पेशावर हमले पर बोलीं मलाला ..हम हार नहीं मानेंगें

लंदन।नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई ने मंगलवार को हुए पेशावर के आतंकी हमले पर कहा कि पाकिस्तान के आर्मी स्कूल के हमले से उनका दिल दहल गया है, जो हुआ है वो गलत है।

इस तरह से बच्चों का नरसंहार करके किसी को कुछ हासिल नहीं होने वाला है, मैं इस घटना में शिकार हुए सारे बच्चों के मां-बाप और परिवार के लिए काफी दुखी हूं और दुख की इस घड़ी में पाकिस्तान की सरकार और सेना के साथ हूं लेकिन हम हार नहीं मानेंगे। इस कायर पूर्ण घटना को अंजाम सिर्फ इसलिए दिया गया ना कि हम बच्चे पढ़ने जाते हैं तो हम दहशतगर्तों को बता दें कि हम डरने वालों में से नहीं हैं।

गौरतलब है कि तालिबान के आतंकवादियों ने पहले मलाला को भी निशाना बनाया था, लेकिन वह हमले बच गई थीं। कहा तो यह भी जा रहा है कि तालिबान ने बच्चों पर अपना गुस्सा मलाला के ही कारण निकाला है क्योंकि एक तो वो उनके चंगुल से बच निकलीं और दूसरा उन्हें हाल ही में नोबेल प्राइज दिया गया है।

पाकिस्तान में स्कूली बच्चों पर हमला ‘दिल दहला देने वाला'

आपको बता दें कि पाकिस्तान के पेशावर शहर में एक सैनिक स्कूल में मंगलवार को आतंकवादियों ने हमला कर दिया, इस हमले में 137 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षो में हुए आतंकी हमलों में यह घटना सबसे वीभत्स घटना है। पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर में आर्मी स्कूल पर हुए इस आतंकी हमले में सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई जबकि 245 घायल हो गए। घायलों में कई गंभीर जानलेवा चोटों से जूझ रहे हैं।

तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) ने ली हमले की जिम्मेदारी

तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। तालिबान ने ही 2012 में मलाला यूसुफजई को गोली मारी थी। आतंकवादी संगठन ने इस हमले को दक्षिणी वजीरिस्तान में आतंकवादियों के विरुद्ध कार्रवाई का बदला बताया है।

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