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दुनिया के कई देशों में लागू है ‘अग्निपथ’ योजना, जानें किस देश में क्या हैं नियम

दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जहां लोगों को मिलिट्री के लिए एक तय वक्त तक काम करना जरूरी है। अभी हम जानेंगे कि 'टूर ऑफ ड्यूटी' क्या होती है? किन देशों में युवाओं को मिलिट्री सेवा देना अनिवार्य है।

सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करते हुए थलसेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी 'अग्निपथ' योजना की घोषणा की है। इसके तहत सैनिकों की भर्ती चार साल की संक्षिप्त अवधि के लिए संविदा आधार पर की जाएगी। इस योजना के मुताबिक तीनों सेनाओं में इस साल करीब 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे। चयन के लिए पात्रता आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी और इनको अग्निवीर नाम दिया जाएगा।

तस्वीर- प्रतीकात्मक

टूर ऑफ ड्यूटी से हो रही तुलना

टूर ऑफ ड्यूटी से हो रही तुलना

ऐसे में 'अग्निपथ योजना' की तुलना, 'टूर ऑफ ड्यूटी' से की जा रही है। दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जहां लोगों को मिलिट्री के लिए एक तय वक्त तक काम करना जरूरी है। अभी हम जानेंगे कि 'टूर ऑफ ड्यूटी' क्या होती है? किन देशों में युवाओं को मिलिट्री सेवा देना अनिवार्य है।

टूर ऑफ ड्यूटी क्या है?

टूर ऑफ ड्यूटी क्या है?


टूर ऑफ ड्यूटी द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान तब शुरू हुई थी जब ब्रिटेन में पायलट की कमी हो गई थी। इसके बाद ब्रिटिश सरकार ने युवाओं को एक निश्चित अवधि के लिए वायुसेना में भर्ती करना शुरू किया। उस वक्त नौकरी के लिए यह शर्त रखी गई कि हर पायलट को 2 सालों में कम से कम 200 घंटे विमान उड़ाना होगा। यह योजना बेहद सफल रही। इसकी सफलता को देखते हुए कई अन्य देशों ने भी टूर ऑफ ड्यूटी को अपनाया। इस योजना का उद्द्श्य अधिकाधिक संख्या में युवाओं को सेना की ट्रेनिंग देना है ताकि जरूरत पड़ने पर वे देश की सेवा कर सकें।

30 से अधिक देशों में लागू

30 से अधिक देशों में लागू

दुनिया के 30 से अधिक देशों में टूर ऑफ ड्यूटी का नियम किसी न किसी रूप में लागू है। ये कुछ महीनों से लेकर कुछ सालों तक की हो सकती है। वहीं, कम से कम 10 देश ऐसे हैं जहां पुरुष और स्त्री दोनों को सेना में अनिवार्य रूप से सेवा देनी पड़ती है। इन देशों में चीन, इजरायल, यूक्रेन, नार्वे, स्वीडन, मोरक्को, उत्तर कोरिया, केप वर्दे, जाड, इरित्रिया जैसे देश शामिल हैं।

इजरायल

इजरायल

इजरायल में पुरुष और महिला, दोनों के लिए मिलिट्री सर्विस अनिवार्य है। पुरुष इजरायली रक्षा बल में 3 साल और महिला करीब 2 साल तक सेवा देती हैं। कुछ सैनिकों को अलग-अलग जिम्मेदारियों के तहत अतिरिक्त महीने की सेवा भी करनी पड़ सकती है। यह देश-विदेश में रह रहे इजरायल के सभी नागरिकों पर लागू होता है। सिर्फ मेडिकल आधार पर ही किसी को सेना छोड़ने की अनुमति मिल सकती है।

ब्राजील

ब्राजील

ब्राजील में 18 साल से अधिक की उम्र के लिए मिलिट्री सेवा जरूरी है। यह 1 साल के लिए होता है। 18 साल की उम्र पूरी होती ही यह हर पुरुष नागरिक पर लागू हो जाता है। सिर्फ स्वास्थ्य कारणों के आधार पर लोगों को छूट मिल सकती है। अगर आप यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं, तो सेवा टाली जा सकती है लेकिन इसे रद्द नहीं किया जा सकता है।

