्रोजेक्ट एक्वेरियस और प्रोजेक्ट सिग्मा कहा गया है। ये वो दो नाम हैं, जिनकी पुष्टि पहले अमेरिकी सरकार ने की थी। लीक दस्तावेज में तारीख 7 जुलाई 1947 की है, जिसे 'रोसवेल की तारीख' कहा जाता है, जो एक सीक्रेट ऑपरेशन था, जब अमेरिकी वैज्ञानिकों ने क्रैश लैंडिंग साइट पर चलाया था और कहा जाता है, कि इस दौरान अमेरिका ने लैंडिंग साइट से यूएफओ के टुकड़े बरामद किए थे, जिसकी अभी तक जांच चल रही है।
असली खुलासा कई पन्नों का है, जहां यह दावा किया गया है, कि 25 अप्रैल, 1964 को संयुक्त राज्य वायु सेना के खुफिया अधिकारियों की न्यू मैक्सिको के रेगिस्तान में एक दिलचस्प मुठभेड़ हुई थी। इसे लोनी ज़मोरा घटना के रूप में जाना जाता है, जहां एक पुलिस अधिकारी ने दावा किया था, कि उसने दो लोगों को एक चमकदार वस्तु के पास देखा था और वो वस्तु बाद में हवा में गायब हो गई थी।
हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने हमेशा इसका खंडन किया गया, जैसा कि अधिकांश यूएफओ मुठभेड़ों में होता है - लेकिन लीक हुए दस्तावेज़ से पता चलता है, कि वास्तव में क्या हुआ था?

प्रोजेक्ट सिग्मा के हिस्से के रूप में इसमें कहा गया है, कि "25 अप्रैल 1964 को, यूएसएएफ के एक खुफिया अधिकारी ने न्यू मैक्सिको के रेगिस्तान में एक पहले से ही तय किए गये जगह पर दो एलियंस से मुलाकात की थी।
लीक दस्तावेज से पता चलता है, कि "ये संपर्क लगभग तीन घंटे तक चला था। और अमेरिकी वायु सेना अधिकारी दो एलियंस के साथ बुनियादी जानकारी का आदान-प्रदान करने में कामयाब रहे थे।"
रिपोर्ट के मुताबिक, "यह परियोजना न्यू मैक्सिको में वायु सेना बेस पर अभी भी जारी है और इसमें, एलियंस से मिली जानकारियों पर अभी भी रिसर्च की जा रही है।"
इसके अलावा, ये दस्तावेज़ स्नोबर्ड जैसी अन्य परियोजनाओं पर भी प्रकाश डालते हैं, जो "एक बरामद विदेशी विमान का परीक्षण करने" के मिशन की पुष्टि करता है। पृष्ठ के नीचे एक नोट में कहा गया है, कि पूर्व "शीर्ष गुप्त" दस्तावेज़ के अवर्गीकृत संस्करण की प्रामाणिकता संभावना "90%" है।
हालांकि, पहले इसी तरह के दस्तावेजों को एफबीआई द्वारा आंशिक रूप से "फर्जी" करार दिया गया था, लेकिन नवीनतम लीक दस्तावेज पर अभी तक एफबीआई की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं की गई है।












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