'भारत के टैरिफ ने रूस को बातचीत के लिए मजबूर किया', पुतिन के साथ अलास्का शिखर सम्मेलन से पहले बोले ट्रंप
Trump India tariffs Russia talks: अलास्का में होने वाले उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत पर लगाए गए टैरिफ ने रूस को बातचीत के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इन टैरिफों के कारण भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया, जिससे मास्को को वार्ता में आने के लिए मजबूर होना पड़ा।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर वार्ता सफल रही तो वह यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ट्रंप की प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अमेरिका युद्ध समाप्ति और शांति स्थापित करने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है।

ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने फॉक्स रेडियो के द ब्रायन किलमीड शो को बताया,'भारत पर लगाए गए सेकंडरी टैरिफों ने उन्हें essentially रूस से तेल खरीदने से रोक दिया। शायद यही वजह है कि मास्को बातचीत के लिए तैयार हुआ।'
ट्रंप ने कहा कि, 'उन्हें विश्वास है कि पुतिन डील करना चाहते हैं और उनका उद्देश्य वार्ता से सकारात्मक परिणाम हासिल करना है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पहली बैठक सफल रही तो यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं से भी दूसरी बैठक की संभावना होगी, जिसमें सीमा विवाद और भू-भाग पर बातचीत होगी।
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हम सबसे बेहतर करेंगे- ट्रंप
उन्होंने स्पष्ट किया कि, वह रूस और यूक्रेन के बीच समझौते की बातचीत में सीधे हस्तक्षेप नहीं करेंगे, बल्कि केवल वार्ता का मार्ग प्रशस्त करेंगे। ट्रंप ने कहा, 'हम सबसे बेहतर करेंगे और मुझे लगता है कि अंत में अच्छा परिणाम आएगा।'
मास्को में, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी प्रशासन की सराहना करते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि वर्तमान अमेरिकी प्रशासन होस्टिलिटीज़ को रोकने, संकट को समाप्त करने और सभी पक्षों के हित में समझौते करने के लिए पूरी ऊर्जा और ईमानदारी से प्रयास कर रहा है।'
पुतिन ने यह भी संकेत दिया कि अलास्का में न्यूक्लियर आर्म्स नियंत्रण पर भी समझौता संभव है और इसका लक्ष्य यूरोप और विश्व में दीर्घकालीन शांति स्थापित करना है।
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