पृथ्वी की ओर 50,940 km की स्पीड से बढ़ रहा है क्षुद्रग्रह, NASA ने क्या बताया? जानिए
पृथ्वी पर रोजाना क्षुद्रग्रहों की बारिश होती है। लेकिन, हम उन्हें नोटिस में तब लेते हैं, जब उनका आकार विशाल होता है। दो क्षुद्रग्रह ऐसे ही हैं जो धरती के बहुत पास से बड़ी तेज रफ्तार से गुजर रहे हैं।

पृथ्वी की ओर दो-दो क्षुद्रग्रह एक ही दिन में बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं। बड़े वाले की रफ्तार तो 50 हजार किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा है। अमेरिकी अंतरिक्ष संगठन नासा ऐसी खगोलीय घटनाओं पर लगातार नजर रखता है। उसके मुताबिक सारे क्षुद्रग्रह तो धरती के लिए खतरनाक ही नहीं होते, लेकिन कुछ को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक हमारे सौर मंडल में क्षुद्रग्रह की संख्या 12 लाख से ज्यादा हैं, उनमें से कुछ बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं और उनका असर विश्वव्यापी हो सकता है।

पृथ्वी पर हर दिन होता है खगोलीय प्रहार!
पृथ्वी पर कोई दिन नहीं गुजरता जब 100 टन से ज्यादा धूल और रेत के आकार वाले कणों की इसपर बॉम्बार्डिंग न होती हो। अमेरिकी अंतरिक्ष संगठन नासा के मुताबिक साल में लगभग एक बार ऐसे भी मौके आते हैं, जब एक कार की आकार वाला क्षुद्रग्रह धरती के वातावरण में प्रवेश करता है। लेकिन, वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद ऐसे क्षुद्रग्रह आमतौर पर आग के गोले में परिवर्तित हो जाते हैं; और धरती की सतह पर आते-आते वह बहुत ही छोटे टुकड़ों में बिखर जाते हैं।

ये क्षुद्रग्रह धरती की ओर बढ़ रहे हैं
नासा का यह भी कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि पृथ्वी की ओर आने वाले किसी भी क्षुद्रग्रह से हमें खतरा है ही नहीं। इसी चिंता में नासा लगातार धरती की ओर बढ़ रहे क्षुद्रग्रहों पर नजर रखता है। नासा की जेट प्रॉपल्शन लैबोरेटरी (जेपीएल) ने जो ताजा जानकारी जुटाई है, उसके मुताबिक इस समय धरती की ओर एक नहीं तीन-तीन क्षुद्रग्रह तेजी से बढ़ते चले आ रहे हैं। इनमें से सबसे बड़े क्षुद्रग्रह का आकार 99 फीट का है। जबकि, बाकी दो के क्रमश: 58 और 47 फीट हैं।

50,940 किलोमीटर प्रति घंटे की है 2021 जीएन1 की रफ्तार
58 फीट वाले क्षुद्रग्रह का आकार एक घर जितना विशाल बताया जा रहा है। यह रविवार को धरती के 67.9 लाख किलोमीटर के पास से गुजर रहा है। इसकी रफ्तार वैज्ञानिकों को सोचने पर मजबूर कर रहा है। यह क्षुद्रग्रह पृथ्वी के पास से 50,940 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर रहा है। 58 फीट के आकार वाले इस क्षुद्रग्रह को 2021 जीएन1 नाम दिया गया है। रविवार को ही एक दूसरा क्षुद्रग्रह भी पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। यह 47 फीट का है और इसे 2022 जीओ3 नाम दिया गया है। यह तो धरती से सिर्फ 65.3 लाख किलोमीटर की दूरी से गुजरने वाला है। इसका आकार भी घर जितना बड़ा है।
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सबसे खतरनाक क्षुद्रग्रह कौन है?
नासा के मुताबिक मंगल और बृहस्पति ग्रह के बीच में क्षुद्रग्रहों के इलाके में जो छोटे तारे मौजूद हैं और जिनसे धरती को कोई खतरा नहीं है, वे 940 किलोमीटर तक विशाल हो सकते हैं। हालांकि, नासा का मानना है कि अगर ये एक या दो किलोमीटर के भी हों तो इसका विश्वव्यापी प्रभाव पड़ सकता है। Toutatis को पृथ्वी के लिए सबसे खतरनाक माना गया है। इसका व्यास 5.4 किलोमीटर है और संभावित नुकसान पहुंचाने वाले क्षुद्रगहों में यह अबतक का सबसे विशाल माना जाता है।

क्षुद्रग्रह क्या हैं?
क्षुद्रग्रहों को कई बार छोटा ग्रह भी कहा जाता है। यह चट्टानी होते हैं, जो कि करीब 4.6 अरब साल पहले हमारे सौर मंडल के बनने के प्रारंभिक दौर में बचे रह गए वायुहीन अवशेष हैं। सोलर सिस्टम एक्सप्लोरेशन के मुताबिक इस समय जितने भी क्षुद्रगह ज्ञात हैं, उसके अनुसार इनकी संख्या 12,78,043 हैं। वैसे अगर सौर मंडल में मौजूद सभी क्षुद्रग्रहों को जोड़ दें, तब भी उनका कुल द्रव्यमान पृथ्वी के चंद्रमा से भी कम है। (तस्वीरें- सांकेतिक)












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