आतंकी संगठन हमास के समर्थक बन चुके हैं आधे से ज्यादा अमेरिकी युवा? सर्वे में दावा, क्या है वजह?
इजराइल और हमास के बीच जारी जंग के दो महीने से अधिक हो चुके हैं। इस जंग में कई देश फिलिस्तीन को समर्थन दे रहे हैं, तो वहीं कुछ देशों का समर्थन इजराइल को मिल रहा है। दुनिया का सबसे ताकतवर देश अमेरिका भी इजराइल के साथ खड़ा है। लेकिन अधिकांश अमेरिकी युवा इसके विपरीत सोच रखते नजर आ रहे हैं।
अमेरिका के इजराइल को समर्थन देने पर एक सर्वे हुआ है जिसके आश्चर्यजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस चौंकाने वाले सर्वेक्षण से पता चला कि अधिकांश युवा अमेरिकी सोचते हैं कि इजराइल का अस्तित्व समाप्त हो जाना चाहिए और इसे गाजा को नियंत्रित करने वाले आतंकवादी समूह हमास को सौंप दिया जाना चाहिए।

इस सप्ताह आयोजित हार्वर्ड-हैरिस सर्वेक्षण से पता चला है कि 18 से 24 वर्ष की आयु के 51 फीसदी अमेरिकियों का मानना है कि 7 अक्टूबर को निर्दोष इजराइली नागरिकों पर क्रूर आतंकवादी हमलों में हमास सही था।
इन आधे से अधिक अमेरिकी युवाओं का मानना है कि यहूदी देश इजराइल का अस्तित्व मिटा देना चाहिए और उस पूरे इलाके का नियंत्रण हमास के अधीन हो जाना चाहिए। वहीं, इसी समान आयु वर्ग के 32 फीसदी युवा द्वि-राष्ट्र समाधान की मांग की। उनका मानना है कि इजराइल के साथ एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य का निर्माण ही दशकों से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त कर सकता है।
वहीं, 18 से 24 वर्ष की आयु सिर्फ 17 फीसदी युवाओं का सुझाव दिया कि अन्य अरब देशों को फ़िलिस्तीनियों को अपना लेना चाहिए। सर्वे में आए यह दृष्टिकोण पुरानी पीढ़ियों से काफी भिन्न है, जो इजराइल-फिलिस्तीन समस्या को समाप्त करने के लिए दो-राज्य समाधान को अत्यधिक प्राथमिकता देते थे। इस सर्वे में 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के केवल 4 अमेरिकी इस बात से सहमत थे कि इजराइल को समाप्त कर दिया जाना चाहिए।
अब सवाल ये है कि आखिर ये कैसे हुआ कि अधिकांश अमेरिकी युवा अचानक इजराइल के विरोधी और हमास के समर्थक हो गए हैं। अधिकांश युवा अमेरिकी उन आतंकवादियों के पक्ष में कैसे दिखाई दे रहे हैं जिन्होंने अमेरिकी नागरिकों तक का अपहरण कर लिया था?
जानकार इसके पीछे की वजह चीनी मीडिया ऐप टिकटॉक को देते हैं। अमेरिका में टिकटॉक सिर्फ एक ऐप नहीं है जिसका इस्तेमाल किशोर वायरल डांस वीडियो बनाने के लिए करते हैं। बल्कि बड़ी संख्या में अमेरिकी युवा अपनी खबरों के लिए इसी ऐप पर भरोसा करते हैं।
आज, जेन Z के आधे से अधिक लोगों के लिए टिकटॉक टॉप सर्च इंजन है, और लगभग 10 में से 6 अमेरिकी अपने सत्रहवें जन्मदिन से पहले ऐप से जुड़े हुए हैं। यह अमेरिका के सबसे प्रमुख प्रतिद्वंद्वी द्वारा नियंत्रित है, जो अमेरिकी हितों या अमेरिकी मूल्यों को साझा नहीं करता है।
चीनी ऐप टिकटॉक की मूल कंपनी बाइटडांस है और ये जगजाहिर है कि चीन में निजी कंपनी जैसी कोई चीज नहीं है। बाइटडांस के मुख्य संपादक, झांग फूपिंग, कंपनी की आंतरिक कम्युनिस्ट पार्टी सेल के बॉस भी हैं।
दुनियाभर में टिकटॉक के नाम से लोकप्रिय यह ऐप चीन में डॉयिन नाम से जाना जाता है। लेकिन चीन में डॉयिन का उपयोग को लेकर कई नियम हैं। जैसे कि टिकटॉक पर वायरल वीडियो, प्रोपैगैंडा वीडिया या फिर मजाकिया वीडिओ भरे रहे हैं मगर डॉयिन पर ऐसे वीडियो की की तादाद बेहद कम है।
टिकटॉक का डॉयिन संस्करण, समान तकनीक का उपयोग करते हुए, बच्चों को विज्ञान प्रयोग और अन्य शैक्षिक सामग्री दिखाता है। सबसे दिलचस्प बात ये है कि चीन में इस ऐप को 40 मिनट से अधिक इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। वहीं बाकी दुनिया में टिकटॉक का इस्तेमाल 24 घंटे किया जा सकता है।
टिकटॉक एल्गोरिदम में बदलाव करके, सूचनाओं को सेंसर कर सकती है और विभिन्न मुद्दों पर सभी उम्र के अमेरिकियों को प्रभावित कर सकती है। अलग ढंग से कहें तो, बाइटडांस और चीनी सरकार एक ही ऐप के अलग-अलग प्रयोग से चीन को बेहतर सोच वाले किशोर बनाना चाहती है। वहीं, वह चाहती है कि टिकटॉक का यूज कर अमेरिकी बच्चों नकारा बन जाएं।












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