चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के 100 सालः चीन युवाओं को लुभाने में लगा, पर क्यों?
पहली जुलाई को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) अपनी स्थापना के सौ वर्ष मना रही है. हाल के दिनों में सीसीपी ने युवाओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने के प्रयास तेज़ किए हैं.
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हाल के दिनों में पार्टी की कहानी से युवाओं को अवगत कराने और उन्हें सीसीपी से जुड़ी अहम जानकारियों को लेकर शिक्षित करने पर ज़ोर दिया है.
सोशल मीडिया पर प्रचार कार्यक्रम शुरू करने से लेकर, प्रमुख विश्वविद्यालयों में सीसीपी के बारे में पढ़ाई के लिए रिसर्च सेंटर स्थापित करने तक, ऐसा लगता है कि चीनी सरकार इस अहम पड़ाव से पहले, देश के एक ख़ास वर्ग को लुभाने की कोशिश में लगी है.
मीडिया संस्थानों ने भी अन्य पहलों के साथ-साथ राष्ट्रपति शी जिनपिंग की छात्रों के साथ बातचीत को प्रमुखता से छापा और दिखाया है. पार्टी का मानना है कि ये युवाओं के लिए बढ़िया उदाहरण हैं.
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साइबरस्पेस में 'युवा आदर्श'
18 जून को "राइटिंग द यूथफुल चैप्टर ऑन द मदरलैंड" पहल शुरू की गई. जिसे चीन के शिक्षा मंत्रालय, चीन के सेंट्रल साइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन, कम्युनिस्ट यूथ लीग की केंद्रीय समिति और बीजिंग यूनिवर्सिटी ने संयुक्त रूप से प्रायोजित किया था.
जाने माने पोर्टल Sohu.com की 21 जून की रिपोर्ट के मुताबिक "राइटिंग द यूथफुल चैप्टर ऑन द मदरलैंड' पहल न्यू मीडिया उत्पादों को लॉन्च करेगी, वैचारिक और राजनीतिक शिक्षा के लिए एक ऑनलाइन प्रचार तंत्र तैयार करेगी और साइबर स्पेस में 'युवा आदर्शों' पर केंद्रित सेमिनार आयोजित करेगी."
पार्टी के 100 वर्ष के इस आयोजन से पहले मई के महीने में "ऐतिहासिक शून्यवाद" पर बीस लाख से अधिक पोस्ट हटाने के चीन के फ़ैसले को देखते हुए पार्टी के इस कदम को ख़ास तौर पर अहम माना जा रहा है.
बीते वर्ष जून में भारतीय सेना के साथ झड़प के दौरान मारे गए चीनी सैनिकों का अपमान करने के लिए इस साल फ़रवरी में चीन ने तीन ब्लॉगर्स को गिरफ़्तार किया था.
इन ब्लॉगर्स में से एक ने अपनी पोस्ट में उस झड़प के दौरान चीन के हताहत सैनिकों के सरकारी आंकड़े पर आपत्ति जताई थी.
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संस्कृति की आड़ में प्रोपगैंडा
सरकारी मीडिया 'रेड टूरिज़्म' के बढ़ने की बात करता रहता है जिसके तहत चीन अपने क्रांतिकारी अतीत को गढ़ने में अहम किरदार निभाने वाले स्थानों में पर्यटन को बढ़ावा देता है.
ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक 4 मई के दिन जब चीन युवा दिवस मना रहा था तब देश की क्रांतिकारी विरासत के सम्मान में इन ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करने पहुंचे युवा पर्यटक 'रेड टूरिज़्म' की ताक़त बने और फ़िज़ा में देशभक्ति का माहौल दिखा.
शंघाई की एक वेब पत्रिका सिक्स्थ टोन के मुताबिक, "शताब्दी वर्ष की अगुवाई में रैप आर्टिस्टों ने "100%" की टाइटल से एक गाना भी रिलीज़ किया है जिसमें चीन की उपलब्धियों के गुण गाए गए हैं. इसमें 5जी टेक्नॉलॉजी और देश के हालिया अंतरिक्ष कार्यक्रम की प्रशंसा की गई है."
हॉन्गकॉन्ग के प्रमुख अख़बार साउथ चाइन मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, इस गाने में 100 रैपर्स में से एक रैपर मर्सी ने अमेरिका, कनाडा और जर्मनी समेत जी7 देशों की आलोचना भी की है. उन्होंने उन पर चीन का विरोध करने का आरोप लगाया है.
