रूस के खिलाफ सेना में भर्ती होने पहुंचा 80 साल का यूक्रेनी नागरिक, कहा- पोते-पोतियों के लिए लड़नी है जंग
कीव, 26 फरवरी। जब किसी देश पर कोई संकट आता है तो सबसे पहले वहां की सेना चुनौतियों सा सामना करने के लिए फ्रंट लाइन पर खड़ी रहती है। दुनिया में कई ऐसे ताकतवर देश हैं, जिनकी सेना के आगे दर्जनों छोटे देशों की सेना भी कुछ नहीं है। रूस के सामने यूक्रेन की हालत भी कुछ ऐसी ही हो गई है। रूस की तुलना में सैनिकों की बेहद कम संख्या होने के बाद यूक्रेन के लोगों ने अब बंदूक उठा ली है। यूक्रेन के लिए लड़ने वाले नागरिकों में सिर्फ युवा ही नहीं बल्कि 80 साल के बुजुर्ग भी अपना नाम सेना में दर्ज कराने की लाइन में खड़े हैं।

सेना में शामिल होने पहुंचा 80 साल का बुजुर्ग
रूस की सैन्य कार्रवाई में अब तक यूक्रेन के कई नागरिक और सैनिक मारे जा चुके हैं, ऐसे में अब यूक्रेन के स्थानीय निवासियों ने भी हथियार उठा लिए हैं। बीते दिनों एक 80 साल के बुजुर्ग ने भी रूस के खिलाफ लड़ाई में यूक्रेन की सेना में शामिल होने के लिए अपना नाम दर्ज कराने पहुंचे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बुजुर्ग शख्स अपने पोते-पोतियों के लिए युद्ध में शामिल होना चाहता था, जिसके लिए वह अपना नाम यूक्रेन की सेना में दर्ज कराना चाहता था।

बैग में था ये सामान
यूक्रेन की पूर्व प्रथम महिला कैटरीना युशचेंको ने गुरुवार को ट्विटर पर बुजुर्ग व्यक्ति की एक तस्वीर साझा की। फोटो में काली टोपी पहने एक बुजुर्ग एक चमड़े के बैग के साथ यूक्रेन के एक सैनिक के पास जाता दिख रहा है। केटरिना युशचेंको ने बुजुर्ग महिला की तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, 'किसी ने 80 वर्षीय इस व्यक्ति की एक तस्वीर पोस्ट की, जो सेना में शामिल होना चाहता था। उसने अपने साथ बैग में 2 टी-शर्ट, अतिरिक्त पैंट की एक जोड़ी, टूथब्रश और दोपहर के भोजन के लिए कुछ सैंडविच रखे थे।'
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पोते-पोतियों के लिए लड़ना चाहता था युद्ध
केटरिना युशचेंको के मुताबिक बुजुर्ग शख्स ने आर्मी अधिकारी से कहा कि वह अपने पोते-पोतियों की सुरक्षा के लिए सेना में भर्ती होना चाहता है। हालांकि यह पता नहीं चल पाया है कि फोटो यूक्रेन के किस स्थान की है, लेकिन शुक्रवार से ये सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इंटरनेट यूजर्स ने बुजुर्ग के हौसले और हिम्मत की खूब तारीफ की। युशचेंको के ट्वीट को अब तक 2.5 लाख से अधिक लाइक और 39,000 से अधिक बार रीट्वीट किया जा चुका है।

यूक्रेन में मार्शल लॉ लागू
वहीं, सोशल मीडिया यूजर्स बुजुर्ग व्यक्ति की बहादुरी की सराहना करते नहीं थक रहे हैं। एक यूजर ने कहा, 'मैं यह नहीं बता सकता कि यूक्रेन के लिए प्रार्थना करते हुए मुझे कितना दुख महसूस होता है।' एक अन्य ने लिखा, 'परिवार और देश के प्यार के लिए।' एक तीसरे यूजर ने कहा, 'यूक्रेनी लोगों का दिल और इच्छाशक्ति मजबूत है।' बता दें कि यूक्रेन ने गुरुवार देर रात घोषणा की थी कि 18 से 60 वर्ष की आयु के पुरुषों को राष्ट्र छोड़ने की इजाजत नही हैं, ये सभी रूसी आक्रमण की शुरुआत के बाद से मार्शल लॉ के अधीन है।
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