ऑस्ट्रेलिया में समुद्र तट पर फंसी 230 व्हेल, क्या साथी को बचाने की खातिर खतरे में पड़ीं ये मछलियां?
तस्मानिया, 21 सितंबरः ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया में पश्चिमी तटों पर करीब 230 पायलट व्हेल मछलियां फंसी हुई हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इनमें से आधी व्हेल मछलियां मारी जा चुकी हैं। फिलहाल इस बारे में किसी को अंदाजा नहीं चल पाया है कि एक बार में इतनी सारी पायलट व्हेल मछलियां कैसे समुद्र तट पर आ गयीं। इन सभी को बचाने के प्रयास में अधिकारी लगे हुए हैं।

पहले भी समुद्र तट पर मिलती रही हैं व्हेल
इससे पहले तस्मानिया के बीच पर ही इस हफ्ते की शुरूआत में 14 स्पर्म व्हेल मरी पाई गईं थीं। ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों ने कहा है कि इनमें से केवल आधी व्हेल मछलियों के जीवत होने की संभावना है। ऑस्ट्रेलिया के जैव संसाधन और पर्यावरण विभाग ने बताया, " करीब 230 व्हेल मछलियों का एक समूह मैक्यूरी हार्बर पर फंस गयी हैं। ऐसा लगता है कि इन जीवों में में से केवल आधी ही जीवित हैं।"

बचाव में पहुंचे समुद्रीजीव विशेषज्ञ
अधिकारियों का कहना है कि समुद्रीजीव संरक्षण विशेषज्ञ और व्हेल बचाव कर्मचारी जरूरी बचाव सामान लेकर मौके पर पहुंच रहे हैं। ड्रोन द्वारा ली गई हवाई तस्वीरों में दिखता है कि दर्जनों काली चमकीली बड़ी स्तनपाई मछलियां समुद्र और तट के बीच पड़ी हुई हैं। इतनी बड़ी मात्रा में मछलियों के समुद्र तट पर फंसने की जानकारी एक स्थानीय ने अधिकारियों को दी।

गर्म तापमान से संकट में पड़ रहीं व्हेल
इतने बड़े समूह में व्हेल मछलियों के बीच पर आ जाने का कारण अभी भी पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ऐसा रास्ता भटकने और तट के बेहद नजदीक आने के कारण हो सकता है। ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के समुद्री वैज्ञानिक ओलाफ मेनेके ने कहा कि इतनी भारी संख्या में व्हेलों का यूं समुद्र तट पर आना असामान्य है। उन्होंने कहा कि गर्म तापमान भी समुद्री की धाराओं को बदल सकता है और व्हेल के पारंपरिक खाद्य स्रोतों को स्थानांतरित कर सकता है।

बेहद सामाजिक प्राणी हैं पायलेट व्हेल
मेनेके ने कहा कि पायलट व्हेल बड़े पैमाने पर फंसने के लिए कुख्यात हैं। पायलेट व्हेल बहुत ही सामाजिक होती हैं और खतरे में पड़े समूह के साथियों के पीछे-पीछे आ जाती हैं। और इस कारण कई बार खुद भी खतरे में पड़ जाती हैं। मेनेके ने कहा कि भोजन के लिए व्हेल विभिन्न क्षेत्रों में चले जाते हैं और खाद्य स्रोतों की खोज करने लगे हैं। जब वे ऐसा करते हैं तो वे अच्छी स्वास्थ्य स्थिति में नहीं होते। वे भूख से तड़प रहे होते हैं तभी वे भोजन की तलाश में जोखिम उठाते हैं और इस कारण भटक कर समुद्र के किनारे आ जाते हैं।

दो साल पहले भी हुआ था ऐसा ही हादसा
विभाग के मुताबिक तस्मानिया में पायलट व्हेल का दिखना असामान्य नहीं है। यहां पहले भी कई बार व्हेल समुद्र तटों पर दिखती रही हैं। दो साल पहले सितंबर 2020 में तस्मानिया के समुद्र तटों पर लगभग 470 लंबे व्हेल पाए गए थे। एक हफ्ते प्रयास के बाद इनमें से 111 व्हेलों को बचाया जा सका, जबकि बाकियों की मौत हो गई। पर्यावरण विभाग का कहना है कि व्हेल एक संरक्षित प्रजाति है, यहां तक कि इसकी मौत के बाद भी इसके शव के साथ छेड़छाड़ करना अपराध है।












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