Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

टूट रहा है अफ्रीका, 5 करोड़ साल बाद बदल जाएगा दुनिया का नक्शा, हुई चौंकाने वाली भविष्यवाणी!

अदिस अबाबा, 14 जनवरी। आज हम धरती पर मौजूद जिन 7 महाद्वीपों के बारे में जाते हैं, करोड़ों साल पहले उनका अस्तित्व ही नहीं था। क्या आप जानते हैं करोड़ों साल पहले धरती के सारे महाद्वीप आपस में जुड़े हुए थे, जिसे वैज्ञानिक पैंजिया कहते हैं। जमीन के नीचे मौजूद प्लेटों और चट्टानों के खिसकने से पैंजिया टूटा और सात महाद्वीपों में बंट गया। पृथ्वी लगातार खुद में बदलाव करती रहती है, और यह प्रक्रिया आज भी जारी है। क्या हो अगर आपसे कहें कि अफ्रीका महाद्वीर टूटकर दो हिस्सों में बंटने वाला है।

क्या दो हिस्सों में अलग हो जाएगा अफ्रीका?

क्या दो हिस्सों में अलग हो जाएगा अफ्रीका?

जी हां, ऐसा संभव है और इस विघटन के सबूत अब अफ्रीका की धरती पर देखने को मिल रहे हैं। अफ्रीका महाद्वीप दो अलग-अलग कॉन्टिनेंट में विभाजित हो रहा है, यह प्रक्रिया इतनी धीमी रफ्तार में हो रही है कि इसे पूरा होने में करोड़ों सालों का वक्त लगेगा। भारत भी कभी अफ्रीका का ही हिस्सा था लेकिन वहां से अलग होने के बाद इसकी टक्कर एशिया महाद्वीप से हुई जिसके बाद हिमालय का जन्म हुआ।

वैज्ञानिकों ने की भविष्यवाणी

वैज्ञानिकों ने की भविष्यवाणी

वैज्ञानिकों के मुताबिक पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार आ रहे भूकंप का यही कारण है कि आज भी भारत लगातार एशिया पर दबाव बना रहा है। हालांकि हाल ही में वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से एक बड़ी भविष्यवाणी की है, जिसने सभी को दंग कर दिया। वैज्ञानिकों के मुताबिक आने वाले 20 करोड़ साल में एक बार फिर भारत और अफ्रीका आपस में मिल जाएंगे। लेकिन अफ्रीका के इथोपिया में जन्मी दरार कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।

2018 में बनी थी 5954 किलोमीटर लंबी दरार

2018 में बनी थी 5954 किलोमीटर लंबी दरार

साल 2018 में अफ्रीका के इथोपिया देश से रातो-रात करीब 5954 किलोमीटर लंबी एक दरार अचानक से लोगों के सामने आ गई। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये दरार इथोपिया से लेकर मोजांबिक तक जा सकती है, जो आने वाले समय में अफ्रीका से अलग होकर एक द्वीप में बदल जाएगा। हालांकि ऐसा एक रात में नहीं होगा, इस प्रक्रिया को पूरा होने में 5 करोड़ साल का समय लग सकता है। हाल में सामने आई ताजा तस्वीरों में अब दरार और चौड़ी नजर आ रही है।

25 करोड़ साल पहले भी हुआ था ऐसा

25 करोड़ साल पहले भी हुआ था ऐसा

आपको बता दें कि हमारी धरती के नीचे मौजूद टेक्टॉनिक प्लेट लगातार खिसकती रहती है। इनकी रफ्तार इतनी धीमी होती है कि हमें महसूस नहीं होता लेकिन भूकंप आने के पीछे भी यही जिम्मेदार होती हैं। इन्हीं की वजह से पहाड़ों का भी निर्माण होता है और 25 कोरोड़ साल पहले पैंजिया के टूटने के पीछे भी टेक्टॉनिक प्लेटें ही थीं। अफ्रीका की धरती के नीचे भी बड़ी हलचल हो रही है, जिसका परिणाम पैंजिया जैसा हो सकता है। आने वाले समय में इथोपिया से लेकर मोजांबिक तक का हिस्सा अफ्रीका से अलग हो सकता है।

होने वाला है नए समुद्र का जन्म

होने वाला है नए समुद्र का जन्म

वहीं, साल 2005 में डब्बाहू ज्वालामुखी में एक विस्फोट के बाद तीव्र भूकंपीय गतिविधि ने अफ्रीका को तोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी है। उस दौरान 60 किमी लंबी और 8 मीटर चौड़ी एक दरार बनी जो करीब 2 मीटर गहरी थी। यह सब एक ही दिन में हुआ। अब ये दरार लगातार बड़ी और गहरी होती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समुद्र के जन्म की शुरुआत है जो करोड़ों साल बाद अस्तित्व में आने वाला है।

यह भी पढ़ें: WHO ने दी राहत की खबर, अफ्रीका में कमजोर पड़ी कोरोना वायरस की चौथी लहर, 14% की गिरावट

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+