बाढ़ के बाद मलेरिया से लड़ रहे पाकिस्तान ने भारत से मांगी 71 लाख मच्छरदानी? पत्रकार ने किया दावा
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार गुलाम अब्बास शाह ने दावा किया है कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने मलेरिया के प्रकोप से निपटने के लिए भारत से 71 लाख मच्छरदानी आयात करने की अनुमति मांगी है।
इस्लामाबाद, 21 सितंबरः बड़े पैमाने पर बाढ़ की समस्या का सामना करने के बाद पाकिस्तान अब एक और गंभीर संकट से उबरने की कोशिशों में जुटा हुआ है। पाकिस्तान में अब मलेरिया के कहर ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। दूषित पानी से पैदा होने वाले मच्छरों की वजह से मलेरिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। देश में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि इस संकट से निजात पाने के लिए लोगों के पास मच्छरदानी तक नहीं है। ऐसे में एक बार फिर से पाकिस्तान को भारत की याद आई है।
तस्वीर- एएनआई

बुधवार को 78,000 रोगियों का इलाज
बुधवार को दक्षिणी सिंध प्रांतीय सरकार ने कहा कि बाढ़ वाले क्षेत्रों में अस्थायी स्वास्थ्य सुविधाओं और मोबाइल शिविरों ने पिछले 24 घंटे में 78,000 से अधिक रोगियों का इलाज किया है, जिसमें से 6 लोगों की मौत हो गई। प्रांतीय सरकार के मुताबिक सिंध में 1 जुलाई से अब तक कुल 20 लाख रोगियों का इलाज किया जा चुका है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि वे एक विकट स्थिति में पहुंच चुके हैं। वहीं, WHO ने भी इसे एक 'दिल दहला देने वाला' करार दिया है।
पत्रकार ने किया दावा
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार गुलाम अब्बास शाह ने दावा किया है कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने मलेरिया के प्रकोप से निपटने के लिए भारत से 71 लाख मच्छरदानी आयात करने की अनुमति मांगी है। दरअसल पाकिस्तान में गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के कारण मच्छरदानी की अत्यधिक मांग हो गई है।

2 लाख लोग मलेरिया से संक्रमित
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बीते दो महीनों में 2 लाख लोग मलेरिया से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 22 फीसदी मामले प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम टाइप के हैं। जून के मध्य से पाकिस्तान बाढ़ की चपेट में है जिसके कारण 3.3 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं जबकि हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

पीएम ने बताया इसे ‘सबसे कठिन समय'
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के बाढ़ प्रभावित इलाकों में त्वचा संक्रमण, दस्त और मलेरिया बड़े पैमाने पर हो रहे है। इससे अब तक 324 लोगों की मौत हो चुकी है। देश के आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बुधवार को कहा कि अचानक आई बाढ़ में मरने वाले 1,569 लोगों में बीमारियों से होने वाली मौतें शामिल नहीं हैं। मरने वाले इन लोगों में 555 बच्चे और 320 महिलाएं शामिल हैं। देश के पीएम शाहबाज शरीफ ने भी इसे 'सबसे कठिन समय' बताया है।

हालात के लिए जलवायु परिवर्तन जिम्मेदार
आपदा के बाद डॉक्टर और चिकित्सा कर्मचारी जलजनित बीमारियों और अन्य संक्रमणों में वृद्धि से जूझ रहे हैं और रोगियों के इलाज में जुटे हैं। हालांकि अब कई इलाकों में बाढ़ का पानी कम होना शुरू हो गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि सभी नदियों, झीलों और जलाशयों में जलस्तर अब सामान्य स्तर पर लौट आया है। विशेषज्ञों ने भीषण बाढ़ के हालात के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार ठहराया है।












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