इमरान को 180 सीटें, US-ब्रिटेन नाराज, नवाज-बिलावल के मिले हाथ.. 10 सवालों में जानिए PAK चुनाव की इनसाइड स्टोरी
Pakistan Election Result: पाकिस्तान में गुरुवार शाम 5 बजे वोटिंग खत्म हो गई थी और चुनावी कानून के मुताबिक, रात 2 बजे तक सभी चुनावी परिणाम घोषित हो जाने चाहिए थे, लेकिन 50 घंटे बीत जाने के बाद भी सभी 265 सीटों के नतीजे नहीं आ पाए हैं।
पाकिस्तान नेशनल असेंबली की 266 सीटों में से चुनाव 265 सीटों पर ही हुए थे और अभी तक के चुनावी परिणाम में इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी से जुड़े निर्दलीय उम्मीदवारों ने 100 का आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि नवाज शरीफ की पीएमएल-एन ने 73 सीटें और बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने 54 सीटें जीती हैं।

पाकिस्तान चुनाव पर 10 बड़े सवाल
पहला सवाल- हालांकि, विभाजनकारी पाकिस्तान आम चुनाव 2024 में कोई स्पष्ट विजेता नहीं रहा है, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने केंद्र और पंजाब प्रांत में गठबंधन सरकार बनाने पर सहमत हुए हैं। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पीएमएल-एन के शहबाज शरीफ ने बिलावल भुट्टो और पीपीपी के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात कर उन्हें पाकिस्तान के लिए मिलकर काम करने के लिए आमंत्रित किया था, जिसके बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। लेकिन, सवाल ये हैं, कि चुनाव से पहले बिलावल ने सीना ठोककर कहा था, कि वो किसी भी हाल में नवाज की पार्टी से गठबंधन नहीं करेंगे। तो फिर उनके दावे का क्या हुआ?
दूसरा सवाल- पाकिस्तान में अभी वोटों की गिनती चल ही रही है, लेकिन राजनीतिक खरीद-फरोख्त शुरू हो गई है। हालांकि, जेल में बंद इमरान खान के निर्दलीय उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन बिलावल भुट्टो और नवाज शरीफ, दोनों ने निर्दलीय सांसदों को अपनी अपनी पार्टी से जुड़ने का ऑफर दे दिया है, लिहाजा सांसदों के सामने दो विकल्प बताए जा रहे हैं, एक तो पैसे लेकर पार्टी में शामिल हों और दूसरा विकल्प, पाकिस्तानी सेना का सामना करें।
तीसरा सवाल- इमरान खान की पार्टी से जुड़े उम्मीदवारों ने भले ही शानदार प्रदर्शन किए हों, लेकिन क्या वो इमरान खान के साथ बने रहेंगे, या फिर उन्हें धोखा देकर दूसरे विकल्पों की तलाश करेंगे, उन्हें इसका फैसला 3 दिनों के अंदर करना होगा। पाकिस्तानी कानून के मुताबिक, निर्दलीय उम्मीदवारों को तीन दिनों के अंदर किसी ना किसी पार्टी में शामिल होना पड़ता है, या फिर अपना एक अलग समूह बनाना अनिवार्य होता है।
चौथा सवाल- पूर्व प्रधानमंत्रियों नवाज शरीफ और इमरान खान दोनों ने शुक्रवार को जीत की घोषणा कर दी है, लिहाजा अब सवाल ये हैं, कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति निर्दलीय उम्मीदवारों वाली पार्टी पीटीआई को सरकार बनाने का न्योता देते हैं, या फिर नवाज शरीफ की पीएमएल-एन को, जिसने अभी तक 73 सीटें जीती हैं?
पांचवां सवाल- पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने देश को राष्ट्रीय चुनावों के "सफल आयोजन" के लिए बधाई दी है और कहा है, कि देश को "अराजकता और ध्रुवीकरण" की राजनीति से आगे बढ़ने के लिए "स्थिर हाथों" की आवश्यकता है। तो फिर क्या पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनमत का सम्मान करते हुए इमरान खान की पार्टी के खिलाफ दुश्मनी को भुला पाएंगे और इमरान खान को जेल से रिहा करेंगे?

छठा सवाल- संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने शुक्रवार को पाकिस्तान की चुनावी प्रक्रिया के बारे में चिंता व्यक्त की है और कथित अनियमितताओं की जांच का आग्रह किया। ऑस्ट्रेलिया ने भी पाकिस्तान में हुए चुनाव पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और चुनाव में धांधली को लेकर गंभीर चिंता जताई है। ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड कैमरन ने "चुनावों की निष्पक्षता और समावेशिता की कमी" पर सवाल उठाते हुए "गंभीर चिंताओं" का हवाला दिया है। तो क्या पाकिस्तान धांधली को स्वीकार करेगा?
सातवां सवाल- जेल में बंद इमरान खान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाया गया एक ऑडियो-विजुअल संदेश जारी किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश में नवाज शरीफ की जीत के दावे को भी खारिज कर दिया है, और अपने समर्थकों से जश्न मनाने का आह्वान किया, जिसे उन्होंने अपनी पार्टी पर कार्रवाई के बावजूद हासिल की गई जीत बताया है। ऐसे में सवाल ये हैं, कि क्या इमरान खान के खिलाफ सजा को सस्पेंड कर उन्हें फिर से प्रधानमंत्री बनने का मौका दिया जाएगा?
आठवां सवाल- आजादी के 75 साल पूरे होने के बावजूद, पाकिस्तान अभी तक एक फुल-प्रूफ चुनावी प्रणाली स्थापित नहीं कर पाया है। पाकिस्तान में इस बार चुनाव के दिन पूरे देश में मोबाइल सर्विसेज को बंद कर दिया गया था और काउंटिंग के वक्त करीब 10 घंटे तक चुनाव परिणाम को रोककर रखा गया। तो फिर सवाल ये हैं, कि पाकिस्तान का ये चुनाव इलेक्शन है या सलेक्शन?
नौंवां सवाल- पाकिस्तान के समर्थकों ने दावा किया है, कि फॉर्म-45 के तहत इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के 180 उम्मीदवार जीते हैं, लेकिन 80 से ज्यादा उम्मीदवारों को जबरन हरा दिया गया है। लिहाजा, पीटीआई के कई उम्मीदवारों ने ऊपरी अदालतों का रूख किया है। ऐसे में क्या वोटों की फिर से गिनती होगी?
10वां सवाल- पाकिस्तान में अब फिर से एक गठबंधन सरकार का गठन होगा, यानि जो भी सरकार बनेगी, वो तमाम फैसलों के लिए सहयोगियों पर निर्भर रहेगी। ऐसे वक्त में, जब देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है और गठबंधन सरकार में शामिल होने वाली पीएमएल-एन और बिलावल की पीपीपी की आर्थिक विचारधाराएं काफी अलग अलग हैं, क्या ये दोनों पार्टियां मिलकर पांच साल सरकार चला पाएंगी, या फिर पाकिस्तान में एक बार फिर से एक प्रधानमंत्री अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगा?












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