300 फायर में उड़ा दिए 280 रूसी बख्तरबंद, अमेरिका की मिसाइल से यूक्रेन ने रूस की नाक में किया दम
न्यू यॉर्क, 04 मार्च: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में भले ही रूस भारी पड़ रहा हो, लेकिन यूक्रेन के लोग और वहां की सेना रूस को जबरदस्त चुनौती दे रही है। अभी तक की लड़ाई में रूस ने यूक्रेन के कई शहरों को पूरी तरह से खंडहर कर दिया है, लेकिन रूस को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। रूस सेना के सैकड़ों वाहन, टैंक, और बख्तरबंद गाडियां यूक्रेन ने बर्बाद कर दी हैं। इस जंग में यूक्रेन को अमेरिका औऱ यूरोपीय देशों से हथियार और रसद मिल रहा है। जिसके दम पर यूक्रेन रूसी सेना का बेहद बहादुरी से मुकाबला कर रही है।

अमेरिका की 'देन' से यूक्रेन ने रूस की नाम में किया दम
अमेरिका द्वारा सप्लाई की गई हाथ से संचालित एंटी टैंक मिसाइलों से यूक्रेनी सेना सैकड़ों रूसी टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने में सफल हो रही है। हाल ही में एक अमेरिकी जर्नालिस्ट जैक मर्फी ने इस युद्ध को लेकर आर्टिकल लिखा है। जिसमें उन्होंने अमेरकी सेना के अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि, अमेरिकी जैवलिन मिसाइल के 300 शॉट फायर से अब तक करीब 280 बख्तरबंद वाहन नष्ट किए जा चुके हैं। इसका मारक रेट 93 फीसदी है।

कमजोर हिस्सों पर जैवलिन मिसाइल 'चोट' करती है
एनडीटीवी की रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेथियॉन मिसाइल्स और डिफेंस एंड लॉकहीड मार्टिन की ओर से संयुक्त रूप से तैयार की गई ये जैवलिन मिसाइल, टारगेट को ऊपर की ओर से हिट करती है जहां कवच अपेक्षाकृत कमजोर होता है। लगभग हर टैंक का हिस्सा साइडों से मोटा होता है जबकि टैंक के उपरी हिस्से अन्य की तुलना में कमजोर और पतले होते हैं। इसी कमजोर हिस्सों पर जैवलिन मिसाइल 'चोट' करती है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर जैवलिन मिसाइल को सीधे फ्लाइट पाथ मोड में भी दागा जा सकता है।

जैवलिन मिसाइल के चलते डोनबास में रूस सहमा
मर्फी ने अपने लेख में लिखा, जैवलिन की पहली खेप 2018 में (यूक्रेन में) पहुंची। यूक्रेन ने इस वेपन सिस्टम के अलावा ट्रेनिंग एंव अन्य चीजों को मिलाकर करीब 75 मिलियन डॉलर खर्च किए थे। मर्फी ने एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी को कोट करते लिखा ति, 'जैसे ही रूस को पता चला कि यूक्रेन के पास अब जैवलिन मिसाइल हैं, उसके T-72 टैंक और डोनबास में कम आक्रामक हो गए और फ्रंटलाइन से पीछे की ओर हट गए।

एक अकेला सैनिक जैवलिन मिसाइल को ले जा सकता है
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि, एक अकेला सैनिक जैवलिन मिसाइल को ले जा सकता है और संचालित कर सकता है, हालांकि अतिरिक्त लॉन्च ट्यूबों को ले जाने के लिए अन्य लोगों की आवश्यकता होगी। जब रूसी रूस बख्तरवंद वाहन यूक्रेन के शहरी क्षेत्र में दाखिल हुए तो उनके टैंक, इन्फैन्ट्री सपोर्ट न होने की चलते जैवलिन मिसाइल की निशाने के शिकार हो गए। यही नहीं जैवलिन मिसाइल से लैस यूक्रेनी सेना छिप सकती है और तेजी से आगे बढ़ सकती हैं। दरअसल यूक्रेनी सेना सीधे रूसी सेना से टक्कर लेने में सक्षम नहीं है।












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