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यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स पर फ़ोकस
शताब्दी वर्ष के इस आयोजन से पहले 22 जून को राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पेकिंग यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे 32 विदेशी छात्रों के प्रतिनिधियों की चिट्ठियों का जवाब दिया. इसमें अपनी वैश्विक पहुंच को और मजबूत बनाने का शी का प्रयास दिखता है. अपनी प्रतिक्रिया में शी ने छात्रों से सभी देशों के बीच दोस्ती को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया.
सरकारी मीडिया चाइना ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क ने अनुसार, "शी जिनपिंग ने कहा कि इस साल सीसीपी की स्थापना की 100वीं वर्षगांठ है. शी ने यह भी कहा कि 2021 समाजवाद के आधुनिकीकरण की दिशा में चीन की नई यात्रा के शुरुआत का वर्ष भी है."
मई में चीन के पेकिंग यूनिवर्सिटी ने सीसीपी के इतिहास की पढ़ाई के लिए एक नए ऐकडेमिक रिसर्च इंस्टीट्यूट (शैक्षणिक अनुसंधान संस्थान) का उद्घाटन भी किया.
वहीं ग्लोबल टाइम्स ने 5 मई को अपनी रिपोर्ट में बीजिंग स्थित समीक्षकों के हवाले से लिखा कि "सीपीसी की स्थापना की 100वीं वर्षगांठ पर इस केंद्र की स्थापना से यह संकेत मिलता है पार्टी अपने इतिहास पर अनुसंधान और शिक्षा के मामले में मजबूत हो रही है."
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युवाओं में असंतोष
युवा पीढ़ी को ध्यान में रख कर कम्युनिस्ट पार्टी की हाल की पहलों को देख कर थोड़ा आश्चर्य होता है.
युवा, ख़ास कर, यूनिवर्सिटी छात्रों ने सीसीपी के इतिहास को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इसके कई शुरुआती सदस्य 1919 के 'मे फोर्थ आंदोलन' से निकल कर आए थे.
पार्टी की युवा शाखा कम्युनिस्ट यूथ लीग इन दिनों गुटबाजी से त्रस्त है, इसके बावजूद पार्टी युवाओं के बीच अपनी पहुँच बनाने में कामयाब रही है.
राष्ट्रपति बनने के बाद शी जिनपिंग ने कम्युनिस्ट यूथ लीग के रैंक तक पहुँचे नेताओं के पर कतर दिए थे. ख़ास तौर पर इसमें सीसीपी यूथ लीग के प्रमुख किन यिझी का नाम आता है, जिनका 2017 में रैंक घटा दिया गया था.
चीन के युवाओं में वहां के कठोर वर्क कल्चर समेत अन्य कई मुद्दों पर असंतोष है. मई में सोशल मीडिया पर युवा यूज़र्स ने देश में कॉन्ट्रैक्ट नौकरी बाज़ार और घटते रोज़गार के अवसरों पर अपनी निराशा व्यक्त की. माना जाता है कि पहली बार इस पोस्ट को टिएबा पर देखा गया था, इसने तेज़ी से लोगों का ध्यान खींचा.
सिक्स्थ टोन ने 27 मई कि लिखा कि एक अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म डोबन पर लाइंग डाउन ग्रुप में क़रीब 6,000 सदस्य हैं.
इसके एक पॉपुलर पोस्ट में एक ख़ास किस्म के लाइफस्टाइल (टैंग पिंग) को अपनाने के लिए सात स्टेप्स बताए गए हैं. कार्यक्षेत्र में बढ़ते काम के दबाव के विरोध में युवाओं ने इस आंदोलन की शुरुआत की थी.
सरकारी मीडिया इस तरह के चलन की आलोचना करती है. ग्वांगझु के अख़बार नानफैंग डेली ने इसे शर्मनाक तक बताया.
आधिकारिक चाइना डेली ने पहली जून को युवाओं की शिकायतों के प्रति सहानुभूति दिखाने का रुख अख़्तियार किया, लेकिन साथ ही 'निराशावाद' को बढ़ाचढ़ा कर पेश करने के ख़िलाफ़ आगाह भी किया.
इसमें लिखा गया, "ये अच्छा है कि सरकार रास्ता निकाल रही है, ताकि युवाओं की चिंताओं को दूर किया जा सके. हाल के वर्षों में, घरों की कीमतों को कम करने और युवाओं के लिए सार्वजनिक किराए के घरों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में चीन ने अपने प्रयास बढ़ाए हैं."
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