चीन-ताइवान के बीच जंग जैसे हालात, 200 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द
ताइपे। चीन और ताइवान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच दोनों देशों ने 200 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द कर दी है और हजारों लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। चीन में ताइवान के करीब 2,00,000 नागरिक रहते हैं और काम करते हैं, जो फरवरी में लूनर न्यू ईयर के लिए घर आना चाहते हैं, लेकिन अब वे फंस चुके हैं। मंगलवार को चीनी कैरियर्स ने चाइना ईस्टर्न एयरलाइन्स और झियामेन एरलाइन ने अपने 176 फ्लाइट्स को रद्द कर दिए हैं। हवाई मार्ग विवाद को लेकर ताइवान और चीन के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है।

क्या है मामला?
चीन ने जनवरी महीने के पहले सप्ताह में अपने तीन नए एयरस्पेस रूट ओपन किए हैं, जो ताइवान के बिल्कुल नजदीक है। चीन ने अपने इस नए रूट पर एयरक्राफ्ट मिलिट्री ड्रील भी की थी, जिसको लेकर ताइवान ने आपत्ति जताते हुए बीजिंग सरकार को लेटर भी लिखा था। ताइवान का आरोप है कि इस प्रकार के निर्णय लेने से पहले चीन ने एक बार चर्चा तक नहीं की है। ताइवान ने चीन के इन नए रूट को अपने संप्रभुता और सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

ताइवान ने किया मिलिट्री ड्रिल
नए हावई मार्ग से दोनों देशों के बीच गतिरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच मंगलवार (30 जनवरी, 2018) को ताइवान आर्मी ने मिलिट्री ड्रिल की है। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, देश के पूर्वी बंदरगाह ह्यूलियन पर जंग जैसे हालात बनाए गए। अभ्यास में दुश्मन के जहाज और टैंक ह्यूलियन बंदरगाह पर उतरे जिनका सामना जमीन पर ताइवान की सेना कर रही थी। सेना की मदद के लिए ताइवान के लड़ाकू हेलीकॉप्टर और एफ-16 विमान दुश्मन सेना पर बमबारी कर रहे थे।

ताइपे-बीजिंग के रिश्तें बिगड़ेंगे...
ताइवान की राष्ट्रपति साइ-इंग वेन ने बढ़ती तनातनी को देखते हुए कहा कि इससे ताइपे और बीजिंग के रिश्ते खतरनाक स्तर पर पहुंचेंगे। हाल ही में वेन ने ट्वीट कर कहा था कि चीन ने बीते दिनों अपने नए रूट पर मिलिट्री एक्सरसाइज में विस्तार किया है, जो नहीं होना चाहिए। वहीं, चीन का कहना है कि उन्होंने अपने नए रूट इंटरनेशनल सिविल एविशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) से मंजूरी लेने के बाद ही ओपन किए हैं। चीन ने कहा कि उन्होंने किसी इंटरनेशनल लॉ का उल्लंघन नहीं किया है।












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