Indore News: राजवाड़ा दो दिन तक आम लोगों के लिए खुला, इंदौर की जनता देख सकेगी ऐतिहासिक कैबिनेट दरबार

MP News: शहर की ऐतिहासिक धरोहर राजवाड़ा इन दिनों एक बार फिर अपने पुराने वैभव की ओर लौटता नजर आ रहा है। अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को यहां आयोजित की गई कैबिनेट बैठक को लेकर इंदौरवासियों में भारी उत्सुकता देखी जा रही है।

पहली बार स्वतंत्र भारत के बाद ऐसा मौका आया है, जब किसी राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक किसी रियासत के दरबार हॉल में आयोजित हो रही है। यह नजारा न केवल इतिहास से सीधा जुड़ाव कराता है, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत करता है।

Rajwada is open for common people for two days people will be able to see historic Cabinet Durbar

राजवाड़ा में दरबार सजा, अब जनता देख सकेगी भव्यता

राजवाड़ा को इस खास बैठक के लिए दरबार की शक्ल में सजाया गया है। ठीक वैसे ही जैसे होलकर रियासत के समय मंत्रिपरिषद बैठा करती थी। कोई ऊँची कुर्सियाँ नहीं, बल्कि पटिए और गद्दों की पारंपरिक व्यवस्था की गई है। मंत्रियों के लिए विशेष मालवी वेशभूषा, पारंपरिक पगड़ियाँ, और सादा लेकिन गरिमामय वातावरण ने राजवाड़ा को ऐतिहासिक दरबार में बदल दिया है।

यह सब आम जनता देख सके, इसके लिए सांसद शंकर लालवानी और कलेक्टर आशीष सिंह ने पहल करते हुए निर्णय लिया कि राजवाड़ा आज और कल (दो दिन) तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा।

Rajwada: मंत्रियों के लिए खास भोजन, पारंपरिक बर्तनों में परोसा गया व्यंजन

कैबिनेट बैठक के दौरान मंत्रियों के लिए भोजन व्यवस्था भी पूरी तरह पारंपरिक रखी गई। ताम्बे और पीतल के बर्तनों में इंदौर और मालवा की शाही रसोई से बने व्यंजन परोसे गए। दाल, बाटी, कढ़ी, शाही पनीर, रामभाजी, दही बड़ा, हींग कचौरी, केसर श्रीखंड और मालवी लड्डू जैसे पारंपरिक व्यंजन मंत्रियों को परोसे गए। नाश्ते में पोहा-जलेबी, खमण और किशमिश-काजू जैसी स्थानीय व्यंजन भी शामिल किए गए।

Rajwada: शहरवासियों में उत्साह, रात तक पहुंच सकेंगे दर्शनार्थी

राजवाड़ा को देर रात तक खुला रखा जाएगा, ताकि कार्य के बाद भी लोग वहां पहुंच सकें और इस ऐतिहासिक दृश्य के साक्षी बन सकें। शहरभर के लोग यह देखने को उत्सुक हैं कि:

  • कैबिनेट बैठक की पारंपरिक साज-सज्जा कैसी है
  • राजवाड़ा सजने के बाद कैसा दिखता है
  • मंत्रियों का पहनावा और बैठक व्यवस्था कैसी रही
  • वह बाग-बगीचा जो आम दिनों में सामान्य लगता है, अब उत्सव में कैसा नजर आ रहा है

पहले भी सजावट देखने उमड़ी थी भीड़
इंदौर में आयोजित हुए इन्वेस्टर मीट और एनआरआई सम्मेलन के दौरान भी शहरवासियों ने ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में की गई सजावट को देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचकर उत्साह जताया था। अब जब बात अपने इतिहास और विरासत से जुड़े राजवाड़ा की हो, तो लोगों का उत्साह और बढ़ गया है।

संस्कृति और जनभावना का संगम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी कैबिनेट द्वारा इंदौर में आकर ऐतिहासिक स्थल पर बैठक करना न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जनता से जुड़ाव और धरोहरों के संरक्षण का एक मजबूत संदेश भी देता है।

राजवाड़ा अब सिर्फ अतीत की इमारत नहीं, बल्कि जनता के लिए एक जीवंत अनुभव बन चुका है। इंदौरवासियों के पास यह दुर्लभ अवसर है कि वे राजवाड़ा को वैसा देखें जैसा उसने 1945 में आखिरी बार दरबार लगते समय देखा था। यह पहल न केवल सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देती है, बल्कि शहरवासियों में गर्व और अपनापन भी जगाती है।

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