रूस

रूस

रूस में 18 से 27 साल तक के युवाओं को अनिवार्य सैन्य सेवा जरूरी है। पहले यहां अनिवार्य सैन्य सेवा के लिए युवाओं को 2 साल देने पड़ते थे लेकिन 2008 से इसे घटाकर मात्र 12 महीने कर दिया गया है। डॉक्टर, शिक्षक जैसे पदों पर नियुक्त लोगों के लिए इसमें ढील दी गई है। वहीं, जिन पुरुषों को 3 साल या उससे कम उम्र के बच्चें हों उन्हें भी इससे छूट मिली हुई है।

बरमूडा

बरमूडा


बरमूडा में पुरुषों को सेना में भर्ती करने के लिए सरकार लॉटरी निकालती है। इसमें 18 से 32 तक के परुषों की भर्ती की जाती है। इस लॉटरी में जिनका नाम आता है उन्हें बरमूडा रेजिमेंट में अनिवार्य रूप से 38 महीनों के लिए सेवा देनी पड़ती है।

दक्षिण कोरिया

दक्षिण कोरिया

दक्षिण कोरिया में सभी सक्षम पुरुषों को सेना में 21 महीने, नौसेना में 23 महीने और वायुसेना में 24 महीने सर्विस देनी होती है। पुलिस फोर्स, कोस्ट गार्ड, फायर सर्विस सहित कई सरकारी विभाग में भी काम करने का ऑप्शन रहता है। दक्षिण कोरिया में सबसे अधिक साल तक अनिवार्य सैन्य सेवा करनी होती है। पुरुषों को करीब 11 साल तो महिलाओं के लिए करीब 7 साल तक सेवा देने का नियम है।

सीरिया

सीरिया

सीरिया में सभी पुरुषों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है। मार्च 2011 में अनिवार्य मिलिट्री सर्विस को 21 महीने से घटाकर 18 महीने कर दिया था। यहां नियम इतने सख्त हैं कि सैन्य सेवाओं को टालने वाले लोगों की नौकरी तक जा सकती है। सर्विस देने से भागने वाले लोगों को जेल की सजा तक का प्रावधान है। महिलाओं के लिए ऐसा नहीं है, वह वॉलंटियर सर्विस दे सकती हैं।

स्विट्जरलैंड

स्विट्जरलैंड


स्विट्जरलैंड में अनिवार्य सैन्य सेवा लागू है। यहां सभी सेहतमंद पुरुषों को वयस्क होते ही मिलिट्री में शामिल होना होता है। महिलाएं खुद चाहें तो सेना में शामिल हो सकती हैं, अन्यथा उनके लिए यह जरुरी नहीं है। यह सेवा करीब 21 हफ्ते की होती है। इसके बाद जरूरी ट्रेनिंग के अनुसार इसे बढ़ाया जा सकता है। आमतौर पर इसमें 6 ट्रेनिंग पीरियड होते हैं। हर ट्रेनिंग 19 दिन की होती है।

सिंगापुर

सिंगापुर

सिंगापुर में सैन्य सेवा अनिवार्य है। हर पुरुष को 18 साल की उम्र होते ही सिंगापुर आर्म्ड फोर्सेस में शामिल होना जरुरी है। इसके अलावा वह सिंगापुर सिविल डिफेंस फोर्स या फिर सिंगापुर पुलिस फोर्स में शामिल हो सकता है। इस नियम को तोड़ने वालों पर 10 हजार सिंगापुरियन डॉलर्स का जुर्माना, तीन साल की सजा या फिर दोनों पड़ सकता है।

चीन

चीन

चीन में तकनीकी तौर पर नागरिकों को मिलिट्री सर्विस करना अनिवार्य है, लेकिन देश में अनिवार्य सैन्य सेवा 1949 के बाद से ही लागू नहीं की गई है, क्योंकि आर्मी को लगता है कि लोग स्वेच्छा से आते ही हैं।

थाईलैंड

थाईलैंड


थाईलैंड में अनिवार्य सैन्य सेवा 1905 से लागू है। सभी पुरुषों को सेना में भर्ती होना जरूरी है। पुरुषों 21 साल की उम्र में पहुंचते ही सेना में भर्ती होना होता है।

तुर्की

तुर्की

तुर्की में भी सेना भर्ती जरुरी है। वे सभी पुरुष जिनकी उम्र 20 से 41 साल के बीच है, उन्हें तुर्की की सेना में शामिल होना ही होता है। जिनका हायर एजुकेशन या वोकेशनल ट्रेनिंग चल रहा होता है, वो कुछ दिन के लिए अपनी मिलिट्री ट्रेनिंग टाल सकते हैं।

नॉर्वे

नॉर्वे

नार्वे में 19 साल से लेकर 44 साल के नागरिकों को अनिवार्य रूप से सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करनी होती है।

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