Indore News: हनीमून कांड में चौंकाने वाला खुलासा, पहले से तय था राजा रघुवंशी का मरना, रची गई थी कई साजिशें
MP Indore News: मेघालय के चेरापूंजी में हुए दिल दहला देने वाले हनीमून हत्याकांड की जांच में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। जिस शादी को जिंदगी की नई शुरुआत माना गया था, वो दरअसल मौत की स्क्रिप्ट का हिस्सा थी। पति राजा रघुवंशी की हत्या का षड्यंत्र न सिर्फ सुनियोजित था, बल्कि इसके लिए पहले भी कई प्रयास किए जा चुके थे।
गुरुवार को मामले की जांच कर रहे ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सिम ने मीडिया से बातचीत में इस बात की पुष्टि की कि राजा की हत्या अचानक नहीं हुई, बल्कि यह साजिश लंबे समय से चल रही थी, और इसमें उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी राज कुशवाह की अहम भूमिका थी।

राजा को मारने की दो बार पहले भी कोशिश
- एसपी सिम के मुताबिक, राजा को खत्म करने के लिए दो अलग-अलग प्लान पहले बनाए जा चुके थे-
- पहली कोशिश में सोनम को नदी में डुबोकर "गायब" दिखाने की योजना थी, ताकि मामला आत्महत्या जैसा लगे।
- दूसरी योजना में एक अज्ञात महिला की लाश को सोनम की स्कूटी के साथ जलाने का प्लान था, ताकि ऐसा लगे कि सोनम मर चुकी है और वो पहचान से बाहर हो जाए।
- हालांकि, ये दोनों योजनाएं विफल रहीं। लेकिन इसके बाद एक और भयावह योजना को अंजाम तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हुई।
11 मई को हुई शादी, 19 मई से शुरू हुआ आखिरी एक्ट
राजा रघुवंशी और सोनम की शादी 11 मई को इंदौर में हुई। इसके कुछ दिन बाद दोनों गुवाहाटी पहुंचे, जहाँ उन्होंने कामाख्या मंदिर के दर्शन किए। लेकिन इसी बीच सोनम के प्रेमी राज कुशवाह अपने तीन साथियों-विशाल, आनंद और आकाश (जिनमें से एक उसका चचेरा भाई भी है)-को गुवाहाटी बुला चुका था।
19 मई को चारों गुवाहाटी पहुंच चुके थे। यहाँ भी राजा को मारने की कोशिश की गई, लेकिन किसी कारणवश यह योजना विफल रही। इसके बाद सोनम ने चेरापूंजी घूमने का प्रस्ताव रखा और पूरा 'अंतिम प्लान' वही तय हुआ।
सोहरा में दिया गया हत्याकांड को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी चेरापूंजी (सोहरा) में एक पार्किंग स्थल पर मिले, जहाँ सोनम की मौजूदगी में राजा रघुवंशी की निर्मम हत्या की गई। इसके बाद उसका शव पास ही स्थित एक गहरी खाई में फेंक दिया गया।
यह पूरी घटना एक थ्रिलर मर्डर स्क्रिप्ट की तरह सामने आई है, लेकिन फर्क इतना है कि यहां कोई पर्दा नहीं था-सब कुछ असल था, और खलनायक वो लोग थे जो सबसे करीब माने जाते थे।
'कॉन्ट्रैक्ट किलिंग' नहीं, 'इमोशनल एहसान' था: एसपी
एसपी विवेक सिम ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई कॉन्ट्रैक्ट किलिंग नहीं थी। उन्होंने कहा- "यह कोई पेशेवर हत्या नहीं थी। राज ने अपने दोस्तों से यह काम इसलिए करवाया क्योंकि वह अपने रिश्ते को बचाना चाहता था। दोस्तों ने इसे एहसान समझकर अंजाम दिया, न कि पैसे के लालच में।"
सभी आरोपी गिरफ्तार, जल्द होगा सीन रीक्रिएशन
फिलहाल, इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड के सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। पूछताछ लगातार जारी है और एसपी ने बताया कि जल्द ही पूरा मर्डर सीन रीक्रिएट किया जाएगा, ताकि मामले की हर कड़ी को सही ढंग से जोड़ा जा सके।
सवाल खड़े हो रहे हैं...
- क्या राजा की हत्या को रोका जा सकता था?
- सोनम और राज इतने लंबे समय तक साजिश कैसे रचते रहे?
- परिवार और दोस्तों को शक क्यों नहीं हुआ?
- और सबसे अहम-क्या इस हत्याकांड के पीछे कोई और परत छुपी हुई है?
इस हत्याकांड ने न सिर्फ मेघालय बल्कि मध्यप्रदेश, खासतौर पर इंदौर के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है। जो रिश्ता सात फेरों से बंधा था, वो छल, धोखे और खून से लथपथ निकला। यह सिर्फ एक हत्या नहीं, भरोसे की भी बेरहमी से हत्या है।












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