कोवैक्सीन को ऑस्ट्रेलिया के बाद इस देश ने भी दी मंजूरी, पीएम मोदी ने चलाई है मुहिम
ऑस्ट्रेलिया के बाद इस देश ने भी भारत में बनी स्वदेशी कोवैक्सीन को मान्यता दे दी है।
जॉर्ज टाउन(गुयाना), नवंबर 02: भारत में निर्मित स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन को अब विश्व के अलग अलग देशों ने मान्यता देनी शुरू कर दी है और भारत सरकार की तरफ से कोवैक्सीन के लिए बकायदा अभियान चलाया जा रहा है। कोवैक्सीन को पहले ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मान्यता मिली थी और अब गुयाना ने भी कोवैक्सीन को मान्यता देने की घोषणा कर दी है।

गुयाना ने दी कोवैक्सीन को मान्यता
गुयाना ने भारत बायोटेक के कोवैक्सिन को कोरोना वायरस वैक्सीन को मान्यता देने की घोषणा कर दी है, मंगलवार को गुयाना की राजधानी जॉर्ज टाउन में स्थिति भारतीय उच्चायोग ने कहा कि, गुयाना सरकार ने कोवैक्सीन को मान्यता देने की घोषणा कर दी है। भारतीय दूतावास ने ट्वीट करते हुए कहा कि, ''गुयाना ने भारत के स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन को भारत और गुयाना के बीच कोविड के बाद की साझेदारी में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मान्यता दे दी है।" आपको बता दें कि, इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने सोमवार को देश में ट्रैवलर के टीकाकरण की स्थिति स्थापित करने के उद्देश्य से कोवैक्सिन को मान्यता दी थी।

डब्ल्यूएचओ ने रखी है ये डिमांड
ऑस्ट्रेलिया और गुयाना सरकार की तरफ से कोवैक्सीन को जरूर मान्यता दे दी है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य निकाय डब्ल्यूएचओ ने भारत बायोटेक से अतिरिक्त स्पष्टीकरण मांगा है। हालांकि, ऐसी उम्मीद है कि, कोवैक्सीन को लेकर डब्ल्यूएचओ जल्द ही फैसला ले सकता है और कोवैक्सीन को जल्द मान्यता मिल सकती है। डब्ल्यूएचओ कोवैक्सीन को आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण पर फैसला जल्द ही उम्मीद है। वहीं, भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा है कि, भारत सरकार डब्ल्यूएचओ के भीतर हो रही चर्चाओं का सावधानीपूर्वक पालन कर रही है और उम्मीद है कि स्वदेशी कोविड-19 वैक्सीन के लिए जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी।

ऑस्ट्रेलिया दे चुका है मान्यता
समाचार एजेंसी एएनआई में छपी खबर के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिआई सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को बताया है कि, थैरेप्यूटिक गुड्स एडमिनिस्ट्रेशन (TGA) ने कोवैक्सीन को मान्यता देने का फैसला किया है। यानी अब कौवैक्सीन लगवाने वाले भारतीय यात्री (12 या इससे अधिक उम्र के लोग) आस्ट्रेलिया में आसानी से एंट्री कर सकेंगे। भारत की कोवैक्सीन के अलावा ऑस्ट्रेलिया ने चीन में बनी BBIBP-CorV को भी मान्यता दी है। BBIBP-CorV वैक्सीन को चीन की सिनोफार्म कंपनी ने बनाया है। इसका सीधा मतलब ये है कि भारत और चीन के अलावा जिन देशों के लोगों को ये वैक्सीन लगी हैं वे सभी ऑस्ट्रेलिया में आसानी से एंट्री पा सकेंगे। इससे ऑस्ट्रेलिया में पढ़ने वाले छात्रों और वहां काम करने वाले लोगों को राहत मिलेगी। बता दें कि भारत में निर्मित कोविशील्ड को ऑस्ट्रेलिया से पहले ही मान्यता मिल चुकी है।












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