कोविड की नई और तेजी के साथ फैलती लहर से जूझ रहा अफ्रीका

प्रिटोरिया, 25 जून। अफ्रीका के लिए डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. मत्शिदिसो मोएती के मुताबिक, "कोरोना की तीसरी लहर गति पकड़ रही है, वह तेजी से फैल रही है और बुरी मार मार रही है." उन्होंने कहा, "तेजी से बढ़ते मामलों की संख्या और गंभीर बीमारी की बढ़ती रिपोर्ट के साथ, नवीनतम उछाल से अफ्रीका में सबसे खराब हालात होने का खतरा है."

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अफ्रीका अभी भी इन तेजी से बढ़ते संक्रमणों के प्रभाव को कुंद कर सकता है, लेकिन अवसर की खिड़की बंद हो रही है. हर जगह हर कोई वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सावधानी बरतकर अपना काम कर सकता है.

डब्ल्यूएचओ अफ्रीका के मुताबिक मई की शुरुआत से नए मामले बढ़ रहे हैं और जुलाई की शुरुआत तक नए आंकड़े पिछली लहरों को पार कर जाएंगे. सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों का कम पालन होना, बिना मास्क सामाजिक आयोजन और कोरोना के नए वेरिएंट ने मामलों को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है.

डेल्टा वेरिएंट ने मचाई तबाही

मोएती ने सरकारों को आबादी को मास्क और स्वच्छता सुविधाओं तक आसान पहुंच बनाने के लिए अपील की है. डेल्टा वेरिएंट जिसने भारत में बड़ी तबाही मचाई थी, वही वेरिएंट 14 अफ्रीकी देशों में पाया गया है, जिनमें कांगो, मोजाम्बिक, नामिबिया और युगांडा शामिल हैं.

अफ्रीका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) के निदेशक जॉन नकेनगसोंग कहते हैं कि अफ्रीका के कम से कम 20 देशों में डेल्टा वेरिएंट ने विनाशकारी तीसरी लहर में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो सकती है. उन्होंने कहा, ''तीसरी लहर अत्यंत क्रूर है.'' उनके मुताबिक अधिक से अधिक स्वास्थ्य केंद्र कह रहे हैं कि उनपर अत्यधिक बोझ है.

उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देशों को इस बीमारी से लड़ने में मदद के लिए तत्काल टीकों की जरूरत है. नकेनगसोंग के मुताबिक, ''हम पूरी तरह से पिछड़ रहे हैं, हमारे पास टीके नहीं हैं.'' अफ्रीका सीडीसी के मुताबिक अफ्रीका में 52 लाख से अधिक पुष्ट कोरोना के मामले हैं और बीमारी से एक लाख 40 हजार के करीब लोगों की मौत हो चुकी है.

सिर्फ एक प्रतिशत को मिला टीका

130 करोड़ की आबादी वाला यह महाद्वीप ऐसे समय में टीके की गंभीर कमी का सामना कर रहा है जब यहां महामारी की नई लहर लोगों को बेहद प्रभावित कर रही है. डब्ल्यूएचओ और अफ्रीका सीडीसी के मुताबिक फिलहाल महाद्वीप के एक प्रतिशत आबादी को ही टीका लग पाया है. विश्वभर में 2.7 अरब वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी हैं.

अधिकारियों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र समर्थित कोवैक्स निम्न और मध्य आय वाले देशों को टीके देने की पहल के अपने लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पाया है. कोवैक्स वैक्सीन आपूर्ति का 80 प्रतिशत से अधिक केवल 18 अफ्रीकी देशों द्वारा उपयोग किया गया है, जिनमें से आठ स्टॉक से बाहर चल रहे हैं.

मोएती कहती हैं, ''कोवैक्स में हमारे काम को टीके की उपलब्धता से बेहद चुनौती मिली है.'' उन्होंने यह भी कहा कि डब्ल्यूएचओ सभी उपलब्ध टीकों पर विचार करने को तैयार है और साथ ही सुनिश्चित करेगा कि टीके वैश्विक स्तर पर उपलब्ध हों इसके लिए वह हर संभव प्रयास किया जाए.

एए/वीके (एपी)

Source: DW

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