Omkareshwar में शंकराचार्य प्रतिमा स्थापना की तैयारी, कमिश्नर ने की विकासकार्योंं की समीक्षा
प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के पास खंडवा में स्थित ओंकारेश्वर तीर्थ नगरी में आदि गुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जानी है, जहां इसे लेकर तैयारियों का सिलसिला शुरू हो चुका है।

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अध्यात्म की नगरी ओमकारेश्वर में आदि गुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जानी है, जहां इसे लेकर तैयारियों का सिलसिला शुरू हो चुका है। महाकाल लोक के बाद ओमकारेश्वर तीर्थ नगरी को संवारने की तैयारी की जा रही है। साथ ही यहां आदि गुरु शंकराचार्य की बेहद ही आकर्षक और विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची बहुधातु प्रतिमा व पेडेस्टल के निर्माण कार्य के लिए पुनरीक्षित लागत राशि 198.25 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। उधर, प्रशासन के अधिकारी लगातार बैठक लेकर प्रतिमा स्थापना कार्य, और अन्य विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं।
कलेक्टर को दिए दिशा-निर्देश
संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने गूगल मीट द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक में ओंकारेश्वर में आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने बैठक में ऑनलाइन शामिल कलेक्टर खंडवा अनूप कुमार सिंह को निर्देशित किया कि, वे सुबह ओम्कारेश्वर जाएं और समस्त कार्यों को देखकर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। संभागायुक्त डॉ. शर्मा ने ओम्कारेश्वर झूला पुल की स्थिति की भी जानकारी ली, और इसके वार्षिक मेंटेनेंस के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
दिए ये दिशा-निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि, पुल के एक बार पुनः सुरक्षा आडिट के बाद आगामी दिनों में इसके प्रारंभ करने की ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करें। बैठक में शामिल संस्कृति विभाग के डॉ. एस.के. मिश्रा ने बताया कि, प्रतिमा निर्माण के संदर्भ में विभिन्न विभागों से बेहतर समन्वय है, और कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा होने की पूरी उम्मीद है। निर्माणकर्ता एजेंसी द्वारा बताया गया कि, प्रतिमा निर्माण के लिए ज़मीन के लेवल तक कांक्रीट का आधारभूत कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रतिमा निर्माण का कार्य भी अन्यत्र सतत् रूप से जारी है।
ओंकारेश्वर में ली थी दीक्षा
ओमकारेश्वर से आदि गुरु शंकराचार्य का बेहद ही खास जुड़ाव रहा है। यही वह स्थान है, जहां शंकराचार्य ने दीक्षा ली थी। ओम्कारेश्वर को आदि गुरु शंकराचार्य की दीक्षा स्थली के रूप में भी जाना जाता है। यही कारण है कि, यहां सरकार ने विशाल प्रतिमा स्थापित करने का फैसला किया है। इसी के साथ ओमकारेश्वर तीर्थ नगरी को भी संवारा जाएगा। इससे पहले मध्यप्रदेश में महाकाल लोक को संवारा गया है, जिसे देखने अब दूर-दूर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं.
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