भारतीय मूल का 'माही' बना दशक का 'टॉप जीनियस', आइंस्टीन-हॉकिंग से भी तेज है दिमाग
इससे पहले साल 2017 के अगस्त में भी भारतीय मूल के 12 वर्ष के लड़के को ब्रिटेन में टेलीविजन क्विज प्रतियोगिता में 'चाइल्ड जीनियस' के खिताब से नवाजा गया था
नई दिल्ली। एक बार फिर से भारतीय मूल के एक बच्चे ने ब्रिटेन में मेन्सा आईक्यू टेस्ट में बाजी मारी है। ब्रिटेन में भारतीय मूल के दस साल के मेहुल गर्ग ने मेन्सा आइक्यू टेस्ट में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर दशक में सबसे कम आयु में यह उपलब्धि हासिल की है। तेज दिमाग के मामले में मेहुल गर्ग ने अलबर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग को भी पीछे छोड़ दिया है। मेहुल गर्ग को उनके घर वाले प्यार से माही भी बुलाते हैं। उसकी मां दिव्या गर्ग ने बताया कि माही बहुत प्रतिस्पर्धी है।

भाई ने नक्शे कदम पर चलकर बना जीनियस
दस वर्षीय मेहुल गर्ग ने अपने 13 वर्षीय बड़े भाई ध्रुव गर्ग के नक्शे-कदम पर चलते हुए प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का फैसला किया। ध्रुव ने पिछले साल 162 अंकों के साथ सर्वाधिक स्कोर किया था। इस बार मेहुल ने भी इतना ही स्कोर किया है। मां दिव्या गर्ग ने बताया कि माही भी बहुत प्रतिस्पर्धी है। उसके भाई ने भी पिछले साल इतने ही अंक हासिल किए थे, तो वह भी यह दिखाना चाहता था कि वह अपने भाई से कम नहीं है।

भारतीय मूल के 12 वर्ष के लड़के को ब्रिटेन में टेलीविजन क्विज प्रतियोगिता में 'चाइल्ड जीनियस' के खिताब से नवाजा गया था
इससे पहले साल 2017 के अगस्त में भी भारतीय मूल के 12 वर्ष के लड़के को ब्रिटेन में टेलीविजन क्विज प्रतियोगिता में 'चाइल्ड जीनियस' के खिताब से नवाजा गया था। कुछ दिन पहले वह सारे सवालों का जवाब देकर रातोंरात सुर्खियों में आया था। चैनल फोर के शो 'चाइल्ड जीनियस' में राहुल ने नौ वर्षीय रोनन को कार्यक्रम के फिनाले में 10-4 से हराया था।

मेन्सा को दुनिया की सबसे बड़ी और पुरानी उच्च आईक्यू सोसायटी माना जाता है
आपको बता दे कि मेन्सा को दुनिया की सबसे बड़ी और पुरानी उच्च आईक्यू सोसायटी माना जाता है। वैज्ञानिक एवं वकील लांसलॉट लियोनेल वेयर और ऑस्ट्रेलियाई बैरिस्टर रोलैंड बेरिल ने 1946 में ऑक्सफोर्ड में इसकी स्थापना की थी। कई भारतीय मूल के बच्चों ने यहां अपने ज्ञान लोहा मनवाया है।












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