48 महिला मरीजों के साथ डॉक्टर ने किया यौन शोषण, 35 साल बाद खुला मामला
नई दिल्ली, 15 अप्रैल। स्कॉटलैंड में भारतीय मूल के डॉक्टर की शर्मनाक करतूत सामने आई है। भारतीय मूल का यह डॉक्टर पिछले 35 सालों में 48 महिलाओं के साथ यौन शोषण का दोषी पाया गया है। कृष्णा सिंह पर आरोप था कि वह महिला मरीजों को किस करता था, उन्हें गलत तरह से छूता था, उनके बारे में गलत टिप्पणी करता था। हालांकि ग्लासगो हाई कोर्ट में आरोपी कृष्णा ने इन आरोपों को गलत बताया है। कृष्णा सिंह जनरल प्रैक्टिशनर था। उसका कहना है कि मरीजों की टेस्टिंग कुछ प्रक्रियाएं उसने भारत में सीखी थी।

1983-2018 के बीच के अपराध
रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टर पर यह आरोप 1983 से 2018 के बीच के हैं। मरीजों के साथ इस तरह की हरकत मुख्य रूप से नॉर्थ लैनार्कशायर में हुई है। डॉक्टर ने इस तरह की हरकत अस्पताल में एक्सिडेंट के मरीजों, इमरजेंसी के मरीजों, पुलिस स्टेशन और मरीजों के घर पर विजिट के दौरान की। कोर्ट में प्रोसीक्यूटर एंजेला ग्रे ने कहा कि डॉक्टर सिंह अ्सर महिलाओं के साथ इस तरह की हरकतें करते थे, यह उनकी आदत में शामिल है। कभी डॉक्टर सूक्ष्म हरकते करते थे तो कभी लोगों को भ्रमित करके और कभी सामने खुलकर इस तरह की हरकत करते थे। यौन अपराध उनके काम काज का हिस्सा था।

सम्मानित सदस्य थे डॉक्टर कृष्णा
अहम बात यह है कि डॉक्टर कृष्णा सिंह को सम्मानित सदस्य के तौर पर देखा जाता था, यहां तक कि उन्हें ब्रिटिश एंपायर की ओर से मेडिकल सेवा के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान के लिए मेंबर ऑफ द ऑऱ्डर ऑफ द ब्रिटिश के खिताब से नवाजा गया था। इस मामले मेंजांच तब शुरू हुई जब एक महिला ने उनके खिलाफ 2018 में शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद डॉक्टर को 54 आरोपों में दोषी करार दिया गया, ये अपराध मुख्य रूप से यौन शोषण और अभद्रता के थे।

सजा नहीं सुनाई
हालांकि डॉक्टर को 9 मामलों में बरी कर दिया गया और उसे इन मामलों में दोषी नहीं पाया गया। जबकि 2 अन्य मामलों में भी डॉक्टर को आरोपों से बरी कर दिया गया। हालांकि जज ने इस मामले में सजा अभी नहीं सुनाई है, जज ने अगली सुनवाई तक सजा नहीं सुनाने का फैसला लिया है। इस मामले में सजा अगले महीने सुनाई जाएगी। लेकिन जज ने सिंह से कहा है कि वह जमानत पर बाहर एक शर्त पर रह सकते हैं अगर वह अपना पासपोर्ट सरेंडर करते हैं।












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