अब जूता करेगा सोशल डिस्टेंसिंग में मदद, कोरोना संक्रमण का खतरा भी हो जाएगा कम, जानें कैसे

नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की वैक्सीन की खोज में दुनियाभर के वैज्ञानिक लगे हुए हैं लेकिन अभी तक किसी को सफलता नहीं मिली है। जब तक महामारी के टीका नहीं बन जाता तब तक कोरोना वायरस बचाव का सिर्फ एक ही तरीका है सोशल डिस्टेंसिंग। इस तरह ही हम महामारी से खुद को संक्रमित होने से बचा सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि कोरोना संकट में एक दूसरे से दूरी बनाए रखने में अब हमारा जूता हमारी मदद करेगा। आइए जानते हैं कैसे...

कोरोना की गिरफ्त में आया रोमानिया

कोरोना की गिरफ्त में आया रोमानिया

अपनी सुंदरता के लिए पर्यटकों में प्रसिद्ध रोमानिया भी कोरोना वायरस के प्रकोप से नहीं बच सका। यहां कोरोना वायरस के चलते दो महीने तक देशबंदी रही जिसे मई महीने के मध्य से हटा दिया गया। लॉकडाउन खुलते ही लोगों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग की कमी देखी गई जिससे वायरस के एक बार फिर से फैसले का खतरा बढ़ गया। रोमानियाई शूज मेकर ग्रिगोर लुप ने जह यह देखा तो उनको एक आइडिया सूझा जिससे लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा सकता है।

लोग नहीं कर रहे थे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन

लोग नहीं कर रहे थे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन

क्लुज के ट्रांसिल्वेनियन शहर में रहने वाले शूज मेकर ग्रिगोर लुप ने एक ऐसा जूता बनाया जो लोगों के बीच दूरी बनाने में सार्थक साबित होगा। लुप ने एक ऐसे जूते का निर्माण किया जिसके आगे की चोंच आम जूतों से कहीं लंबी है। यूरोपिय देशों के मुकाबले इस जूता का साइज 75 नंबर बताया जा रहा है। ग्रिगोर लुप पिछले 39 वर्षों से चमड़े के जूते बनाने का काम कर रहे हैं, उन्होंने सड़क की ओर इशारा करते हुए कहा, आप देख सकते हैं लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पलन नहीं कर रहे हैं।

जूते से होगी सोशल डिस्टेंसिंग

जूते से होगी सोशल डिस्टेंसिंग

लुप ने बताया कि एक दिन वह अपने बगीचे के लिए कुछ सामान खरीदने बाजार गए, वहां बहुत लोग तो नहीं थे लेकिन फिर भी लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं दिखाई दे रही थी। अपने जूतों को दिखाते हुए लुप ने कहा, अगर इन जूतों को पहनने वाले दो लोग एक-दूसरे के सामने खड़े होते हैं तो उनके बीच करीब एक-डेढ़ मीटर का फासला होगा। बता दें कि लुप जूते सिलने के अलावा पहले से तैयार जूते भी बेचते हैं।

काफी समय से लुप बना रहे जूते

काफी समय से लुप बना रहे जूते

लुप ने बताया कि उन्होंने साल 2001 में अपनी दुकान खोली थी जो देश भर के सिनेमाघरों और ओपेरा हाउसों के पारंपरिक आदेशों के साथ-साथ पारंपरिक लोक नृत्य कलाकारों को जूते बनाकर बेचता है। कोरोना वायरस महामारी के कारण लॉकडाउन के चलते उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में जल्द सब पहले जैसा हो जाएगा। बता दें कि यूरोपीय संघ राज्य रोमानिया कोरोना वायरस के 18,791 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 1,240 मौतें हुई हैं।

जूते के लिए 5 ऑर्डर भी आ चुके हैं

मामलों में कमी के बाद से 15 मई से लॉकडाउन में धीरे-धीरे ढील दी गई है। बता दें कि लूप ने अभिनेताओं के लिए बनाए गए एक मॉडल से लंबी चोंच वाले जूते बनाने का आइडिया मिला। उन्होंने बताया कि अब तक सोशल डिस्टेंसिंग बनाने वाले इस जूते के लिए 5 ऑर्डर भी आ चुके हैं। एक जोड़ी बनाने के लिए उन्हें दो दिन लगते हैं, जिसमें लगभग एक वर्ग मीटर चमड़े की आवश्यकता होती है। एक जोड़ी जूते बनाने में 500 ली (115 डॉलर) का खर्च आता है। अब 55 साल की उम्र में, लुप ने पहली बार ऐसे जूते बनाना शुरू किया है।

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