75 साल बाद 90 साल की भारतीय महिला पुश्तैनी घर देखने पहुंची पाकिस्तान, हीना रब्बानी ने की मदद

रीना वर्मा ने एक बार फिर से पाकिस्तानी वीजा के लिए आवेदन किया था, जिसे फिर से अस्वीकार कर दिया गया था।

इस्लामाबाद, जुलाई 17: भारत की रहने वाली 90 साल की एक महिला जब सरहद पार अपना पुश्तैनी घर देखने के लिए पाकिस्तान पहुंची, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसूं भर आए। जब महिला ने विभाजन के बाद अपना घर छोड़ा होगा, तो शायद उन्होंने दोबारा लौटने और उन आंगन को फिर से देखने की उम्मीद भी छोड़ दी होगी, जहां उनका जन्म हुआ था, लेकिन 90 साल की उम्र में आखिरकार उस दहलीज पर पहुंच ही गईं, जहां उन्होंने पहली सांस ली थी। 75 साल बाद 90 साल की रीना वर्मा आज सुर्खियों में हैं।

75 साल बाद पहुंची पाकिस्तान

75 साल बाद पहुंची पाकिस्तान

90 साल की हो चुकीं रीना छिब्बर वर्मा का सपना था, कि देह त्यागने से पहले वो पाकिस्तान में छूट चुके अपने घर को देखने के लिए जाएं और उनका सपना अब जाकर साकार हुआ है। रीमा वर्मा का घर पाकिस्तान के रावलपिंडी में था और वो पाकिस्तान छोड़ने के 75 सालों के बाद वाघा-अटारी सीमा से फिर से पाकिस्तान पहुंची हैं। पाकिस्तान पहुंचने के फौरन बाद रीना वर्मा अपनी भींगी आंकों के साथ अपने गृहनगर रावलपिंडी रवाना हो गईं, जहां के लिए उन्होंने कई प्लान बना रखें हैं। रीना वर्मा रावलपिंडी में अपने पैतृक आवास 'प्रेम निवास' जाएंगी और फिर उस स्कूल में जाएंगी, जहां उन्होंने बचपन में पढ़ाई की थी और रीना अपने बचपन के बचे दोस्तों से भी मिलने की कोशिश करेंगी।

पूणे की रहने वाली हैं रीना

पूणे की रहने वाली हैं रीना

सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए एक वीडियो में, पुणे की रहने वाली रीना वर्मा ने कहा कि, उनका परिवार रावलपिंडी में देवी कॉलेज रोड पर रह रहा था, जब भारत का विभाजन हुआ था। रीना वर्मा ने कहा कि, "मैंने मॉडर्न स्कूल में पढ़ाई की। मेरे चार भाई-बहन भी उसी स्कूल में गए थे। मेरा भाई और एक बहन भी मॉडर्न स्कूल के पास स्थित गॉर्डन कॉलेज में पढ़ते थे।" उन्होंने कहा कि, "मेरे बड़े भाई-बहनों के मुस्लिम दोस्त थे, जो हमारे घर आते थे, क्योंकि मेरे पिता प्रगतिशील विचारों के व्यक्ति थे और उन्हें लड़के-लड़कियों के एक साथ बैठने से कोई फर्क नहीं पड़ता था'। उन्होंने कहा कि, 'विभाजन से पहले, हिंदू और मुस्लिम का ऐसा कोई मुद्दा नहीं था। लेकिन, इसके बाद विभाजन हो गया। हालांकि भारत का विभाजन गलत था, लेकिन, अब जब यह हो गया है, तो दोनों देशों को हम सभी के लिए वीजा प्रतिबंधों को कम करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए'।

1965 में हो गया था वीजा कैंसिल

1965 में हो गया था वीजा कैंसिल

भारत में पाकिस्तान उच्चायोग ने सद्भावना भाव में, रीना वर्मा को तीन महीने का वीजा जारी किया है। रीना उस वक्त सिर्फ 15 साल की थीं, जब भारत का विभाजन हुआ था और उनके परिवार को पाकिस्तान से भागकर भारत आना पड़ा था। रीना वर्मा ने 1965 में पाकिस्तानी वीजा के लिए आवेदन किया था, लेकिन उस वक्त दोनों देशों के बीच स्थिति काफी तनावपूर्ण थी, लिहाजा रीना वर्मा का वीजा कैंसिल कर दिया गया था। वहीं, अब बुजुर्ग महिला ने कहा कि, उन्होंने पिछले साल सोशल मीडिया पर अपने पैतृक घर जाने की इच्छा जाहिर की थी। जिसके बाद पाकिस्तान के रहने वाले एक नागरिक सज्जाद हैदर ने सोशल मीडिया पर उनसे संपर्क किया और रावलपिंडी में उनके घर की तस्वीरें भेजीं।

हीना रब्बानी ने की मदद

हीना रब्बानी ने की मदद

हाल ही में, रीना वर्मा ने एक बार फिर से पाकिस्तानी वीजा के लिए आवेदन किया था, जिसे फिर से अस्वीकार कर दिया गया था। जिसके बाद उन्होंने पाकिस्तान की विदेश राज्य मंत्री हीना रब्बानी खार को ट्वीटर पर टैग करते हुए उनसे पाकिस्तान जाने की ख्वाहिश जताई और वीजा स्वीकार करने का अनुरोध किया। जिसके बाद फिर हिना रब्बानी ने उनके लिए वीजा की व्यवस्था कर दी।

तीन महीने का मिला वीजा

तीन महीने का मिला वीजा

अब रीना वर्मा 90 साल की हो चुकी हैं और उम्र के आखिरी पड़ाव पर वो अपने पुश्तैनी घर पहुंच चुकी हैं। रीना वर्मा को तीन महीने के लिए वीजा दिया गया है और वो तीन महीने तक पाकिस्तान में रह सकती हैं।

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